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अनूठी अंतिम इच्छा:जीते-जी मोक्षधाम में रोपे 1000 पौधे, अब अस्थियां भी इन्हीं में विसर्जित

पाली14 दिन पहलेलेखक: राजेश शर्मा
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सोजत रोड. मुक्तिधाम में डॉ. बी.सी. अग्रवाल की अस्थियां पेड़ों में समर्पित करते पुत्र। - Dainik Bhaskar
सोजत रोड. मुक्तिधाम में डॉ. बी.सी. अग्रवाल की अस्थियां पेड़ों में समर्पित करते पुत्र।
  • साेजत में मुक्तिधाम की नींव रखी थी डाॅ. बीसी अग्रवाल ने, अंतिम इच्छा थी कि मरने के बाद भी पेड़ों में जिंदा रहूं

मरने के बाद अस्थियाें काे गंगा नदी और पुष्कर में विसर्जित करने की परंपरा है, लेकिन कस्बे के एक समाजसेवी की अस्थियां रविवार काे उनके पुत्राें ने यहां मुक्तिधाम में लगे पेड़ाें काे समर्पित की। सुनने में अजीब है लेकिन पर्यावरण संरक्षण काे लेकर क्षेत्र में अपनी पहचान रखने वाले डाॅ. बीसी अग्रवाल की अंतिम इच्छा भी यही थी।

इस मुक्तिधाम की स्थापना उन्हाेंने की और यहां लगभग एक हजार पाैधे लगाकर उनकाे वृक्ष रूप में तब्दील हाेने तक देखभाल भी उन्हाेंने ही की। तबीयत खराब हुई ताे अंतिम इच्छा बताई कि इन पेड़ाें में ही मेरा जीवन बसता है इसलिए मेरी अस्थियां यहीं इन पेड़ाें में ही समाहित करना। मरने के बाद भी इन पेड़ाें में जिंदा रहना चाहता हूं।

उनका 27 मई काे जाेधपुर में निधन हाे गया। उनके पुत्र डाॅ. विवेक, डाॅ. मिनेश व अन्य परिजन रविवार काे यहां पहुंचे और उनकी इच्छानुसार अस्थियाें काे पेड़ाें में डाला। राख अधिकांश पेड़ाें में डाली गई। बेटाें ने कहा परंपरा से बड़ी पापा की इच्छा थी। वे पेड़ाें के लिए जीते थे और उनकी चर्चा में भी अधिकांशतया पर्यावरण की बातें ही शामिल रहती थी।

शव नदी में जलाते थे, उसकाे देख 50 साल पहले माेक्षधाम को विकसित किया
ग्रामीणाें ने बताया कि 50 साल पहले लाेग शवाें काे सुकड़ी नदी में ही जलाते थे। डाॅ. अग्रवाल ने ये देखा ताे माेक्षधाम की नींव रखी। दस बीघा माेक्षधाम में और बाहर की तरफ राेड के दाेनाें ओर एक हजार से अधिक पाैधे लगाए और उनकाे बड़ा भी किया। प्रतिदिन पत्नी के साथ मिलकर उनकाे पानी पिलाना रूटीन में शामिल था।

माेक्षधाम में छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, नहाने के लिए पानी के टांके की व्यवस्था भी कराई। निर्धन बच्चों को शिक्षित करने व मुक्तिधाम में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित कर दर्जनों लोगों को नशे की लत से मुक्त करवाया। रविवार काे मुक्तिधाम में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर कन्हैयालाल गोयल, प्रितम मितल, हेमंत व्यास, नाथूसिंह, हरफूलसिंह, अनिल शर्मा, अमित गोयल, भैरूलाल तिवारी, डाॅ. देशबंधु तिवारी ने डाॅ. अग्रवाल काे श्रद्धांजलि दी।

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