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सोजत का स्थापना दिवस आज:जयपुर-जोधपुर से भी प्राचीन हैं सोजत का किला, राजा त्रवणसेन की बेटी सेजल के नाम पर हुई थी सोजत की स्थापना

सोजत (पाली)2 महीने पहले
सोजत का प्राचीन किला। जो जोधपुर-जयपुर के किले से भी प्राचीन हैं।

देश-विदेश में मेहंदी नगर के नाम से विख्यात सोजत सिटी का गुरुवार को स्थापना दिवस हैं। आसाए़ सुदी नवम विक्रम संवत 1111 को सोजत की स्थापना हुई थी। कहां जाता हैं कि राजा त्रवणसेन की बेटी सेजल के नाम से मेहंदी नगरी का नाम सोजत रखा गया था। आज सोजत की स्थापना को 968 वर्ष हो गए हैं। लेकिन कोरोना के चलते इस बार सोजत के स्थापना दिवस कोई बड़ा आयोजन नहीं किया गया। लेकिन नौ दिन तक कोरोना गाइड लाइन के अनुसार बालक-बालिकाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन सोजत महोत्सव समिति के संयोजक चेतन व्यास, आनंद भाटी, मोहनलाल टांक आदि के नेतृत्व में किया गया। गुरुवार शाम को आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विेजता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

ड्रोन से लिया गया सोजत का विहंगय दृश्य।
ड्रोन से लिया गया सोजत का विहंगय दृश्य।

ऐसा रहा सोजत का इतिहास
क्षेत्र में कथा प्रचलित हैं कि राजा त्रवणसेन के सेजल नाम की एक 8-10 वर्षीय पुत्री थी। जो देवताओं की कला को प्राप्त कर शक्ति का अवतार हुई। उन्हें के नाम से मेहंदी नगरी का नाम सोजत रखा गया। उस समय सोजत के राजा रहे बांधर हुल ने सेजल माता का मंदिर एवं भाखरी के नीचे चबूतरा तथा पावटा जाव के पीछे रामेलाव तालाब खुदवाया। इसके बाद सोजत पर कई वर्षों तक हुलों का राज रहा जिसमें हरिसिंह हुल प्रसिद्ध राजा हुए।

सोजत कृषि मंडी।
सोजत कृषि मंडी।

जयपुर-जोधपुर से भी पुराना है सोजत का किला
सोजत का प्राचीन किला जयपुर के आमेर व जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग से भी पुराना है। जो चारों ओर परकोटे से घिरा है। इस किले पर कई शासकों की हुकुमत रही। अब यह किला सरकार के अधिन है लेकिन आज भी हर होली पर विभिन्न समाजों की ओर से गैर का आयोजन किया जाता हैं। सोजत का रामेलाल तालाब, सेजल माता मंदिर, चारभुजा मंदिर, चामुंडा माता मंदिर, पुरणेश्वर धाम, भुतेश्वर मन्दिर, शितला माता, जामा मस्जिद, ईदगाह दरगाह के लिए भी जाना जाता है। सोजत के निकट से गुजरने वाली लीलड़ी व सुकड़ी नदी भी किसानों को फायदा देती है।

सोजत में एक मेहंदी इकाई में मेहंदी से कोण बनाने की हो रही प्रक्रिया।
सोजत में एक मेहंदी इकाई में मेहंदी से कोण बनाने की हो रही प्रक्रिया।

मेहंदी हैं प्रमुख रोजगार का साधन

सोजत को मेहंदी नगरी के नाम से भी जाना जाता है। सोजत शहर की उत्पत्ति और उत्पादित भारत की सबसे बड़ी मेहंदी मंडी हैं। इस क्षेत्र में उत्पादित मेहंदी को दुनिया भर में राजस्थानी हीना के रूप में जानी जाती हैं। यहां की मेहंदी करीब 130 देशों में निर्यात की जाती हैं। इसी कारण सोजत की अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हैं। इसके साथ ही सोजत में कली चुना व अजवाइन का भी अच्छा उत्पादन होता है जो विभिन्न राज्यों में सप्लाई किया जाता है।

सोजत का प्राचीन मंदिर।
सोजत का प्राचीन मंदिर।

भू गर्भ में दबी हैं खनिज सम्पदा, न्यूजीलैंड की कम्पनी ने किया सर्वे
सोजत क्षेत्र के भू गर्भ में अपार खनिज सम्पदा दबी हुई हैं। भारत सरकार ने कुछ वर्ष पूर्व न्यूजीलैंड की एक सर्वे कम्पनी मेक्फार को खनिज सम्पदा तलाशने का टेंडर दिया था। न्यूजीलैंड के 3 स्पेशल विमान सोजत में दो बार लैंड हुए थे। जो कई दिनों तक भू गर्भ में दबी खनिज सम्पदा को तलाशने के लिए विमान में लगे अत्याधिक उपकरणों व हवाई कैमरों से इन विमानों द्वारा तलाश कर इंटरनल रिपोर्ट बनाकर भारत सरकार को सौंपी थी।

(फोटो-वीडियो - श्याम पाराशर, अशोक खींची, सोजत)

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