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इस सरकारी स्कूल में कठिन हैं पढ़ाई की डगर:रास्ते से लेकर स्कूल मैदान में भरा हैं बरसाती पानी, छात्राओं को टॉयलेट करने भी जाना पड़ता हैं दूसरों के घरों में, कई परिजनों ने बच्चों को छुड़ाया स्कूल

पाली9 महीने पहले
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स्कूल के निकट गली में बरसाती पानी से होकर स्कूल पहुंचे स्टूडेंट। - Dainik Bhaskar
स्कूल के निकट गली में बरसाती पानी से होकर स्कूल पहुंचे स्टूडेंट।

शहर के नया गांव में संचालित होने वाले राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में इन दिनों बरसाती पानी भरा हुआ। स्थिति यह हैं कि स्कूल के आस-पास के रास्तों पर बरसाती पानी भरा हुआ हैं। ऐसे में स्टूडेंट को स्कूल तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। स्कूल के बरामदे की छत टूटी पड़ी हैं। हादसे की आशंका के चलते दो कक्षा कक्षों को बंद कर रखा हैं। मामले को लेकर स्कूल प्रशासन ने शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को भी अवगत करवाया लेकिन समाधान कुछ नहीं हुआ। नतीजन असुविधाओं को देखते हुए कई परिजनों ने अपने बच्चों की यहां से टीसी लेना ही उचित समझा। वर्तमान में स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक महज 168 स्टूडेंट ही पढ़ने आ रहे हैं।

नया गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में भरा बरसाती पानी।
नया गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में भरा बरसाती पानी।
नया गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के बरामदे की टूटी छत के नीचे से गुजरता एक स्टूडेंट।
नया गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के बरामदे की टूटी छत के नीचे से गुजरता एक स्टूडेंट।
नया गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के बरामदे की क्षतिग्रस्त छत से लटकते लोहे के सरिए।
नया गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के बरामदे की क्षतिग्रस्त छत से लटकते लोहे के सरिए।
ओमाराम, स्टूडेंट कक्षा 6
ओमाराम, स्टूडेंट कक्षा 6
भरत, स्टूडेंट कक्षा 7वीं
भरत, स्टूडेंट कक्षा 7वीं
नया गांव राजकीय स्कूल के प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार शर्मा
नया गांव राजकीय स्कूल के प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार शर्मा
स्कूल परिसर में बने बॉथरूम के रास्ते में भरा बरसाती पानी।
स्कूल परिसर में बने बॉथरूम के रास्ते में भरा बरसाती पानी।
स्कूल में कक्ष सात को पढ़ाती बीएड स्टूडेंट।
स्कूल में कक्ष सात को पढ़ाती बीएड स्टूडेंट।

गर्ल्स स्टूडेंट को टॉयलेट करने जाना पड़ता हैं आस-पास के घरों में
स्कूल परिसर में बने बॉथरूम बना हुआ हैं लेकिन बरसाती पानी भरा होने से स्टूडेंट वहां तक पहुंच नहीं पाते। स्कूल के अध्यापकों के निवेदन पर आस-पास रहने वाले लोग स्कूली की छात्राओं को अपने घर में टॉयलेट करने आने देत हैं। यह समस्या हर बरसात के मौसम में होती हैं लेकिन स्कूल की बिगड़ी दशा सुधारने को लेकर न तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं और न ही शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी।

टूटी बरामदे की छत दे रही हादसे को आमंत्रण
स्कूल में कक्षा कक्षों के आगे बने बरामदे की छत टूट पड़ी हैं। कई बार उसका प्लास्टर नीचे गिर चुका हैं। नगर परिषद की ओर से यहां दो कक्षा कक्षों का निर्माण करवाया गया था। जिनका 16 जुलाई 2014 को लोकार्पण किया गया था। वर्तमान में दोनों कक्षा कक्ष क्षतिग्रस्त हैं। क्षतिग्रस्त बरामदे की छत से लोहे के सरिए नीचे लटक रहे हैं। हादसा न हो जाए इसलिए स्कूल प्रशासन ने इन कक्षा कक्षों में स्टूडेंट को बिठाना बंद कर दिया तथा बच्चे उस तरफ न जाए इसलिए वहां ब्लॉक लगाकर रास्ता बंद कर दिया।

स्टूडेंट बोले होती हैं परेशानी
नया गांव राजकीय स्कूल के प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि समस्या सालों से हैं। स्कूल आस-पास के जमीन स्तर से नीचे हैं। इसलिए यहां हर साल बरसाती पानी भर जाता हैं। टूटी बरामदे की छत व क्षतिग्रस्त कक्षा कक्षों को लेकर उन्होंने कहा कि इसको लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हैं। कक्षा 6 में पढ़ने वाले स्टूडेंट ओमाराम ने बताया कि रास्ते में वह स्कूल मैदान में पानी भरा हुआ हैं। ऐसे में आने-जाने में समस्या होती हैं। चर्म रोग होने एवं पानी से गुजरने के दौरान करंट लगने का डर लगा रहता हैं। कक्षा 7वीं में पढ़ने वाले भरत ने बताया कि स्कूल के आस-पास की गलियों में जगह-जगह बरसाती पानी भरा हुआ हैं। स्कूल परिसर में भी पानी भरा हुआ हैं। ऐसे में आने-जाने में दिक्कत होती हैं। स्कूल परिसर में बने लेट-बॉथ के आस-पास भी बरसाती पानी भरा हुआ हैं। ऐसे में खुले में टॉयलेट करते हैं।

नया गांव स्कूल एक नजर
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नया गांव वर्ष 1995 में प्राइमरी में क्रमोन्नत हुआ था। उसके बाद वर्ष 1996 में मीडिल में क्रमोन्नत हुआ था। स्कूल के आस-पास के करीब चार किलोमीटर क्षेत्र में कोई भी सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं हैं। वर्तमान में स्कूल में कक्षा 1 से 8वीं तक महज 168 स्टूडेंट पढ़ते हैं।

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