40 हजार लेते VDO रंगे हाथों गिरफ्तार:पट्‌टा जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत, आरोपी के ठिकानों पर तलाश जारी

जैतारण (पाली)2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पाली के जैतारण में बाड़े के तीन हिस्से कर उसके तीन अलग-अलग पट्‌टे जारी करने के बदले 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों एसीबी पाली टीम द्वारा गिरफ्तार वीडीओ। (बीच में गोले में) - Dainik Bhaskar
पाली के जैतारण में बाड़े के तीन हिस्से कर उसके तीन अलग-अलग पट्‌टे जारी करने के बदले 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों एसीबी पाली टीम द्वारा गिरफ्तार वीडीओ। (बीच में गोले में)

ACB पाली द्वितीय की टीम ने बुधवार को जैतारण में VDO मुकेश माली को 40 हजार रुपए की रिश्वत परिवादी से लेते रंगें हाथों गिरफ्तार किया। VDO के बैग से रिश्वत के रुपए ACB ने बरामद किए। एक बाड़े तीन हिस्से कर उसके तीन अलग-अलग पट्टे बनाने के बदले में VDO ने एक लाख 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।

ACB पाली सेकंड के उप अधीक्षक महिपाल ने बताय कि पाली जिले के अमरपुरा (जैतारण) निवासी परिवादी सत्यनारयण पुत्र हीराराम, उसकी पत्नी रामदेवी व बेटे दिनेश के नाम प्रशासन गांवों के संग केम्प में परिवादी ने रहवासी बाड़े के तीन हिस्से कर उसके तीन अलग-अलग पट्‌टे बनाने का आवेदन किया था। 18 नवम्बर 2021 को ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत रास, अतिरिक्त चार्ज ग्राम विकास अधिकारी अमरपुरा पंचायत समिति जैतारण (पाली) के वीडीओ मुकेश माली ने प्रति पट्‌टा 60 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में सौदा एक लाख 20 हजार में तय हुआ।

मामले में परिवादी अमरपुरा निवासी सत्यनारायण ने शिकायत एसीबी में शिकायत की। जिसके सत्यापन के बाद बुधवार को परिवादी से 40 हजार रुपए रिश्वत के लेते केकीन्दड़ा (आनंदपुर कालू) हाल VDO पंचायत समिति रास, अतिरिक्त चार्ज VDO अमरपुरा पंचायत समिति जैतारण में कार्यरत 27 वर्षीय मुकेश माली पुत्र हीराराम माली को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। परिवादी से ली रिश्वत राशि एसीबी ने आरोपी वीडीओ के बैग से बरामद की। कार्रवाई के दौरान एसीबी के सीताराम बुनकर, रामकिशोर मुख्य आरक्षक, सोहनलाल कांस्टेबल, हनुमानसिंह, पूनाराम, स्वतंत्र गवाह बादलसिंह व हेमराज मौजूद रहे।

आरोपी के ठिकानों पर तलाश जारी
एसीबी जोधपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस कैलाश विश्नोई के निर्देशन में आरोपी के आवास एवं अन्य ठिकानों पर एसीबी टीम द्वारा तलाशी जारी हैं। एसीबी इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्जकर आगे की कार्रवाई करेगी।