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उखड़ती सांसों के बीच मानवता की तस्वीर:वृद्धा और युवक दाेनाें ओपीडी में हांफ रहे थे, वृद्धा के नाम पहले बेड अलाॅट हुआ ताे पति ने कहा- पहले युवक का जीवन जरूरी

पाली2 महीने पहले
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पाली. जमीन पर ही बैठकर ऑक्सीजन ले रही थी वृद्धा, उसके बाद भी पति ने युवक की हालत गंभीर देखकर उसके नाम पहले बेड साैंपा। - Dainik Bhaskar
पाली. जमीन पर ही बैठकर ऑक्सीजन ले रही थी वृद्धा, उसके बाद भी पति ने युवक की हालत गंभीर देखकर उसके नाम पहले बेड साैंपा।

काेराेना महामारी में मरीजाें की उखड़ती सांसों के बीच एक-एक बेड के लिए घंटाें का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे नाजुक वक्त में मानवता की मिसाल भी देखने काे मिल रही है। शुक्रवार काे बांगड़ अस्पताल की ओपीडी में स्ट्रेचर और व्हील चेयर पर ही ऑक्सीजन ले रहे एक वृद्धा तथा 40 साल के युवक की हालत काफी गंभीर थी। युवक का ऑक्सीजन लेवल 43 पर पहुंच गया था। उसके साथ आए परिजन लगातार बिलख रहे थे।

अस्पताल प्रबंधन ने पहले वृद्धा के नाम पर बेड अलाॅट कर उसे शिफ्ट करने की तैयारी कर ली। इस बीच वृद्धा के पति ने डॉक्टरों से बाेलकर पहले युवक के नाम पर बेड खाली कर दिया। उनका कहना था कि उसका जिंदा रहना ज्यादा जरूरी है। मैं मेरी पत्नी के इलाज के लिए कुछ घंटे और इन्तजार कर लेंगे। उसे अभी दुनिया भी देखनी है। बच्चे भी छाेटे-छाेटे हाेंगे। उनकी यह बात सुनकर चिकित्सक व अन्य लाेग देखते रह गए।

जानकारी के अनुसार रोहट क्षेत्र के राणा (भांवरी) निवासी लहर कंवर (60 वर्ष) को सांस लेने में दिक्कत होने पर उनके पति भंवरसिंह शुक्रवार सुबह बांगड़ अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराने के लिए लेकर पहुंचे थे। अस्पताल की पर्ची भी बन गई, लेकिन बेड नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने लहर कंवर की स्थिति देखकर उन्हें कोविड ओपीडी में व्हीलचेयर पर ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया। इस बीच डेंडा से 40 साल का बाबूलाल पुत्र उदाराम घांची नाम का मरीज आया।

उसका ऑक्सीजन लेवल 43 था और डॉक्टरों के अनुसार स्थिति काफी गंभीर थी। लेकिन पहले लहर कंवर के नाम पर बेड अलाॅट हुआ। इस बीच भंवरसिंह काे जानकारी मिली कि युवक की तबीयत ज्यादा खराब है ताे वे खुद तुरंत डॉक्टरों के पास पहुंचे और पत्नी के नाम पर अलाॅट हुआ बेड उक्त युवक के नाम पर कराने की कहने लगे।

चार घंटे के इंतजार के बाद बेड मिला, वह भी युवक के लिए छोड़ दिया
सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक पत्नी लहर कंवर के लिए बेड मिलने का उसका पति भंवरसिंह इंतजार कर रहा था। दोपहर सवा एक बजे के करीब उसे बेड मिला, लेकिन वह बेड भी उन्हाेने युवक के लिए छाेड़ दिया।

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