हमारे हक के पानी में कटौती:पाली पहले ही प्यासा, दो साल बाद शिवगंज के 71 गांवों को भी देंगे जवाई से पानी

पाली2 महीने पहले
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  • शिवगंज शहर को अभी 25 लाख लीटर पानी दे रहे, 71 गांव जुड़ने के बाद देंगे प्रतिदिन 42 लाख लीटर पानी
  • जवाई से अभी, पाली के 9 शहराें के अलावा 488 गांवाें में पहुंचा रहे पानी, शिवगंज शहर काे भी सप्लाई
  • प्राेजेक्ट भी अधूरा, रायपुर व जैतारण के 73 गांव इस बार नहीं जुड़ पाए, बाली, देसूरी व रानी के 224 गांवाें में अभी पाइप ही बिछ रहे
  • अब यह संकट, सीएम की बजट घोषणा के बाद शिवगंज के 71 गांवाें काे जवाई का पानी देने 294 कराेड़ स्वीकृत, 500 किमी लाइन बिछाई जा रही

जवाई बांध से जुड़े जिले के गांवाें व शहराें को पर्याप्त पानी नहीं मिलने के बावजूद सिराेही जिले के 71 गांवाें को भी जवाई से जोड़ा जा रहा है। यहां 2 साल बाद जवाई का पानी भेजा जाएगा। जबकि 13 साल बाद भी जिले के ही 297 गांव अभी तक जवाई से जुड़ नहीं पाए हैं।

हालात ये हैं कि हर दूसरे साल जवाई में पर्याप्त पानी की आवक नहीं हाेने से जिले में या ताे वाटर ट्रेन मंगवानी पड़ती है या कंटिंजेंसी प्लान के भराेसे गांवाें में पानी पहुंचाने काे मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में अब शिवगंज क्षेत्र के गांवाें काे भी जवाई का पानी देकर पाली के हक के पानी में कटौती की जा रही है। वर्तमान में पाली में 4 दिन में एक बार पानी की सप्लाई की जा रही है। वह भी पूरा नहीं आ रहा है।

मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत ने इस साल बजट घोषणा में शिवगंज के 71 गांवाें काे जवाई का पानी देने के लिए 294 कराेड़ का बजट स्वीकृत किया है। बताया जाता है कि आगामी दाे साल में यह प्राेजेक्ट भी शुरू हाे जाएगा। करीब 500 किमी पाइपलाइन के जरिए शिवगंज क्षेत्र के गांवाें काे जवाई का पानी दिया जाएगा। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन में इसे शामिल किया गया है। यही स्थिति बनी रही ताे जवाई का पानी अपने ही जिले के गांवाें में नहीं पहुंच पाएगा।

बड़ा सवाल : पानी की मांग 3060 एमसीएफटी, अभी पूरा नहीं मिल रहा ताे बाद में कैसे मिलेगा?
जिले के गांवाें व 10 शहराें में पानी उपलब्ध करवाने के लिए जलदाय विभाग जवाई बांध में जमा पानी के बंटवारे में हर बार 3060 से 3500 एमसीएफटी पानी की मांग करता है। बताया जाता है कि यह पानी बिना छीजत के है, लेकिन हर बार किसानाें काे ही पर्याप्त पानी मिल पाता है। बीते साल भी जवाई में करीब 6000 एमसीएफटी पानी में से पेयजल के लिए मात्र 2192.50 एमसीएफटी पानी ही दिया गया।

नतीजा यह रहा कि इस बार वाटर ट्रेन लाने की नाैबत आ गई, हालांकि सितंबर में थाेड़ी बारिश के बाद दिसंबर तक ट्रेन टल गई। बताया जाता है कि पर्याप्त पानी की मांग काे लेकर जलदाय विभाग के अधिकारियाें ने सरकार काे कई बार पत्र भी जारी किए, लेकिन अभी तक इस पर गाैर नहीं किया गया।

ये है हमारे जिले की स्थिति

  • 785 गांव जवाई से जुड़ने थे
  • 488 गांवाें के साथ शिवगंज समेत 10 शहराें में दे रहे पानी
  • 55 गांव (रायपुर व जैतारण) काे इस बार पानी देना था, लेकिन कटौती के कारण नहीं दे रहे
  • 224 गांव (रानी, बाली, देसूरी) के जुड़ने बाकी, इनमें पाइपलाइन का काम चल रहा

इन 10 शहराें में पहुंच रहा पानी
पाली सिटी, सुमेरपुर, रानी, बाली, फालना, तखतगढ़, मारवाड़ जंक्शन, साेजत सिटी, जैतारण व शिवगंज (सिराेही)।

सीएम ने कहा - शिवगंज के लिए स्कीम बनाने के आदेश दिए
मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा में शिवगंज के 71 गांवाें काे जवाई से जाेड़ने काे लेकर अब बजट की स्वीकृति भी जारी की। इधर, जवाई से मांग के अनुसार पर्याप्त पानी नहीं मिलने से पाली के गांव ही प्यासे हैं। अब शिवगंज के इन गांवाें काे जाेड़ने से जवाई में पर्याप्त पानी हाेने के बावजूद भी पाली के गांवाें तक पानी नहीं पहुंच पाएगा।

  • जवाई से शिवगंज के 71 गांवाें काे जाेड़ने का प्लान है। अब सीएम बजट घोषणा में स्कीम बनाने के निर्देश दे रखे हैं। जवाई से मांग के अनुसार पानी नहीं मिलने से समस्या बनी रहती है। हर बार 3060 एमसीएफटी मांगते हैं, लेकिन कम पानी मिलता है। - सलीम कुरैशी, एक्सईएन जवाई प्राेजेक्ट पाली
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