बोरनड़ी में रेस्क्यू 12वें दिन भी जारी:नरेन्द्र को कुएं से निकालने में अभी और करना होगा इन्तजार, कुएं से निकल रहा पानी रेस्क्यू में बना बांधा

पाली।एक वर्ष पहले
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नरेंद्र का शव निकालने के लिए 130 फिट तक कुएं को खोद मलबा निकाला गया और अब पानी नजर आने लगा। - Dainik Bhaskar
नरेंद्र का शव निकालने के लिए 130 फिट तक कुएं को खोद मलबा निकाला गया और अब पानी नजर आने लगा।

सोजत रोड थाना क्षेत्र के बोरनड़ी गांव में 180 गहरे कुएं में डूबे नरेन्द्र को निकालने का रेस्क्यू शनिवार 12वें दिन भी जारी रहा। दिन-रात टीम रेस्क्यू में लगी हुई हैं। कुएं से काफी मात्रा में मलबा बाहर निकाला जा चुका है। कुएं से अब निकलने वाला पानी रेस्क्यू में बाधा उत्पन्न कर रहा हैं। पानी मोटर पम्प से बाहर निकालना एवं कुएं से बजरी निकालने का काम टीम को साथ-साथ करना पड़ रहा हैं। पानी आने के कारण टीम की रेस्क्यू गति कुछ कम पड़ गई हैं।

सीओ सोजत हेमंत जाखड़ ने बताया कि जोधपुर एयरफोर्स के मेजर मनीष के नेतृत्व में टीमें लगातार दिन-रात रेस्क्यू में जुटी है। पिछले 12 दिनों से 125 लोगों की टीम नरेंद्र को निकालने के लिए दिन-रात मशक्कत कर रही है। शव को निकालने के लिए कुएं को 130 फिट तक खोद मलबा निकाला गया। अब पानी के कारण रेस्क्यू कुछ प्रभावित हो रहा हैं। लेकिन पानी व बजरी दोनों निकालने का काम जारी हैं। नरेन्द्र को कुएं से निकालने में कम से कम दो दिन का समय और लग जाएगा।

12वें दिन भी रेस्क्यू जारी

ज्ञात रहे कि मंगलवार 22 जून को बोरनड़ी गांव में चार श्रमिक कुएं मरम्मत का काम कर रहे थे। दो श्रमिक कुएं के बाहर खड़े थे और नरेन्द्र पुत्र पप्पूराम नायक व जीवन पुत्र उम्मेदराम नायक कुएं के अंदर करीब 20 फिट पर मरम्मत कार्य कर रहे थे। इस दौरान अचानक कुएं की मिट्टी उन पर गिर गई। जिससे संतुलन बिगड़ने से नरेन्द्र नायक 180 फिट गहरे कुएं में गिर गया और मिट्टी उसके ऊपर गिर गई। जिससे वह पानी से बाहर नहीं निकल सका। जीवन के हाथ में पाइप आ गया। जिससे वह बच गया। नरेन्द्र को ढूंढने के लिए 22 जून से ही रेस्क्यू शुरू कर दिया गया था।

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