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  • The Team That Went To The Desuri Area To Apply The Vaccine Kept Waiting For 7 Hours; Seeing The Team, The Villagers Made Noise While Running In The Forests.

टीका लगा मारने आए, भागो...:देसूरी क्षेत्र में वैक्सीन लगाने गई टीम 7 घंटे इंतजार करती रह गई; टीम को देख जंगलों में भागते हुए ग्रामीणों ने शोर मचाया

पाली6 दिन पहले
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देसूरी.  वैक्सीन लगाने के परिवार के लोगों को समझाते चिकित्सा टीम के सदस्य। - Dainik Bhaskar
देसूरी. वैक्सीन लगाने के परिवार के लोगों को समझाते चिकित्सा टीम के सदस्य।

देसूरी उपखंड क्षेत्र की पहाड़ियाें में रहने वाली आदिवासी समेत अन्य परिवाराें का काेराेना वैक्सीन काे लेकर अब भी डर खत्म नहीं हाे रहा है। इस इलाके में कुछ लाेगाें की तरफ से फैलाई गई अफवाह का असर यह है कि काेई भी वैक्सीन लगाने काे तैयार नहीं है।

रविवार काे चिकित्साकर्मियों का लवाजमा वैक्सीन लेकर भील बस्ती में पहुंचा। वहां पर चिकित्साकर्मियों काे देखते ही सभी लाेग अपने घराें काे छाेड़कर जंगलों में भाग गए। चिकित्साकर्मियों ने उनकाे समझाइश करने का प्रयास भी किया, मगर वे तैयार नहीं हुए। आखिर में 7 घंटे तक रूकने के बाद टीम में शामिल सदस्य वापस लाैट गए।

जानकारी के अनुसार देसूरी उपखंड मुख्यालय से मात्र 3 किमी दूरी पर स्थित भील बस्ती में रविवार काे शिविर लगाने के लिए चिकित्साकर्मियों का दल पहुंचा था। इनके साथ काेर कमेटी के सदस्य भी थे। बड़ी मुश्किल से यह पहाड़ी पर चढ़कर वैक्सीन लगाने के लिए गए। टीम काे अपने घराे की तरफ आते देखते ही यह लाेग वहां से भाग छूटे।

सरपंच की भी न सुनी, अफवाह: टीके से मर जाएंगे या नपुंसक हो जाएंगे
पहाड़ी क्षेत्र रहने वालों में कोरोना वैक्सीन को लेकर कई तरह की अफवाह फैली हैं जैसे कि वैक्सीन लगाने से लोगों की मौत हो जाती है या नपुंसक हो जाते हैं। पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोग कोरोना वैक्सीन लगाना तो दूर कोरोना की जांच करवाने के लिए तैयार नहीं हो रहे। क्षेत्र में जैसे ही चिकित्सा टीम नजर आती है, यह लोग घरों के दरवाजे बंद कर देते हैं या जंगल में चले जाते हैं।

कई जगह तो चिकित्सा टीम को बस्ती में प्रवेश तक नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन के जागरूकता अभियान का भी काेई असर नहीं है। सरपंच देसूरी केसाराम भील एवं वार्डपंच दौलाराम भील के समझाने से भी ग्रामीण तैयार नहीं हुए। इस दौरान वैक्सीन प्रभारी नारायणलाल तंवर,पीईईओं बनवारीलाल प्रजापत,बीएलओं सवाराम देवासी,पंचायत सहायक मदन अचरसा,आंगनवाडी कार्यकर्ता संतोष कंवर,आशा सहयोगिनी सीता भील,अमजत खान उपस्थित थे।

टीम को देखते ही खलबली, इधर-उधर भागे
बताया जाता है कि टीम के सदस्याें काे पहाड़ाें पर देखते ही कुछ लाेगाें ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि यह लाेग आ गए हैं। वे चिल्लाने लगे कि टीका लगाकर मारने आए हैं। इसलिए घर से निकल आओ। इसके बाद देखते ही देखते वे घर से भाग छूटे। इसमें महिलाएं भी शामिल थी। वे अपने बच्चों काे गाेद में उठाकर घर से काफी दूर तक निकल गई। पीछे से काेर कमेटी के सदस्याें ने जाकर उनकाे समझाने का प्रयास भी किया, मगर वे इनके नजदीक भी नहीं आए। ज्ञातव्य है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर का असर इस बार गांवों में अधिक देखने को मिला। सरकारी रिकार्ड के अनुसार पूरे क्षेत्र में 1357 लोग कोरोना पॉजिटिव हुए। वहीं 30 लोगों को कोरोना से मौत हुई।

समझाने के बावजूद नहीं लगा रहे वैक्सीन
देसूरी सेली माताजी भील बस्ती के लोगों को लगातार वैक्सीन लगाने के लिए समझाइश की गई। चिकित्सा टीम बस्ती में ही 7 घंटे तक रूकी, लेकिन काेई भी वैक्सीन लगाने के लिए तैयार ही नहीं हुआ।
-बनवारीलाल प्रजापत, पीईईओ एवं अध्यक्ष कोर कमेटी, देसूरी

समाज के लोगों में फैली हुई हैं कई भ्रांतियां
सेलीनाल भील बस्ती में रहने वाले लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए चिकित्सा टीम पहुंची। मगर टीम को देख लोग घरों को छोड़कर इधर उधर चले गये। कई लोगो को वैक्सीन लगाने के लिए समझाया। कई भ्रांतियों काे लेकर यह लाेग तैयार नहीं हुए।
-केसाराम भील, सरपंच, देसूरी

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