मनरेगा:चंडावल में चार सौ मजदूरों को मनरेगा में पंजीयन के बावजूद काम नहीं मिला, ग्राम पंचायत में किया हंगामा

चंडावलएक वर्ष पहले
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  • मजदूराें में प्रवासी भी शामिल, ग्राम पंचायत द्वारा काम मांगने के बावजूद मंजूर नहीं हुए कार्य, मजदूरी के लिए भटक रहे हैं श्रमिक

कोरोना वायरस के संकट के दौर के समय में ग्रामीण हल्के में सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी व स्थानीय मजदूरों को मनरेगा में रोजगार नहीं मिलने को लेकर हो रही है। सोजत तहसील के चंडावल नगर ग्राम पंचायत में करीब 480 मजदूरों द्वारा मनरेगा में रोजगार मजदूरी के लिए पंजीयन करवाने के बावजूद सोजत पंचायत समिति व जिला परिषद अधिकारियों द्वारा चंडावल ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा में होने वाले काम कि कार्ययोजना बनाकर स्वीकृति के लिए भेजने के बावजूद  मस्टररोल जारी नही किये जा रहे हैं।

मनरेगा में मजदूरी नहीं मिलने से नाराज प्रवासी व ग्रामीण मजदूरों ने मंगलवार काे सरपंच के समक्ष हंगामा करते हुए रोष जताया।   कोरोना महामारी के चलते अपने गांव पहुंचे प्रवासी व स्थानीय चंडावल ग्राम के महिला पुरुष व युवाओं को मनरेगा में रोजगार के लिए काम मांगने के बाद भी करीब 130 प्रवासी व 350 ग्रामीण मजदूर को रोजगार नहीं मिलने से मजदूरों ने चंडावल राजीव गांधी सेवा केंद्र पहुंचकर सरपंच घेवरचंद भाटिया के सामने रोष प्रकट किया है।

ग्रामीणाें ने सरपंच के समक्ष रोष जताते हुए बताया कि कोरोना काल में 600 से अधिक मजदूरों ने गत सप्ताह मनरेगा में मजदूरी के लिए पंजीयन करवाया था, लेकिन  मात्र एक गाेचर में नाडी खुदाई के लिए मात्र 120 मजदूरों को ही रोजगार मिला। जबकि शेष ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिला है, जिससे प्रवासी लोगों सहित गांव के मजदूरों के लिए रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। 
ग्राम पंचायत ने भेजा प्रस्ताव, कामाें काे नहीं मिली मंजूरी

सरपंच घेवरचंद भाटिया ने बताया कि मनरेगा के तहत ग्रेवल सड़क निर्माण कार्य सावलराम की ट्यूबवैल से छितरिया बेरी, ग्रेवल सड़क देवली रोड से बेरा ढबूड़ा, ग्रेवल सड़क निर्माण कार्य उदेशी कुआं रोड से पुरोहितों की ढाणी, नया बेरा नाडी खुदाई, छापरिया नाडा विकास व विस्तार कार्य, पंचायत खेत कि धोरा पाली सहित कई स्थानों पर कार्यस्थल चिह्नित कर पंचायत समिति सोजत को भेजे हुए हैं।

ऐसे में प्रशासन द्वारा कोरोना महामारी के चलते बेरोजगार हुए सैकड़ों श्रमिकों को रोजगार दिए जाने की बात कही थी। इसके लिए ग्राम पंचायत में काम करने के इच्छुक लोगों से आवेदन भी लिए गए थे। 4 से 5 दिन पूर्व कस्बे के 600 के करीब श्रमिकों ने रोजगार के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन किया था तथा उनसे कहा गया था कि 7 जुलाई से विभिन्न स्थानों पर लोगों को रोजगार दिया जाएगा।

वहीं, दूसरी ओर पंचायत समिति द्वारा एक गाेचर भूमि में नाडी खुदाई का के लिए मात्र 120 मजदूरों का एक मात्र मस्टररोल मंगलवार को जारी हुआ है। बाकी के कार्य स्वीकृत नही होने व मस्टररोल जारी नहीं किए जाने से करीब 480 मजदूर को मनरेगा के तहत रोजगार नहीं मिला है, जिसमें प्रवासी मजदूर भी शामिल है। रोजगार नहीं मिलने से साथ श्रमिक पंचायत में चक्कर लगाने को मजबूर हैं। ऐसे में संकट की इस घड़ी में  मनरेगा के तहत लोगों को काम नहीं दिया जा रहा है।

महिला मेट पर धांधली का आरोप
चंडावल नगर ग्राम पंचायत में मनरेगा मजदूरी कार्य में महिला मेट प्रेमलता द्वारा मजदूरों को पानी पिलाने वाले एक बुजुर्ग की जगह अपने पिता की हाजिरी भर कर धांधली करने का मामला मनरेगा मजदूरों ने सरपंच के समक्ष उठाया। मजदूर अल्लानूर ने आरोप लगाया है गत सप्ताह वह खुद  मजदूरों को पानी पिलाई का कार्य पर था।

महिला मेट ने धांधली करते हुए पानी पिलाई कार्य में अपने पिता भगवतीप्रसाद का नाम गलत इंद्राज कर फर्जी तरीके से मजदूरी उठा ली। अल्लाह नूर ने बताया कि जबकि यह मजदूरी उसके खाते में अानी चाहिए। पीड़ित ने सरपंच से मामले की जांच करवाने की मांग की। 
शेष कामाें की स्वीकृति जल्दी दिलाएंगे
साेजत पंचायत समिति के सहायक अभियंता नेमाराम ने बताया कि चंडावल ग्राम पंचायत में गोविंद सागर बांध में नहर निर्माण व देवली रोड गाेशाला के सामने नाडी खुदाई  कार्य कि स्वीकृति जारी कर दी है। आगामी दो-तीन दिन में 240 मजदूरों को रोजगार मिलेगा। शेष कार्य की शीघ्र ही स्वीकृति दिलाकर मनरेगा मजदूरों को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।

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