शिक्षक बने दानदाता:स्कूल की जर्जर छत व दीवारों को ठीक करने के लिए टीचर्स ने अपने जेब से रुपए खर्च किए

तखतगढ़ (पाली)6 महीने पहले
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दानदाताओं के सहयोग से स्कूल भवन को दुरुस्त करवाने का मानीष बनाया लेकिन सफलता नहीं मिली। - Dainik Bhaskar
दानदाताओं के सहयोग से स्कूल भवन को दुरुस्त करवाने का मानीष बनाया लेकिन सफलता नहीं मिली।

पाली जिले के तखतगढ़ के निकट स्थित पावा गांव के सरकारी स्कूल की जर्जर छत व दीवारों को दुरुस्त करने के लिए दानदाताओं का सहयोग नहीं मिला तो स्कूल के टीचर्स ही दानदाता बन गए। उन्होंने अपने से करीब सवा लाख रुपए खर्च कर स्कूल का एक हॉल व कमरा दुरुस्त करवाया। जिससे की स्टूडेंट आराम से पढ़ाई कर सके।

दरअसल, पावा (तखतगढ़) गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का भवन पिछले काफी समय से खस्ताहाल हैं। स्कूल का एक हॉल व दो-तीन कमरों की हालत काफी खराब हैं। दानदाताओं के सहयोग से स्कूल भवन को दुरुस्त करवाने का मानीष बनाया लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार स्टूडेंट का दर्द टीचर्स से देखा नहीं गया। स्कूल के शिक्षक महेन्द्रसिंह ने पहले करते हुए 80 हजार रुपए अपनी तरफ दिए। जिससे हॉल की दीवारों व छत पर प्लास्टर का कार्य शुरू करवाया गया। उन्हें देख अन्य शिक्षक भी आगे आए।

पाली जिले के पावा गांव में सरकारी स्कूल के कक्षा कक्ष की मरम्मत करते कारीगर।
पाली जिले के पावा गांव में सरकारी स्कूल के कक्षा कक्ष की मरम्मत करते कारीगर।

कार्यवाहक प्रधानाचार्य हरिशचंद्र जोशी, व्याख्याता सुरेश कुमार, वरिष्ठ अध्यापक ईश्वरदास मीणा, प्रतापसिंह राणावत, सुमेरसिंह, लक्षाराम मेघवाल, अरविंद सिंह, हेमंत शर्मा, अध्यापक महेंद्र सिंह जोधा, भीक सिंह जोधा, सवितासिंह, पंकजसिंह, जयंती कुमारी चौहान, राजू भारद्वाज सभी शिक्षक़ श्रवणराम जाट, यूडीसी विनय शर्मा ने 55 हजार रुपए खर्च कर स्कूल के एक जर्जर कक्षा कक्ष को दुरुस्त करवाने का काम किया।

स्टूडेंट बोले अब आराम से पढ़ सकेंगे
टीचर्स की इस सराहनीय पहल का स्टूडेंट ने सराहना की। उन्होंने कहा कि टीचर्स ने हमारे लिए इतना कुछ सोचा इससे ज्यादा ओर क्या चाहिए। कक्षा कक्ष दुरुस्त होने के बाद हम आराम से बैठकर पढ़ सकेंगे। स्कूल 670 स्टूडेंट पढ़ते हैं।

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