फायरिंग के दोषी को 10 साल की सजा:टीवी देख रहे युवक को घर से बाहर बुलाया, जान से मारने की नीयत से की थी फायरिंग

पाली7 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

जमीन विवाद में एक युवक को घर से बाहर बुलाकर जान से मारने की नीयत से उस पर फायरिंग करने के मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के एडवोकेट के तर्क व गवाहों के बयान सुनने के बाद अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश पाली डॉ. मनीषा चौधरी ने सोमवार को अभियुक्त नेपाल सिंह को दोषी माना तथा 10 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई।

अपर लोक अभियोजक प्रेमसिंह राठौड़ ने बताया कि 12 मार्च 2017 को खेतावास निवासी नेपालसिंह उर्फ महिपाल सिंह गांव के ही ताराचंद पुत्र मांगीलाल सीरवी के घर गया। टीवी देख रहे ताराचंद को घर से बाहर बुलाया। जैसे ही वह दरवाजे पर आया नेपालसिंह ने उस पर कट्‌टे से फायरिंग कर दी। जिससे कट्टे के छर्रे उसके पेट व सीने में लग गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जोधपुर रेफर किया गया। मामले में पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने जानलेवा हमले का मामला दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पाली डॉ मनीषा चौधरी ने अभियुक्त नेपाल सिंह को दोषी मानते हुए 29 नवम्बर 2021 को 10 साल के साधारण कारावास एवं 20 हजार रुपए के जुर्मान की सजा सुनाई।

दोनों में चल रहा था जमीन
दोनों के बीच जमीन विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते नेपालसिंह ने ताराचंद सीरवी को जान से मारने की नीयत से उसे घर से बाहर बुलाकर फायरिंग की थी।