कोरोना ने कुछ घंटों में ही ले ली जान:देखते ही देखते महावीर हार गया जिदंगी की जंग, सांस की तकलीफ पर किया था भर्ती; फेफड़ों में संक्रमण अधिक होने से उपचार के दौरान हुई मौत

पाली6 महीने पहले
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पाली। वार्ड के बाहर मायूस बैठे महावरीर के परिजन। - Dainik Bhaskar
पाली। वार्ड के बाहर मायूस बैठे महावरीर के परिजन।

पाली। बांगड़ अस्पताल में 32 साल के महावीर सैन को परिजनों ने बुधवार अलसुबह भर्ती करवाया। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। केस की गंभीरता को देखते हुए महावीर की सभी जांचें करवाई गईं, लेकिन उनकी हालत में ज्यादा कुछ सुधार होता नजर नहीं आया। फेफड़ों में संक्रमण ज्यादा होने के चलते बुधवार 12 बजे युवा महावीर सैन आखिरकार जिदंगी की जंग हार गया। चिकित्सकों ने इसकी जानकारी परिजनों को दी तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

6 वर्षीय लक्षित के सिर से उठा पिता का साया
गुड़िया गांव निवासी 32 वर्षीय महावीर सैन टोल नांके पर काम करता था। फिलहाल उसने नौकरी छोड़ रखी थी। महावीर के छह साल का एक बेटा लक्षित है। महावीर की मौत की जानकारी चिकित्सकों द्वारा मिलने पर महावीर के भतीजे जितेन्द्र का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि अब वह घर पर कैसे जवाब देगा। उसके काका महावीर अब दुनिया मेें नहीं रहे। वह बार-बार यही बोल रहा था कि अब मेरी काकी व भतीजे का क्या होगा। उनको कैसे संभालेंगे। हमने किसी का क्या बिगाड़ा था जो जवान उम्र में काका की मौत हो गई।

भास्कर व्यू - संभल जाइए, घर पर रहें सुरक्षित रहें
कोरोना कितना घातक है यह उन लोगों से पूछो जिनके परिजनों की इस संक्रमण के कारण अकाल मौत हुई है। कोरोना ने किसी को जवानी में विधवा बना दिया तो किसी मासूम के सिर से पिता का साया छीन लिया। कोरोना से बचने के लिए जरूरी है कि हम सरकारी की तय गाइड लाइन का पालन करें, घर में रहे। भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाए ताकि कोरोना की चपेट में आने से बच सकें।

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