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ठगी का एक तरीका यह भी:सेना के जवान बनकर दिया अचार का ऑर्डर, फिर ऑनलाइन पेमेंट करने का झांसा दे किया ठगी का प्रयास

पाली।2 महीने पहले
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इन दिनों हर कोई अपनी शोप का सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करने में जुटा हैं। जिससे की ज्यादा से ज्यादा ऑर्डर मिले लेकिन उनके इस प्रचार-प्रसार पर साइबर ठगों की नजर हैं। जो कभी सैनिक बनकर तो कभी कोई अधिकारी बनकर ऑर्डर करते हैं और ऑनलाइन पेमेंट करने का झांसा देकर उनके एकांउट से भी रुपए साफ कर देते हैं।

ताजा मामला शहर सोमनाथ के निकट गिफ्ट एवं अचार, शर्बत की दुकान संचालित करने वाले किशोर माली का है। उनको एक अंजान युवक ने कॉल कर स्वयं को एक फौजी बताया तथा कहां कि उन्हें अचार चाहिए। अजमेर में शिविर लगा हुआ हैं। 20 किलो कैरी, 20 किलो आम, 40 किलो मिर्ची का अचार, 20 किलो नींबू के अचार का ऑर्डर ऑनलाइन दिया। इतना बड़ा ऑर्डर मिलने पर किशोर ने भी जल्दी-जल्दी पैक करवा दिया। फिर आगे से कॉल आया कि माल लेने अजमेर से सेना की गाड़ी में उनके आदमी आएंगे तथा पेमेंट उनके अधिकारी ऑनलाइन करेंगे। वे जैसा बताए आप कर देना। कुछ देर बाद एक जने का कॉल किशोर के पास आया। उसने स्वयं को सेना में अधिकारी बताया तथा किशोर से कहां कि यह मेरे एकाउंट नम्बर हैं। इस पर आप 1 रुपए मुझे सेंड करें ताकि में आपको अचार का पेमेंट कर सकू। शक होने पर किशोर ने वापस कहां कि यह मेरे फोन पे नम्बर हैं। रुपए मुझे आपसे लेने हैं इसलिए आप इस नम्बर एक रुपया सेंड करके देख ले। मैं बता दूंगा कि रुपए मेरे पास पहुंचे या नहीं। लेकिन इस पर खुद को सेना का अधिकारी बताने वाला युवक राजी नहीं हुआ। करीब 10 मिनट तक चलती बहस के बाद भी किशोर नहीं माना तो दो-चार गालियां देकर युवक ने फोन काट दिया।

पेम्पलेट प्रिंट करवाने के नाम पर की ऑनलाइन ठगी
शहर में एक ऑफसेट संचालित करे वाले दिलीप श्रीमाली को भी गत वर्ष एक युवक कुछ इसी तरह से 11000 रुपए की ठगी कर ली थी। जिसका अभी तक पुलिस कोई सुराग नहीं जुटा सकी। हुआ यूं कि दिलीप को कॉलकर एक युवक ने पेम्पलेट प्रिंट करवाने की बात कही तथा मेटर वाट्सअप के जरिए उन्हें भेजा। एडंवास रुपए देने की बात आई तो युवक ने कहां कि वह अभी बाहर हैं। ऑनलाइन पेमेंट कर देगा। यह कहकर उसने दिलीप को एक क्यूआर कोड भेजा तथ कहां कि इसे स्केन करो में आपको रुपए सेंड करता हूं। जैसे ही दिलीप ने उसे स्केन किया। उनके खाते से 8500 रुपए ट्रांसफर हो गए। बाद में युवक ने बोला कि गलती से ऐसा हो गया। आप वापस क्यूआर कोड स्केन करो में रुपए सेंड करता हूं। दूसरी बार दिलीप ने कोड स्केन किया तो 2500 रुपए ओर कट गए। बाद में युवक ने खुद का फोन बंद कर दिया। इसको लेकर उन्होंने साइबर सेल में रिपोट भी दर्ज कराई लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका।

लोन देने के नाम पर की ठगी
28 मई को बजरंग नगर निवासी इंद्रसिंह सोलंकी ने फोन कर एक युवती ने कहा कि आदित्य बिड़ला केपिटल ग्रुप से बोल रही हैं। उनके एक लाख रुपए का लोन स्वीकृत हुआ हैं। उन्हें विशवास में लेने के लिए युवती ने अपना आई कार्ड उन्हें वाट्सअप पर सेंड भी किया। विश्वास में आकर इन्द्रसिंह ने भी उनकी ओर से बताए गए प्रोसेस को पूरा किया। फिर प्रोसेसिंग फीस, स्टॉम्प शुल्क आदि के नाम पर इंद्रसिंह से तीन-चार किशतों में 7184 रुपए अपने एकाउंट में ट्रांफसर करवा लिए लेकिन लोन की राशि उनके एकाउंट में ट्रांसफर नहीं की। शक होने पर उन्होंने ऑनलाइन साइबर सेल में इसकी शिकायत भी की लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका।

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