नौकरी से निकाला तो कंपनी को ही लूट लिया:नौकरी से निकाला ताे बदला लेने के लिए की लूट, जाेधपुर से बुलाए बदमाश, 2 को पकड़ा

पाली23 दिन पहले
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पाली शहर में गत 29 अक्टूबर काे दिनदहाड़े मस्तान बाबा इलाके के समीप चाकू दिखाकर कैश कलेक्शन कर्मचारी से 20 लाख 90 हजार रुपए की लूट का मुख्य सूत्रधार कैश कलेक्शन कंपनी का पूर्व कर्मचारी ही निकला। अाराेपी सात माह तक कंपनी में कैश कलेक्शन का काम करता रहा, लेकिन संदिग्ध अाचरण काे देखते हुए उसे निकाल दिया गया। इसी का बदला लेने के लिए उसने यह लूट की। वारदात में भी 4 की बजाय 5 अाराेपी शामिल थे। पुलिस ने मुख्य अाराेपी सहित एक अन्य अाराेपी काे पकड़ लिया है, जबकि 3 अन्य बदमाशाें की तलाश की जा रही है।

एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि लूट की साजिश सीएमएस कंपनी के पूर्व कलेक्शन बाॅय दीपक वैष्णव निवासी बाेमादड़ा ने रची थी। दीपक 8 हजार रुपए महीने की तनख्वाह पर कंपनी में नौकरी कर रहा था। मगर संदिग्ध अाचरण की वजह से कंपनी ने उसे निकालकर विकास चाैहान काे 9 हजार महीने के वेतन पर रख लिया था। इससे नाराज दीपक ने जाेधपुर के कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बाेर्ड में रहने वाले अपने ममेरे भाई हर्ष उर्फ अभिषेक वैष्णव की मदद से वारदात की। अाराेपी हर्ष शातिर बदमाश है, जाे हत्या के मामले में जेल भी जा चुका है।

हर्ष ने बिलाड़ा के बदमाश डीके वैष्णव, खाराबेरा के चीलू अाैर रानू काे भी वारदात में शामिल कर लिया। एएसपी विपिन शर्मा, सीअाे सिटी निशांत भारद्वाज के निर्देशन में काेतवाल गाैतम जैन की टीम ने 28 वर्षीय अाराेपी दीपक वैष्णव पुत्र मिश्रीलाल तथा हर्ष उर्फ अभिषेक वैष्णव पुत्र कल्याणदास काे गिरफ्तार कर लिया। फरार अाराेपी डीके वैष्णव, खाराबेरा के चीलू अाैर रानू की तलाश की जा रही है। वारदात का खुलासा करने में साइबर सेल के हेड कांस्टेबल गाैतम अाचार्य के साथ काेतवाली के कांस्टेबल जितेंद्र बागाेड़ा व महेश की विशेष भूमिका रही।

बड़ा सवाल : कैश कलेक्शन कंपनी की लापरवाही पर कार्रवाई क्याें नहीं? शहर में अब भी बिना सुरक्षा के कैश ले जा रहे कई कर्मचारी

बराबर बंटने थे रुपए, 5.75 लाख देकर भागे तीनाें साथी पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में दीपक व हर्ष ने बताया कि लूट की राशि सभी में बराबर बंटना तय हुअा था। वारदात के बाद बैग में से अधिकांश नाेटाें की गड्डी लेकर डीके, चीलू व रानू अन्य बाइक पर चले गए, जबकि दीपक व हर्ष काे 5.75 लाख रुपए ही दिए। उनमें तय हुअा था कि वे लाेग बाद में हिसाब बराबर कर देंगे। अब पुलिस गिरफ्तार अाराेपी दीपक व हर्ष से रुपए व घटना में इस्तेमाल बाइक, चाकू बरामदगी के प्रयास कर रही है।

दीपक को पता था बैग में 20 लाख से ज्यादा रुपए हैं, उसी ने रैकी की
एएसपी विपिन शर्मा ने बताया कि एक्सिस बैंक के लिए कैश कलेक्शन जमा कराने का काम सीएमएस कंपनी ने ले रखा है। दीपक भी कंपनी में नौकरी करता था, जिसे 7 माह बाद हटा दिया। दीपक भी राेजाना 20 लाख रुपए से ज्यादा का कैश लेकर बैंक में जमा कराने जाता था। उसे यह पता था कि कलेक्शन के दाैरान सुरक्षा के काेई उपाय नहीं हाेते। उसने ही 15 दिन तक रैकी की थी।

{रिवर्स चैनल से चली पुलिस ने खोला राज : अाराेपियाें ने कोई सुराग नहीं छाेड़ा। सीसीटीवी फुटेज भी नहीं थे। डीएसपी निशांत भारद्वाज के अनुसार एेसे में रिवर्स चैनल का उपयाेग किया। पूर्व कर्मचारी के बारे में पता लगा माेबाइल की सीडीअार खंगाली ताे अन्य लाेगाें से कई बार बात हाेना सामने अाया। उनकी लाेकेशन भी पाली में ही मिली। इसके बाद कड़ी से कड़ी जाेड़ बदमाशों को पकड़ा।

बिना नंबरी दाे बाइक पर अाए चाराें बदमाश, झीतड़ा से अलग-अलग रूट पर भागे
वारदात के दाैरान अाराेपी हर्ष, डीके, चीलू व रानू दाे बाइक पर सवार थे। बिना नंबर की पल्सर व बाइक लेकर चाराें अाराेपी ब्यावर से पाली पहुंचे, जहां दीपक पहले से ही तैयार था। दीपक ने एलअाईसी ऑफिस से विकास के निकलते ही अपने साथियाें काे इशारा किया, जिन्होंने पीछा कर मस्तान बाबा कब्रिस्तान के पास चाकू दिखाकर बैग लूट लिया। इसके बाद तीन बाइक पर पांचाें अाराेपी झीतड़ा सरहद तक पहुंचे, जहां बैग खाेला ताे मोबाइल पर रिंग आ रही थी।

माेबाइल काे गड्ढा खाेद जमीन में गाड़ा अाैर पांचाें अलग-अलग रूट से भागे, ताकि किसी काे संदेह नहीं हाे। अाराेपी हर्ष झीतड़ा से बिलाड़ा अाैर बिलाड़ा से बस में बैठकर जयपुर गया अाैर वहां से अहमदाबाद चला गया, जहां उसका ससुराल है।

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