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क्रिकेट में महकेगी नेतरा की हीना:खेताें में बने मैदान पर गांव के लड़काें के साथ प्रैक्टिस की, अब राज्य की सीनियर महिला टीम से खेलेंगी हीना

पाली2 महीने पहले
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  • सुमेरपुर के नेतरा गांव की 14 वर्षीय हीना का राजस्थान सीनियर महिला टीम में चयन

नेतरा गांव में खेताें में बने उबड़-खाबड़ मैदान पर बने क्रिकेट पिच पर लड़काें के साथ खेलकर बड़ी हुई हीना राज्य स्तरीय महिला टीम के साथ भीलवाड़ा में अपना हुनर दिखाएगी। हीना राजपुरोहित का 14 वर्षीय बालिका वर्ग में राजस्थान वर्ल्ड चैंपियनशिप के सीनियर वर्ग में चयन हुआ है।

एक साल पहले मां के निधन के बाद उनका सपना पूरा करने के के लिए हीना ने क्रिकेट की बारीकियां सीखने क्रिकेट ट्रायल में भाग लिया। एलीट स्पोर्ट्स अकादमी की मदद से उन्होंने अपनी शुरुआत की ओर प्रथम प्रयास में ही उनका डीसीए में चयन हाे गया।

डीसीए में चयन हाेने के बाद अब वे भीलवाड़ा में आयाेजित सीनियर महिला क्रिकेट चैंपियनशिप में बताैर राज्य स्तरीय टीम का हिस्सा हैं। बाॅलिंग व बेटिंग से सभी काे अचंभित करने वाली हीना अब भीलवाड़ा के मैदान पर हुनर दिखाएंगी।

अकादमी निदेशक देवेंद्रसिंह सिसोदिया ने बताया कि हीना अभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नेतरा में 10वीं में अध्यनरत हैं। वरुण तंवर ने बताया कि हीना भीलवाड़ा रवाना हाे गई है। हिना ने इसका श्रेय पिता महेंद्र सिंह व एलीट अकादमी काे दिया।

बारीकियां सीख बाॅलिंग व बेटिंग दोनों में धाक जमाई

हीना का शुरू से ही सपना था कि वो क्रिकेटर बने, लेकिन गांवाें में कोई लड़की क्रिकेट नहीं खेलती थी। ऐसे में वह लड़कों के साथ ही खेलने जाती थी और हीना का सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहता था। बाॅलिंग भी इतनी घातक कि खिलाड़ियाें काे ध्यान से ही खेलना पड़ता था।

हीना को क्रिकेट की बारीकियाें के गुर सिखाने के लिए अकादमी के साथ ही उनके भाई गाैरव, विनोद सिंह, करणसिंह, लोकेश, राहुल, देवेंद्र, भरत चौहान, वरुण तंवर व बिट्टू मीना समेत कई खेलप्रेमियाें ने सहयाेग दिया।

खेती करते हैं पिता, भाइयाें ने भी हीना के खेल काे बेहतर बनाने में कड़े प्रयास किए : हीना के भाई गौरव सिंह ने बताया कि पिता खेती करते हैं। हीना का शुरू से ही क्रिकेट के प्रति लगाव रहा है। ऐसे में उसका व उनकी माता का सपना था कि उनकी बहन क्रिकेटर बने। इसके लिए गांव में आयाेजित ट्राॅफियाें में खेलती थी।

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