मेडिकल कॉलेज में मूक बधिरों की जांच पर संकट:इंटरव्यू हुए, पर कम तनख्वाह में नहीं आया ऑडियाेलाॅजिस्ट

पाली12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोई नहीं करना चाहता 21 हजार में ज्वाइन, बांगड़ में रोजाना 10 से 15 मूकबधिर पहुंच रहे जांच करवाने

बांगड़ अस्पताल के मेडिकल काॅलेज से संबद्ध हाेने के बाद भी यहां मूकबधिर मरीजों की जांच के लिए ऑडियाेलाॅजिस्ट नहीं हाेने से हर रोज तकरीबन 10 से 15 मरीजों काे जांच के लिए जाेधपुर जाना पड़ रहा है। वहां भी मरीजों की संख्या अधिक हाेने कारण पाली के मरीजों काे जांच में दाे दिन तक इंतजार करना पड़ता है।

करीब 5 लाख की लागत वाली ऑडियाेलाॅजी मशीन तो मेडिकल कॉलेज को मिल गई, लेकिन अब तक इसके लिए ऑडियाेलाॅजिस्ट नहीं मिल रहा है। इसकी मुख्य वजह है कम वेतन। दरअसल, ऑडियाेलाॅजिस्ट को वेतन के रूप में केवल 21 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं, जो उनकी योग्यता से बेहद कम है।

जानकारों की माने तो बीते दिनों ऑडियाेलाॅजिस्ट पद के लिए 4 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन इनमें से तीन तो इंटरव्यू में ही अयोग्य साबित हो गए, एक अभ्यर्थी कोलकाता से इंटरव्यू देने आया था, लेकिन कम वेतन के चलते वह जॉइन करने ही नहीं आया।

दिव्यांग प्रमाण-पत्र लेने पाली-जोधपुर के चक्कर

अस्पताल में ऑडियाेलाॅजी जांच नहीं हाेने के कारण दिव्यांग प्रमाण पत्र लेने के लिए पहुंचने वाले मूक बधिर लाेगाें काे भी जाेधपुर भेजा जा रहा है। इसके चलते उन्हें प्रमाण-पत्र के लिए भी दाे से तीन दिन लग रहे हैं।

इंटरव्यू के बाद जॉइन ही नहीं करने आया अभ्यर्थी

पिछले दिनों 4 लोगों का इंटरव्यू हुआ, जिनमें से 3 अयोग्य थे। एक आवेदक कोलकाता से आया था, लेकिन उसने जॉइन ही नहीं की। अब वापस नए सिरे से इंटरव्यू करवाए जाएंगे।

-डॉ. गौरव कटारिया, विभागाध्यक्ष, ईएनटी

खबरें और भी हैं...