पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

ऑनलाइन पढ़ाई:500 में 10 बच्चे ही संतुष्ट, 53 फीसदी को यह सिस्टम नहीं आ रहा पसंद

पालीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • ऑनलाइन पढ़ाई से कितने संतुष्ट हैं... पाली के 20 स्कूलों के 8वीं से 12वीं तक के 500 बच्चों ने दिए 1 से 10 तक अंक

लॉकडाउन और अब अनलाॅक में स्कूल-कॉलेजों में बंद रहने से छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाने की कवायद बेहतर विकल्प साबित नहीं हो रही है। इन दिनाें में विभिन्न स्कूलों ने छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाने के दावे किए हैं। इस बीच इस पढ़ाई में आ रही परेशानियों को देखते हुए इसकी सफलता पर सवाल उठ रहे हैं। 

स्कूल प्रबंधन का मानना है कि बच्चाें का रूटीन नहीं टूटे, इसलिए उन्हाेंने ऑनलाइन पढ़ाई कराई। इधर अभिभावकाें का तर्क है कि कल्चर के हिसाब से बच्चे ऑनलाइन पढ़ ही नहीं सकते। ये सिर्फ फीस लेने का बहाना मात्र है। ऑनलाइन पढ़ाई से कितने संतुष्ट हैं? इस सवाल पर दैनिक भास्कर ने शहर के 20 स्कूलों के 500 बच्चाें से सवाल पूछे।

उन्हें इसके जवाब में 1 से 10 अंक तक मांगे गए। 8वीं से 12वीं तक के बच्चों से हुए इस सवाल के जवाब चौंकाने वाले रहे। महज 10 बच्चों यानी दो फीसदी बच्चों ने ही 10 अंक दिए और अपनी संतुष्टि दिखाई। 10 में 9 अंक देने वाले भी महज 11 ही रहे। सबसे ज्यादा 90 बच्चों ने यानी 18 प्रतिशत ने पांच अंक देकर यह बताया कि ऑनलाइन सिस्टम आधा ही कारगर है। 53 फीसद बच्चों ने तो इसे आधे से भी कम पसंद किया।

स्कूल प्रबंधन : रूटीन नहीं टूटे, इसलिए पढ़ाई जरूरी, अभिभावक: ये सिर्फ फीस लेने का बहाना

ये माहाैल ऑनलाइन स्टडी नहीं दे सकता 

  • पढ़ाई के दाैरान हर स्टूडेंट्स टीचर का अटेंशन चाहता है। 
  • क्लास में एक टीचर के साथ पढ़ाई के दाैरान हाेने वाला आइकाॅन्टैक्ट। 
  • बहुत कम स्टूडेंट्स उसी समय में क्राॅस क्वेश्चन नहीं कर पाते।
  • स्कूल के क्लास रूम में पढ़ाई जैसा माहाैल ऑनलाइन में संभव नहीं।

कमजोर नेटवर्क, आई कॉन्टेक्ट और वन-वे पढ़ाई बड़ी समस्या, वीडियो साफ नहीं दिखता

  • नेटवर्क की समस्या से होती है परेशानी।
  • वीडियाे साफ नहीं, ऑडियाे में भी दिक्कत। 
  • ऑनलाइन क्लास में 50% पढ़ाई भी ठीक से नहीं हाेती। 
  • किताब सामनेे रहे तभी समझ में आता है चैप्टर। 
  • शिक्षकाें से सवाल हल करवाने में कठिनाई।
  • आवाज साफ नहीं आती, गूंजने लगती है।
  • ऑनलाइन क्लासेस से बच्चे संतुष्ट नहीं।
  • टू-वे कम्यूनिकेशन नहीं, रिकाॅर्डेड लेक्चर है।
  • लाइव क्लासेज में बाेर्ड पर क्या लिखा जा रहा दिखता नहीं है।

इन कक्षाओं के छात्र सर्वे में हुए शामिल

कक्षा 8वीं 120 

9वीं 100

10वीं 110

11वीं 80

12वीं 90

इतने प्रतिशत बच्चाें ने दिए ये अंक

1 अंक    17 प्रतिशत  2 अंक    14 प्रतिशत 3 अंक    12 प्रतिशत 4 अंक    10 प्रतिशत  5 अंक    18 प्रतिशत  6 अंक    11 प्रतिशत  7 अंक    5 प्रतिशत 8 अंक    9 प्रतिशत 9 अंक    2 प्रतिशत  10 अंक    2 प्रतिशत

बच्चाें में मायोपिया, भेंगापन, ड्राय आई जैसी बीमारियों का खतरा 
ऑनलाइन स्टडी के साथ मनाेरंजन के लिए फिल्में व गाने देखना, गेम खेलना, साेशल मीडिया पर चैटिंग बच्चाें का माेबाइल स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है जाे आंखाें के लिए बेहद खतरनाक है। फोन की स्क्रीन बेहद छोटी होती है व इसे लगातार देखने रहने से आंखों पर दबाव पड़ता है। स्क्रीन की हाईब्राइटनेस रोशनी आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं। बच्चों की आंखों में भेंगापन भी आता है।

रात में पढ़ने पर मोबाइल की लाइट का असर ज्यादा खराब रहता है। बच्चों के स्वभाव में अंतर आता है और वह चिड़चिड़े हो जाते हैं। गर्दन, मसल में भी बीमारी आ सकती है। ड्राई आई, आंखाें का तनाव, सूजन आंखे लाल हाेने की भी शिकायते लेकर बच्चे डाॅक्टर के पास आ रहे है। मायाेपिया जैसी बीमारी के आसार भी बच्चाें में दिखाई दे रहे है।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- धार्मिक संस्थाओं में सेवा संबंधी कार्यों में आपका महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। कहीं से मन मुताबिक पेमेंट आने से राहत महसूस होगी। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और कई प्रकार की गतिविधियों में आज व्यस्तता बनी...

और पढ़ें