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राहुल की विदेश जाने की राह हुई आसान:12 हजार किलोमीटर का सफर तय करने के लिए राहुल ने घर से 18 किलोमीटर दूर जाडन जाकर लगवाई वैक्सीन, अब जा सकेंगे विदेश

पाली।2 महीने पहले
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जाडन में वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाते राहुल। - Dainik Bhaskar
जाडन में वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाते राहुल।

शहर के सूर्या कॉलोनी निवासी राहुलसिंह को जुलाई के प्रथम सप्ताह में नौकरी के सिलसिल में फ्लोरिडा (यूएस) जाना था। लेकिन यह तभी हो सकता था जब कोविशील्ड की दोनों डोज लगी हो गए। क्योंकि यूएस में कोविशील्ड की दोनों डोज लगी होने पर ही एंट्री दी जा रही हैं। लेकिन नई गाइडलाइन में कोविडशील्ड के दोनों वैक्सीन के बीच 28 दिन के अवधि को बढ़ाकर 84 दिन कर दिया गया था। ऐसे में राहुल की परेशानी बढ़ गई कि वह अब कैसे वैक्सीन की दूसरी डोज लगा विदेश नौकरी करने जा सकेगा।

लेकिन इस बीच सरकार ने नई गाइड लाइन जारी कर 31 अगस्त तक विदेश जाने वाले लोगों को कोविशील्ड की दूसरी डोज 28 दिन बाद भी देने पर मोहर लगा दी। जो राहुल के लिए विदेश जाने के द्वार खोलने जैसा था। फिर किया था जिला कलक्टर, जिला परिषद सीईओ से मिलकर अपनी समस्या बताई और आखिरकार शुक्रवार को राहुल सिंह बाइक से अपने दोस्त के साथ जाडन गए और कोविशील्ड की दूसरी डोज लगवाई और बोले की अब वे जुलाई के प्रथम सप्ताह से पहले विदेश जा सकेंगे।

राहुल ने बताया कि पिछले वर्ष 15 जून 2020 को अपने देश भारत लौट आए। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते विदेशों में आने-जाने पर रोक हो जाने के कारण वे पाली में ही रहे। गाइडलाइन के अनुसार कोविड की दोनों डोज लगवाने वाले ही विदेश जा सकते है। राहुलसिंह ने 2 मई को पाली शहर के संचेती धर्मशाला में आयोजित 18 प्लस के टीकाकरण सत्र में अपना टीका लगवाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाकर स्लॉट बुक करवा कर 2 मई को कोविशिल्ड का पहला टीका लगवाया। सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी कि कोविडशिल्ड के दो टीको की अवधि पहले 28 दिन थी, जिसको बढाकार 84 दिन कर दी गई है। टीकाकरण की अवधि के बढ़ जाने से राहुल परेशान हो गए उन्हें वापस विदेश जाने के अपना धुलमित होता नजर आया। इस बीच सरकार ने नई गाइड लाइन जारी कर 31 अगस्त तक विदेश जाने वाले लोगों को कोविशील्ड की दूसरी डोज 28 दिन बाद भी दी जा सकती है जारी कर दी। जिससे राहुल को विदेश जाने का सपना पुरा होता नजर आया। शुक्रवार को राहुल बाइक से अपने दोस्त के साथ जाडन स्थित राजकीय आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच और यहा आयोजित हो रहे टीकाकरण शिविर में कोविशील्ड की दूसरी डोज लगवाई। जिससे की विदेश जाने में किसी तरह की अड़चन न आए।

सूर्या कॉलोनी में अपने घर पर भाई के साथ राहुल।
सूर्या कॉलोनी में अपने घर पर भाई के साथ राहुल।

पिता की 2006 में हो चुकी हैं मौत

राहुल ने बताया कि उनके पिता धनसिंह बैंक में काम करते थे। जिनका वर्ष 2006 में देहांत हो गया। मां संतोष कंवर गृहणी हैं। पेंशन राशि से ही घर चलता था। उन्होंने बताया कि बीए करने के बाद जयपुर से होटल मैनेजमेंट में जयपुर से डिप्लोमा किया। उसके बाद दो साल तक दुबई में रहे। पैकेज अच्छा मिला तो फ्लोरिडा के क्रूज में नौकरी ज्वॉइन की। जिससे की घर परिवार को अच्छे से चला सके तथा मां को आराम दे सके। जानकारी के अनुसार दिल्ली से फ्लोरिडा 11 हजार 699 किलोमीटर दूर हैं।

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