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ठेके चौबीसों घंटे अनलॉक:दूध मिले न मिले शराब हाजिर, रायपुर में तो गोशाला काे ही बना दिया ठेका

पाली19 दिन पहले
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दृश्य-1 : मस्तान बाबा तिराहे। - Dainik Bhaskar
दृश्य-1 : मस्तान बाबा तिराहे।
  • पाली से बर तक 90 किमी हाईवे पर घूमी भास्कर टीम, 22 ठेकों काे खंगाला, 16 जगह अवैध रूप से बिकती मिली शराब

काेराेना महामारी शराब काराेबारियाें के लिए आपदा में माेटी कमाई का बड़ा अवसर लेकर आई है। लाेगाें काे दूध-डेयरी, किराणा सामान तथा ब्रेड-बिस्किट के लिए भी तरसना पड़ रहा है। लेकिन जितनी मांगाें उतनी शराब 24 घंटे मुंहमांगी कीमत पर मिल जाएगी। प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन में सुबह 6 से 11 बजे तक शराब दुकानाें काे खाेलने की अनुमति दे रखी है, लेकिन दुकान के आसपास माैजूद सेल्समैन हर वक्त शराब बेचते हुए नजर आ रहे हैं।

रायपुर में ताे ठेकेदार ने अपनी दुकान काे पड़ाेस में स्थित गोशाला में शिफ्ट कर दिया है। वहीं से शराब बेची जा रही है। दैनिक भास्कर ने पाली से बर तक 90 किमी तक फाेरलेन समेत आसपास स्थित शराब की दुकानाें काे देखा ताे पता चला कि यहां न केवल शराब बेची जा रही है, बल्कि शराबियाें काे ठेके पर ही बिठाकर शराब परोसी भी जा रही है। सरकार ने शराब की दुकानाें में पर्याप्त राेशनी तथा हवा के लिए खिड़की अनिवार्य की है। अब यही खिड़की लॉकडाउन में इनके शराब बेचने का प्रमुख जरिया बनी हुई है।

लॉकडाउन में सुबह 11 बजे तक दुकानें खोलने के आदेश, ठेकेदारों ने शराब बेचने के लिए खड़े किए चाेर रास्ते

दृश्य-1 : मस्तान बाबा तिराहे

पाली शहर के मस्तान बाबा तिराहे के समीप ही एक स्थान पर खुलेआम शराब बेची जा रही है। यहां शाम के 7 बजे बाद ताे शराब खरीदने के लिए लाेगाें की भीड़ लग जाती है। फाेटाे जर्नलिस्ट के फाेटाे क्लिक करते वक्त कुछ लाेगाें ने यहां विरोध भी किया।

दृश्य-2 : कालब कलां

कालब कलां दुकान में खिड़की है। यहीं शराब बेचने का प्रमुख जरिया बनी हुई है। लॉकडाउन में दुकान ताे दिखावे के ताैर पर बाहर से बंद रहती है, मगर अंदर से सेल्समैन काे बुलाने के लिए खिड़की बजानी पड़ती है। यहां पर दोगुने दाम में शराब बिक रही है।
दृश्य-3 : रामासिया फाेरलेन

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​​​​​​​रामासिया फाेरलेन- वीके हाेटल शराब की दुकान के पास ही सेल्समैन बैठा है। वहां पर कुछ लाेगाें काे खुले में ही शराब परोसी जा रही है। रिपोर्टर ने पव्वा मांगा ताे पीछे के रास्ते से दुकान में घुसा। 150 रुपए का पव्वा लाया। 250 रुपए मांगे। हेमावास की दुकान पर भी यही दर थी।

दृश्य-4 : रायपुर बस स्टैंड

रायपुर बस स्टैंड पर गोशाला के पास शराब की दुकान है, जो बंद कर रखी है, मगर सेल्समैन ने ठेकेदार के कहने पर शराब का स्टाॅक गोशाला में ही कर रखा है। यहीं से शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है। रात काे भी सेल्समैन वीं रहता है। यहां शराब हर समय उपलब्ध है।

शाम होते-होते दो से चार गुना तक कीमत में बढ़ोतरी

शहर के पणिहारी तिराहे से बर चाैराहे तक कुल 22 शराब की दुकानाें काे देखा, इसमें से 16 दुकानाें पर सेल्समैन खुले रूप से भरी दाेपहरी लेेकर देर रात तक शराब बेचते नजर आए। सुबह 6 से 11 बजे तक खुलने वाली इन दुकानाें पर शराब की कीमत भी ठेकेदारों ने मनमर्जी से तय कर रखी है। वक्त के साथ ही कीमतें बदलती रहती हैं। लॉकडाउन में इन लाेगाें ने शराब की कीमतों को तीन से चार गुना बढ़ा रखा है। कुछ इलाकाें में ताे ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की होम डिलीवरी तक की सुविधा भी दी जा रही है।

निर्धारित समय के बाद अधिकृत दुकान से शराब बेचना अपराध है। अगर ऐसा हाे रहा है ताे संबंधित क्षेत्र के इंस्पेक्टर काे भेजकर कार्रवाई करवाई जाएगी।
- डाॅ. सरदार भूपेंद्रसिंह, जिला आबकारी अधिकारी, पाली

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