पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Pali
  • In 4 Days, As Much Water As Drinking Water Has Come For 3 Months, The River Flowing 4 Feet Got The Support Of Sei At 12 O'clock.

आज 15 फीट होने की उम्मीद:4 दिन में 3 माह पीने जितना पानी आ चुका, 4 फीट बहती बेड़ा नदी को रात 12 बजे सेई का भी साथ मिला

पाली/सुमेरपुर12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
सेई सुरंग का गेट खाेलने के बाद बहता पानी। यह पानी बेड़ा नदी के माध्यम से जवाई में आएगा। - Dainik Bhaskar
सेई सुरंग का गेट खाेलने के बाद बहता पानी। यह पानी बेड़ा नदी के माध्यम से जवाई में आएगा।
  • सेई बांध का गेट खाेला, यहां से करीब 125 एमसीएफटी पानी पहुंचेगा
  • रात 12 बजे तक जवाई 12.60 फीट

मानसून जाते-जाते खुशियां दे रहा है। जवाई कमांड एरिया में पिछले दाे दिन से हाे रही अच्छी बारिश के चलते बेड़ा नदी अब तेज बहाव से चल रही है, जिससे जवाई बांध का गेज भी बढ़ रहा है। इधर, जवाई के सहायक बांध सेई में जमा पानी काे लेने के लिए गेट खाेल दिए गए हैं। इसका पानी भी रात 12 बजे बाद जवाई अधिग्रहण क्षेत्र में आने से गेज तेजी से बढ़ना भी शुरू हाे गया।

जवाई बांध में रात 12 बजे तक 12.60 फीट यानी 874.40 एमसीएफटी पानी आ चुका था। सेई से कुल 250 में से 125 एमसीएफटी पानी उपलब्ध हाे सकेगा। जवाई के सहायक सेई बांध में 3.70 मीटर जल स्तर पहुंचने पर इसकी सुरंग के गेट जल संसाधन विभाग द्वारा रविवार दाेपहर 2.30 बजे खोले गए। बताया जाता है कि बेड़ा नदी चलते करीब 8 से 10 घंटे बाद सेई का पानी जवाई बांध में पहुंचना शुरू हाे जाएगा।

एईएन राज भवरायत ने बताया कि सेई से 250 एमसीएफटी पानी लिया जाएगा, जाे बेड़ा नदी से हाेते हुए 8 से 10 घंटे के बाद रात करीब 12 बजे के बाद जवाई में पहुंचेगा। जवाई बांध जलभराव क्षेत्र में इस बार कमजोर बारिश के कारण इसका जलस्तर महज 2.20 फीट ही बढ़ पाया है। 61.25 फीट भराव क्षमता वाले इस बांध का जल स्तर 12.60 फीट के साथ 874.40 एमसीएफटी तक ही पहुंच पाया है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सेई कमांड क्षेत्र में हुई बारिश के चलते सेई बांध में करीब 3.70 मीटर पानी का भराव हुआ है। सेई बांध का ओवरफ्लो पानी पूरी तरह व्यर्थ बह जाता है। राजस्थान-गुजरात सीमा के निकट स्थित सेई बांध जवाई का सहायक बांध बनाया हुआ है। पहाड़ी क्षेत्र में होने वाली बारिश के कारण सेई बांध में पानी की अच्छी आवक होती है। इसे एक सुरंग के जरिए जवाई से जोड़ा हुआ है। रविवार दाेपहर काे टनल के गेटाें काे खाेला गया।

करीब 2000 से 2200 एमसीएफटी पानी और चाहिए

अनुमान के ताैर जवाई बांध से सितंबर माह से जून तक पेयजल के लिए करीब 2000 से 2200 एमसीएफटी (लाइव वाटर) पानी की आवश्यकता है। आवश्यकता के अनुसार जवाई में अभी बहुत कम पानी आया है। हालांकि करीब 1000 से 1500 एमसीएफटी (लाइव वाटर) पानी भी जवाई में आता है ताे वर्तमान पेयजल सप्लाई के हिसाब से जिलेवासियाें की प्यास बुझाई जा सकती है।

50%छीजत में जाएगा पानी

जल संसाधन विभाग के अधिकारियाें बताया कि 250 एमसीएफटी सुरंग से बेड़ा नदी हाेते हुए जवाई में पहुंचेेगा, लेकिन इसमें से 50% पानी छीजत में चला जाएगा यानि करीब 125 एमसीएफटी पानी ही पहुंचेगा। सेई से पेयजल के लिए करीब 21 दिन का पानी पहुंचेगा।

आवक बढ़ने से राहत...वाटर ट्रेन की तिथि अक्टूबर से आगे बढ़ेगी

सेई और जवाई बांध का पानी मिलाकर कुल 999.4 एमसीएफटी हाेता है। इसमें से 550 एमसीएफटी डेड स्टाेरेज निकालने के बाद 449.4 एमसीएफटी पानी पीने याेग्य जमा हाेगा। वर्तमान में जलदाय विभाग 5 से 6 एमसीएफटी पेयजल के लिए खर्च कर रहा है। इसके हिसाब से कुल 90 दिन यानी 3 माह का पानी पीने याेग्य मिलेगा।

हालांकि अभी जवाई कमांड एरिया में बारिश हाेने और बेड़ा नदी का बहाव तेज हाेने के चलते देर रात तक बांध के गेज में परिवर्तन भी हाेते रहे। अनुमान के ताैर पर जवाई का गेज सुबह तक 14 से 15 फीट पहुंचने की संभावना है।

जवाई बांध से उम्मीद बढ़ी, गेज और बढ़ेगा

जवाई बांध में अभी कम पानी जमा हुआ है। एक हजार एमसीएफटी में 3 माह पीने याेग्य पानी हाेगा। एक साल की पेयजल सप्लाई के लिए अभी पानी कम है। माैसम विभाग के अनुसार अभी लगातार बारिश है। जवाई का गेज बढ़ने की पूरी उम्मीद है। सेई का गेट भी खाेला गया है। -जेपी शर्मा, एसई, जलदाय विभाग पाली

खबरें और भी हैं...