भाई की मौत के बाद बहन आई डिप्रेशन में:पानी के टैंकर ने मार दी थी टक्कर, खून से लथपथ बहन अपने भाई को अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन हो चुकी थी मौत

पाली2 महीने पहले
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एक हादसे ने छीन ली परिवार के चेहरों से खुशी। (मृतक रोजर विन्सेंट मैसी बीच में ब्लू टीशर्ट में) फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
एक हादसे ने छीन ली परिवार के चेहरों से खुशी। (मृतक रोजर विन्सेंट मैसी बीच में ब्लू टीशर्ट में) फाइल फोटो

शहर में बेलगाम दौड़ रहे पानी के टैंकर लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। ताजा मामला 1 अगस्त का हैं। चर्च जा रहे भाई-बहन को बेलगाम टैंकर चालक ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 23 वर्षीय रोजर विन्सेंट मैसी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। खून से लथपथ अपने छोटे भाई को टैक्सी में डालकर ओगस्टिना मैसी अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना को करीब एक सप्ताह हो गया हैं लेकिन ओगस्टिना मैसी अभी तक डिप्रेशन में हैं। वह अब भी यकीन नहीं कर पा रही हैं कि उसका भाई अब इस दुनिया में नहीं हैं। ओगस्टिना की हालत देख उनके पिता अजय बिसेंट मैसी (बंटी मैसी) ने घर की दीवारों पर लगे बेटे के फोटो उतार कर सुटकेस में रख दिए। ताकि फोटो देखकर ओगस्टिना रोए नहीं। मां मेरी की हालत तो इससे भी ज्यादा खराब हैं। उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं दे रहे। परिजनों के लाख समझाने के बाद भी उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।

दोनों बड़ी बहनों के साथ मृतक रोजर विन्सेंट मैसी। फाइल फोटो
दोनों बड़ी बहनों के साथ मृतक रोजर विन्सेंट मैसी। फाइल फोटो

इन्द्रा कॉलोनी निवासी 29 वर्षीय ओगस्टिना मैसी ने बताया कि 3 भाई बहनों में 23 वर्षीय रोजर विन्सेंट मैसी सबसे छोटा था। हाल ही में उसने उदयपुर से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। वह जॉब ढूंढ रहा था लेकिन कोरोना के चलते फिलहाल घर पर ही था। 1 अगस्त की सुबह करीब सवा नौ बजे उसने मुझे उठाया। बोला आज संडे हैं। चर्च नहीं चलना क्या। मैंने कहां नींद आ रही हैं आज नहीं चलते हैं लेकिन उसने जबरदस्ती मुझे उठाया ओर बोला थोड़ा गॉड में भी ध्यान लगाया कर। आखिर उसके आगे मुझे हारना पड़ा। दोनों भाई-बहन स्कूटी लेकर मणी नगर चर्च की ओर निकले। सुबह करीब सवा दस बजे जैसे ही हम श्रम विभाग कार्यालय प्रताप नगर चौराहे पर पहुंचे पीछे से तेज गति से आ रहे पानी के टैंकर ने हमारी स्कूटी को टक्कर मार दी। इतने में भी टैंकर रूका नहीं और टैंकर का चक्कर विन्सेंट के ऊपर चढ़ गया। वह दूसरी तरफ गिरी थी इसलिए बच गई।

सबकुछ इतनी जल्दी हुआ कि कुछ समय ही नहीं सकी। खून से लथपथ विन्सेंट को तुरंत लोगों की मदद से टेक्सी में डाल अस्पताल लेकर पहुंची लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इतना कहते ही ओगस्टिना की आंखों से आंसू छलकने लगे। वह कुछ देर तो बोल भी नहीं सकी। उसने कहा कि सालों पुराने पानी के टैंकर शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। उनमें ब्रेक भी मुशिकल से लगता हैं। ऐसे वाहनों का स्थानीय प्रशासन सड़कों पर दौड़ने की अनुमति कैसे दे देता हैं। टैंकर चालक की गलती से मैंने तो अपना जवान भाई खोया हैं। क्या उसकी भरपाई कोई कर सकता हैं। मेरी जिला कलक्टर से विनती हैं कि प्लीज शहर में बेलगाम दौड़ रहे इन टैंकरों पर लगाम लगाए। जिससे किसी और बहन का भाई यूं उसकी आंखों के सामने तड़प-तड़प कर न मरे।

अभी तक सदमे से बाहर नहीं आया परिवार
इन्द्रा कॉलोनी निवासी बंटी मैसी के ओगस्टिना मैसी, तान्या मैसी व रोजर विन्सेंट तीन संतानें हैं। पत्नी मंडिया रोड ईएसआई अस्पताल में नर्सिंग स्टॉफ हैं। बेटे की अकाल मौत ने उन्हें बुरी तरह तोड़ कर रख दिया। दोनों पति-पत्नी बोलते हैं कि गॉड के पास जाने की उम्र तो हमारी हैं। वो तो अभी 23 साल का ही था। मौत आनी ही थी तो हमें आ जाती।

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