स्कूल की बिल्डिंग को दिया ट्रेन का लुक:ग्रामीण और छोटे बच्चे स्कूल को देखने पहुंच रहे, फोटो ले रहे; एडमीशन भी बढ़े

पाली5 महीने पहले
पाली जिले के रोहट के निकट बनाया गया स्कूल।

पाली जिले के रोहट स्थित राणा गांव में एक प्राथमिक स्कूल को शिक्षकों ने भामाशाहों के सहयोग से स्कूल भवन को ट्रेन का लुक दिया। जिससे की स्टूडेंट का मन यहां लगा रहे। वह घर जाने की जिद्द न करें। स्कूल का नामांकन भी बढ़े।

पाली जिले के रोहट के निकट स्थित राणा गांव का सरकारी प्राथमिक स्कूल। जिसे रंग-रोगन कर ट्रेन का लुक दिया गया।
पाली जिले के रोहट के निकट स्थित राणा गांव का सरकारी प्राथमिक स्कूल। जिसे रंग-रोगन कर ट्रेन का लुक दिया गया।

रोहट के राणा गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीलों व मेघवालों की ढाणी में राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्थित है। वर्तमान में स्कूल में कक्षा पांचवी तक के 153 स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक देवेन्द्र सिंह जैतावत ने बताया कि नामांकन बढ़ाने एवं स्कूल में छोटे बच्चों का मन लगा रहे। इस उद्देश्य से टीचर्स से चर्चा कर स्कूल भवन का रंग-रोगन ट्रेन जैसा कराने का निर्णय लिया। करीब एक माह तक काम चला। स्कूल के प्रधानाध्यापक कक्ष को ट्रेन के इंजन एवं तीन कमरों को डिब्बों का रूप दिया गया। यह काम शुक्रवार को ही पूरा हुआ।

पाली जिले के रोहट के निकट स्थित राणा गांव का सरकारी प्राथमिक स्कूल। जिसे ट्रेन का लुक दिया गया।
पाली जिले के रोहट के निकट स्थित राणा गांव का सरकारी प्राथमिक स्कूल। जिसे ट्रेन का लुक दिया गया।

देखने के लिए पहुंच रहे ग्रामीण व बच्चे
ग्रामीण और छोटे बच्चे स्कूल को देखने पहुंच रहे हैं। फोटो ले रहे हैं। स्कूल आने वाले बच्चों को भी यह नया लुक काफी अच्छा लग रहा हैं। उम्मीद हैं कि स्कूल के नामांकन बढे़गा।

भामाशाहों का रहा सहयोग
कार्यवाहक प्रधानाध्यापक देवेन्द्र सिंह जैतावत ने बताया कि गांव के चवालिया ग्रुप, भामाशाह प्रवीण पटेल, भेराराम भील, मसराराम देवासी का स्कूल का रंग-रोगन करवाने सहित अन्य विकास कार्य में सहयोग रहा। इसके साथ ही स्कूल के टीचर्स भंवरी स्वामी, अणदाराम व श्रवण कुमार ने भी सहयोग किया।

उन्होंने बताया कि भामाशाह के सहयोग से गर्ल्स-बॉय स्टूडेंट के लिए स्कूल परिसर में अलग-अलग लेटबॉथ बनवाने से लेकर खेल मैदान की चारदीवारी करवाने, स्कूल में पेयजल व बिजली का कनेक्शन लगने का काम भी भामाशाहों के सहयोग से करवाया।

(फोटो-वीडियो: जोताराम देवासी, राणा)