शुभ संकेत:पश्चिमी राजस्थान में दिखने लगे तीन मीटर लंबे पंखाें वाले गिद्ध

पाली7 महीने पहले
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वल्चर गिद्ध यह तस्वीर प्राणीशास्त्र की प्रोफेसर रेणु कोहली ने पाली के रोहट क्षेत्र से ली है। एक दशक के दौरान भारत, नेपाल और पाकिस्तान में सिनेरियस गिद्ध 90% तक घटे, लंबे समय के बाद राजस्थान में नजर आ रहे यूरेशियन ब्लैक वल्चर। - Dainik Bhaskar
वल्चर गिद्ध यह तस्वीर प्राणीशास्त्र की प्रोफेसर रेणु कोहली ने पाली के रोहट क्षेत्र से ली है। एक दशक के दौरान भारत, नेपाल और पाकिस्तान में सिनेरियस गिद्ध 90% तक घटे, लंबे समय के बाद राजस्थान में नजर आ रहे यूरेशियन ब्लैक वल्चर।

गांवाें-जंगलाें में आसानी से मिल जाने वाले गिद्ध कुछ समय से तेजी से कम हो रहे हैं। गिद्ध की नौ प्रजातियां भारत में पाई जाती हैं। इनमें से एक है सिनेरियस गिद्ध यानी यूरेशियन ब्लैक वल्चर। कभी यह भारत में बहुतायत में थे लेकिन पिछले एक दशक में भारत ही नहीं, नेपाल और पाकिस्तान में इनकी तादात में 90% तक कमी देखी गई।

ऐसे ही रुझान पूरे अफ्रीका में देखे गए हैं। प्राणी शास्त्र की प्राेफेसर डाॅ. रेणु काेहली बताती हैं कि पक्षी जिन शवों को खाते हैं, उससे उनके शरीर में जहर पहुंच रहा है। इनके विलुप्त होने का कारण इनकी प्रजनन क्षमता में कमी हाेना भी माना गया है। पशुओं को दी जाने वाली दवाओं जैसे डायक्लोफेनेक, एक्सीटोन इत्यादि की वजह से उनके गुर्दाें ने काम करना बंद कर दिया, जिससे इनकी प्रजनन क्षमता भी घट गई।