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मां-बेटी के वीडियो वायरल मामले में नया मोड:न्याय नहीं मिलता देख SP को सौंपा परिवाद, पुलिसवालों पर भी लगाए आरोप

पाली7 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

मां-बेटी के अश्लील वीडियो वायरल होने के मामले में 17 दिन बाद भी पुलिस वीडियो वायरल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। न्याय की उम्मीद न मिलते देख पीड़िता ने SP को ज्ञापन सौंपा। जिसमें जांच किसी महिला अधिकारी से करवाने की डिमांड की। इसके साथ ही उसने परिवाद सौंप कर सोजत रोड व सोजत सिटी थानाप्रभारी सहित कुछ पुलिसकर्मियों पर भी कई आरोप लगाए।

सोशल मीडिया पर गत दिनों एक मां-बेटी का अश्लील वीडियो किसी ने अपलोड कर लिया था। मामले में एक युवक ने सोजत रोड थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि अज्ञात युवक ने उसकी बेटी व पत्नी को अलग-अलग कॉल कर धमकी दी कि अश्लील वीडियो बनाकर भेजो नहीं तो तुम्हारे पति को जान से मार दूंगा। जिससे वे घबरा गए। रिपोर्ट में बताया कि आरोपी ने तकनीकी सहायता से उनके मोबाइल से वीडियो अपने मोबाइल में ले लिए तथा रुपयों की डिमांड करने लगा। नहीं दिए तो उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनाम कर दिया। मामला दर्जकर पुलिस ने जांच सोजत सिटी थानाप्रभारी जसंवतसिंह राजपुरोहित को सौंपी गई थी। लेकिन उन्होंने मामले में अभी तक आरोपियों का पता लाकर गिरफ्तार नहीं किया।

अब जांच सदर थानाप्रभारी करेंगे
मामले में पीड़िता ने अपनी बेटी के साथ मिलकर एसपी राजन दुष्यंत को परिवाद सौंपा। जिसमें उसने सोजत रोड, सोजत सिटी थानाप्रभारी सहित अन्य कुछ पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए तथा मामले की जांच किसी महिला अधिकारी से करवाने की डिमांड की। जिस पर SP ने जांच बदलकर जांच बदलकर अब सदर थानाप्रभारी सुरेश चौधरी को सौंपी हैं।

थानाप्रभारी बोले, जांच में सहयोग नहीं किया, जो आरोप लगाए वे निराधार
मामले में सोजत सिटी थानाप्रभारी जसंवतसिंह राजपुरोहित ने बताया कि मामले में पीड़िता के मोबाइल जब्त करने थे लेकिन मोबाइल नहीं दिए तथा जांच में भी कोई सहयोग नहीं किया गया। जिस पर गत दिनों सोजत रोड थानाप्रभारी ऊर्जाराम सहित अन्य स्टॉफ के साथ पीड़िता के घर गए। वहां उसकी सास सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। जांच के लिए मोबाइल मांगे लेकिन नहीं दिए ओर बोले कि बर में पड़े हैं। जिस पर जांच में प्रगति नहीं हो सकी। मामले की जांच अब सदर थानाप्रभारी को सौंपी गई हैं। पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।