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सांसों का कारखाना:ऑक्सीजन के मामले में हम आत्मनिर्भर; 24 घंटे में 950 ऑक्सीजन सिलेंडर तैयार कर रहा पाली

पालीएक महीने पहले
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काेराेना के काेहराम के बीच ऑक्सीजन की मारामारी मची हुई है। देश-प्रदेश में आए दिन ऑक्सीजन के अभाव में मरीज लगातार दम ताेड़ रहे हैं। जिले में भी एक सप्ताह पहले ऑक्सीजन नहीं मिलने से 3 लाेगाें की जान चली गई थी। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी काे पूरा करने के लिए प्रशासन ने रास की सीमेंट फैक्ट्री में नया ऑक्सीजन प्लांट ही शुरू करवा दिया।

खास बात यह कि वर्तमान में ऑक्सीजन के मामले में पाली आत्मनिर्भर बन गया है। यहां पर राेजाना की खपत के मुकाबले अधिक उत्पादन हाे रहा है। रास के साथ सुमेरपुर में प्लांट से ऑक्सीजन मिल रही है। जाे पाली के साथ-साथ जालाेर व सिराेही की आवश्यकताओं काे पूरा कर रहा है।

गाैरतलब है कि जिले में कोरोना के अब तक 28107 मरीज मिल चुके हैं। अभी भी 6363 केस एक्टिव है। अभी अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में से कई गंभीर भी हैं, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत हाेती है। प्रशासन के लिए भी यह बड़ी चुनाैती बन गया था कि किस तरह ऑक्सीजन की परेशानी दूर की जाए। ऐसे में पूरा प्लांट ही तैयार करा दिया गया।

ये 3 बड़े प्राेडक्शन सेंटर
रास प्लांट

यहां राेज 250 सिलेंडर बन रहे। हर घंटे 7 क्यूबिक मीटर के 15 से 20 सिलेंडर तैयार हाे रहे, 3 वाहनाें से निरंतर सप्लाई मिल रही।
बांगड़ अस्पताल का प्लांट
जनरेशन प्लांट में राेज 90 सिलेंडर ऑक्सीजन का उत्पादन, यहां से पाइपलाइन के अलावा सिलेंडराें से मरीजों तक पहुंच रही।

सुमेरपुर प्लांट
यहां से राेज 250 से अधिक सिलेंडर मिल रहे, प्लांट की क्षमता ताे 600 सिलेंडराें की, लेकिन जालाेर व सिराेही के अस्पतालाें में भी यहां से ही सप्लाई।

कंटेंट : कन्नू भीलवारा, उदयवीरसिंह राजपुरोहित, मनोहर सोलंकी

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