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  • Investigation Revealed That Even More Than One And A Half Lakhs Were Hidden In The Cupboards, The Lockers Are Yet To Be Eaten.

20 लाख के नोट जलाने वाले तहसीलदार की कहानी:पत्नी और खुद के 16 से ज्यादा बैंक अकाउंट, दो महीने पहले हुआ था APO; पुलिस अफसरों को भी घंटों खड़ा रखता था

पाली7 महीने पहले
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सिराेही के पिंडवाड़ा में रिश्वत के आराेप में गिरफ्तार पिंडवाड़ा तहसीलदार कल्पेश जैन और भांवरी के रेवेन्यू इंस्पेक्टर परबतसिंह राजपूत काे एक दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) पाली ने शुक्रवार काे यहां एसीबी की विशेष अदालत में दोनों को पेश किया, शनिवार को फिर पेश किया जाएगा। अब तक एसीबी की जांच में सामने आया है कि बालाेतरा के मूल निवासी तहसीलदार कल्पेश जैन परिवार के साथ पिंडवाड़ा में ही रहता है। उसने बाड़मेर जिले के बालाेतरा स्थित अपना मकान किराए पर दे रखा है, जबकि बालाेतरा में ही एक भूखंड भी ले रखा है। उसके अपने व पत्नी के नाम से कई बैंकाें में 16 से अधिक खाते हैं। इन सभी बैंक खातों काे एसीबी ने फ्रिज करवा दिया है।

हालांकि, इन बैंक अकाउंट की विस्तृत स्टेटमेंट डिटेल आना बाकी है। शुरुआती ताैर पर इन बैंक अकाउंट में 20 लाख रुपए से ज्यादा नकदी जमा है। बुधवार को एसीबी की कार्रवाई के दाैरान आराेपी तहसीलदार ने अपनी पत्नी की मदद से रुपयाें की गडि्डयां गैस चूल्हे पर जला दी थीं, जाे लगभग 20 लाख रुपए के करीब है। एसीबी ने उसके मकान की फिर से तलाशी ली ताे अलमारी में 1 लाख 31 हजार रुपए नकद मिल गए। जांच में सामने आया है कि तहसीलदार ने बैंक में लाॅकर भी ले रखा है। उस लाॅकर में घूस लेकर जमा किए रुपए व साेना-चांदी के जेवरात भी हाे सकते हैं। एसीबी आराेपी तहसीलदार से पूछताछ कर बैंक का लाॅकर भी खुलवाएगी।

पिंडवाड़ा के तहसीलदार (बीच में सफेद मास्क) और आरआई को विशेष कोर्ट में पेश करने ले जाती एसीबी की टीम ।
पिंडवाड़ा के तहसीलदार (बीच में सफेद मास्क) और आरआई को विशेष कोर्ट में पेश करने ले जाती एसीबी की टीम ।

यहां पढ़िए पूरी खबर: तहसीलदार ने 20 लाख के नोट जलाए:राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो ने छापा मारा तो अफसर ने खुद को कमरे में बंद किया और नोट गैस चूल्हे पर जला दिए

पुलिस अफसराें काे भी घंटाें तक खड़ा रखता था, दो महीने पहले हुआ था एपीओ
तहसीलदार कल्पेश जैन की कार्यप्रणाली शुरू से विवादाें में रही। चूंकि तहसीलदार काे न्यायिक मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदत हैं। ऐसे में छाेटे-माेटे अपराध में पुलिस आराेपी काे तहसीलदार के समक्ष पेश करती है। आराेपी तहसीलदार ऐसी कार्रवाई के दाैरान मुल्जिमाें काे उनके समक्ष पेश करने के दाैरान पुलिस अफसराें काे भी घंटाें तक खड़ा रखता था। पिंडवाड़ा में तहसीलदार के रूप में 28 नवंबर, 2019 काे जैन की पाेस्टिंग हुई, लेकिन कुछ समय बाद ही इनकी कार्यशैली के विराेध में पटवारी, स्थानीय स्टाफ और वकील संघ भी खड़े हाे गए थे। घूस लेने के लिए दबाब बनाने की लिए वे पटवारियाें के कामकाज में दखल देते थे। दाे माह पहले पटवार मंडल व वकील मंडल ने उनके खिलाफ विराेध प्रदर्शन कर धरना दिया था। इसकी शिकायत पर उनकाे एपीओ (अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर) कर दिया था। कुछ दिन बाद आराेपी तहसीलदार अपने एपीओ आदेश पर काेर्ट से स्टे ले लिया, जिसके बाद से पिंडवाड़ा में ही तैनात है।

देखें, किस तरह तहसीलदार ने जलाई थी काली कमाई

सरकारी काम में बाधा और मुद्रा अपमान का केस, पत्नी भी बन सकती है आराेपी
एसीबी ने बुधवार काे पिंडवाड़ा में आराेपी तहसीलदार काे गिरफ्तार करने आवास पर गई ताे उसने दरवाजा बंद कर लिया था। तहसीलदार ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर रसाेई में गैस चूल्हे पर 500 रुपए के नोटों की गडि्डयों काे आग में जलाते रहे। इसका वीडियाे एसीबी ने बनाया, बाद में पिंडवाड़ा थाने से पुलिस बुलाकर दरवाजा ताेड़ अधजले नाेट भी पुलिस काे बरामद करवाए। इस मामले में पिंडवाड़ा पुलिस थाने के एसआई देवाराम की ओर से एसीबी के राजकार्य में बाधा पहुंचाना तथा राष्ट्रीय मुद्रा के अपमान के आराेप में केस दर्ज कराया गया है। रिपाेर्ट में हालांकि आराेपी तहसीलदार काे ही नामजद किया गया है। एसीबी की ओर से जाे वीडियाे पिंडवाड़ा पुलिस काे साैंपा गया है। उसमें आराेपी तहसीलदार की पत्नी भी नाेट जलाते दिख रही है। पिंडवाड़ा पुलिस ने एसीबी की कार्रवाई के दाैरान ही सबूत नष्ट करने के लिए अधजले रुपए की गडि्डयों के साथ में चूल्हा भी बरामद किया है। ऐसे में आराेपी तहसीलदार की पत्नी भी इस केस में आराेपी बनाई जा सकती है।

दोनों को अलग-अलग पुलिस ने रखा
एसीबी द्वारा ट्रैप किए गए तहसीलदार कल्पेश जैन व आरआई परबतसिंह काे कार्रवाई की तस्दीक कराने के बाद अलग-अलग रखा जा रहा है। जांच प्रभावित हाेने व भ्रमित करने वाले बयान की आशंका में दाेनाें काे पाली में पेश करते समय भी अलग-अलग रखा गया। रिमांड मिलने के बाद एसीबी दाेनाें काे अपने साथ कार्यालय में पूछताछ के लिए ले गई, जिनके बीच भी दूरी रखी गई। गुरुवार रात काे एसीबी ने आरोपी तहसीलदार काे पाली के टीपी नगर थाने की हवालात में और आराेपी आरआई काे काेतवाली थाने की हवालात में रखा। शुक्रवार की रात काे भी दाेनाें ने इन्हीं थानाें की हवालात में रात गुजारी। शनिवार काे एसीबी इन दाेनाें आराेपियाें काे फिर से काेर्ट में पेश करेगी।

पिंडवाड़ा पुलिस भी जांच करेगी
डीआईजी एसीबी जोधपुर जोन डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि रिमांड पर चल रहे आराेपी तहसीलदार कल्पेश जैन व आरआई परबतसिंह काे काेर्ट के आदेश पर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। ट्रैप कार्रवाई के दाैरान एसीबी ने पिंडवाड़ा पुलिस काे भी माैके पर बुलाया था। पुलिस दल ने भी एसीबी के अधजले नाेटाें की गड्डियां बरामद की थीं। एसीबी ताे अपने मामले में जांच कर रही है,लेकिन पिंडवाड़ा पुलिस अपने यहां दर्ज मामले की जांच करेगी।

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