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आरएएस-2018:जिले के 15 से ज्यादा युवा बने आरएएस, गांवों में रहा जश्न का माहौल

पाली18 दिन पहले
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  • आसान नहीं था आरएएस बनना, लेकिन जिद और मेहनत से मुकाम तक पहुंचे, खुद बता रहे सफलता की कहानी

आरएएस बनने का सपना था, उसी के लिए जागे, उसी के लिए साेए, लेकिन लक्ष्य काे कभी छाेड़ा नहीं। नतीजा मंजिल तक पहुंचकर ही माने। आरपीएससी की ओर से जारी आरएएस 2018 के परिणाम में पाली के गांवाें से बेटे और बेटियां अफसर बने। उन्हाेंने इस धारणा काे बदल दिया कि आरएएस बनने के लिए किसी बड़े शहर का हाेना जरूरी है। बड़ी-बड़ी संस्थानाें में काेचिंग करना जरूरी है।

खास बात यह है कि बेटियां भी आरएएस बनकर परिवार का नाम राेशन कर रहीं हैं। जिले के भारुंदा गांव के सगे भाई-बहन, आनंदपुर कालू की बेटी पदमा सहित कई युवाओं ने अपने संघर्ष से इस मुकाम काे हासिल किया है। एक युवा ने ताे 101 डिग्री बुखार में इंटरव्यू देकर इस परीक्षा काे पास किया। कई अभ्यर्थियाें ने सरकारी सेवा में हाेते हुए भी तैयारी जारी रखकर इस सफलता काे हासिल किया।

इंटरव्यू भी राेचक
किसी से 9 का पहाड़ा सुना ताे किसी से काेराेना के बारे में पूछा

रएएस का इंटरव्यू में भी युवाओं से उलझाने वाले सवालाें के साथ राेचक सवाल भी पूछे। किसी से 9 का पहाड़ा सुना ताे किसी से अंतरराष्ट्रीय संबंधाें काे लेकर सवाल किया। हाल ही में चल रहे ट्वीटर विवाद पर भी सवाल पूछे गए। काेराेना के चलते स्टूडेंट्स काे प्रमाेट करने की नीति, शरीयत कानून जैसे सवाल भी इंटरव्यू में शामिल रहे।

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