सावन का पहला साेमवार:वेरों का मठ: जहां परशुरामजी ने तप किया, यहीं है गुफा... बनास का उद्गम भी यहीं से

पालीएक वर्ष पहले
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सावन में परशुराम मंदिर के आसपास की पहाड़ियों हरा आवरण ओढ़ चुकी हैं। - Dainik Bhaskar
सावन में परशुराम मंदिर के आसपास की पहाड़ियों हरा आवरण ओढ़ चुकी हैं।
  • पहली बार भास्कर में कीजिए परशुरामजी की गुफा के दर्शन

आज सावन का दूसरा दिन और पहला सोमवार है। इस खास मौके पर दर्शन कीजिए परशुराम मंदिर (बाएं) और साथ ही वेरों का मठ स्थित परशुरामजी की गुफा के। इन खास दर्शनों के लिए भास्कर पहुंचा वेरों का मठ और ड्रोन से यह नजारा कैमरे में कैद किया। यहां परशुराम की तपाेभूमि गुफा स्थित है। बनास नदी का उद्घम स्थल कुंभलगढ़ क्षेत्र में वेराें का मठ ही, जहां से यह नदी खमनाेर, नंदसमंद, राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्ताैड़ हाेते हुए सवाईमाधाेपुर तक जाती है।

मान्यता है कि भगवान परशुराम ने अपनी मां का सिर काटने के बाद मातृकुंडिया के कुंड में नहाकर प्रायश्चित किया था। परशुराम ने नदी के उद्घम स्थल पर तपस्या करने की साेची और नदी के उद्घम स्थल पर आए और तपस्या प्रारंभ कर दी। उद्घम स्थल पर गुफा में भगवान परशुराम ने तपस्या करते महाभारत कालीन याेद्धा अंगराज कर्ण काे शिक्षा दी थी। तब से इसका नाम वीराें का मठ हाे गया। नदी का उद्घम स्थल हाेने के साथ ही कुंड के आस-पास वेराें के पेड़ ज्यादा हाेने के कारण यह स्थल वेराें का मठ हाे गया।

इस बार 29 दिन का होगा सावन माह

सावन इस बार 29 दिन का ही होगा। रविवार से प्रारंभ हो रहे श्रावण माह में कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा और शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का क्षय है। हालांकि, कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि दो दिन रहेगी। यानी कृष्ण पक्ष तो पूरे 15 दिन का होगा, लेकिन शुक्ल पक्ष 14 दिन का ही रहेगा। पंचांग का पांचवां महीना सावन 22 अगस्त तक चलेगा। खास बात यह है कि सावन माह रविवार से प्रारंभ होकर रविवार के दिन ही समाप्त होगा। ज्याेतिषविद ने बताया कि इस बार सावन में चार सोमवार और दो प्रदोष व्रत रहेंगे।

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