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भाजपा पदाधिकारियों ने सौंपा ज्ञापन:बोले साहब, भूमि अवाप्ति में हो रहा गड़बड़झाला, जांच करवा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें

पाली।2 महीने पहले
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धरने को संबोधित करते भाजपा जिलालध्यक्ष मंशाराम परमार। - Dainik Bhaskar
धरने को संबोधित करते भाजपा जिलालध्यक्ष मंशाराम परमार।

भाजपा जिलाध्यक्ष मंछाराम परमार के नेतृत्व में शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर अंश दीप को ज्ञापन सौंपा। जिसमें मारवाड़ जंक्शन भूमि अवाप्ति अधिकारी एवं सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी (पीपीपी) द्वारा स्टेट हाइवे 61 व 61ए के अवाप्त हो रही जमीनों के बदले मुआवजे की राशि में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में उन्होंने मुआवजा राशि का पुन गणना करके डीएलसी बढ़ाकर किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान करने, भष्ट्र भूमि अवाप्ति अधिकारी एवं सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी (पीपीपी) को हटाकर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने की मंशा से सड़क का स्थान परिवर्तन भी किया गया हैं। कमेटी गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कलक्टर को ज्ञापन सौंपने से पहले भाजपा पदाधकारियों ने कलेक्ट्रट के बाहर धरना दिया। जहां उन्होंने कांग्रेस हाय…, हाय…, व प्रशासन तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। इस दौरान पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष खीमाराम धारिया, मारवाड़ जंक्शन प्रधान मंगलाराम देवासी, जिला उपाध्यक्ष पंकज त्रिवेदी, जिला प्रवक्ता तिलोक चौधरी, सज्जन चौधरी, चौथाराम मेघवाल, शैतानसिंह, मुकेश नाहर, दाऊसिंह रावत सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पूर्व विधायक का आरोप जिला कलक्टर को 100 कॉल किए एक बार भी नहीं हुई बात
धरना स्थल पर पूर्व विधायक मारवाड़ जंक्शन केसाराम चौधरी ने जिला कलक्टर पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहां कि कोरोना महामारी के दौरान भाजपा कार्यकर्ता लोगों की सेवा में जुटे रहे। ऐसे समय में जरुरत पड़ने पर उन्होंने जिला कलक्टर अंश दीप को 100 से भी ज्यादा कॉल किए होंगे लेकिन एक बार भी बात नहीं हो सकी। कभी फोन इंगेज बताता हैं तो कभी बंद। उन्होंने कहां कि जिले में महिला अत्याचार, चोरियां बढ़ रही हैं। बजरी माफिया पनप रहा हैं। लेकिन कार्रवाई को लेकर जिला प्रशान सुस्त रवैया अपना रहा हैं।

वापस खाते में कैसे आ गए 30 लाख
मारवाड़ जंक्शन पूर्व विधायक केसाराम चौधरी ने स्टेट हाइवे 61 में भूमि अवाप्त करने में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुआवजा राशि के रूप में दी गई राशि में से वापस 30 लाख रुपए जमा होना यह बताने के लिए काफी हैं कि भ्रष्टाचार हुआ हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। जिससे की दूध का दूध व पानी का पानी हो सके।

धरने को संबोधित करते पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा।
धरने को संबोधित करते पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा।

भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा

ज्ञात रहे कि भास्कर ने यह मुददा प्रमुखता से उठाया था। जिसमें बताया कि किसान कमलेश गहलोत कि दो बीघा भूमि का मुआवजा पांच लाख से कम बनाया जबकि पड़ोसी की 0.25 बीघा भूमि जमीन का मुआवजा 85 लाख रुपए बनाया गया। जबकि डीएलसी डर से पड़ोसी खेत मालिक की मुआवजा राशि 24 हजार रुपए ही होती हैं। स्टेट हाइवे 61 व 61 ए के लिए की जा रही भूमि अवाप्त में बरती जा रही अनियमितता के मामले को लेकर भास्कर ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए। जिस पर मारवाड़ जंक्शन एसडीएम पुष्पा कंवर सिसोदिया ने भी माना कि बाबू की गलती से 85 लाख मुआवजा दिया, 30 लाख रुपए रिकवर भी किए।

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