आसमान-पाताल से जवाई बांध का अनदेखा VIDEO:ये सूखे तो चलानी पड़ती है वाटर ट्रेन, इस बार 14 महीने का पानी भरा

पाली4 महीने पहलेलेखक: ओम टेलर
राजस्थान के पाली जिले में स्थित जवाई बांध 554 गांवों और 9 शहरों की प्यास बुझाता है। बांध के नीचे एक सुरंग भी, जिसे नींव भी कहते हैं।

पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा जवाई बांध। पिछले मानसून में कम बारिश के कारण 6 महीने में ही इसका पानी खत्म हो गया था। हालात इतने बिगड़ गए कि अप्रैल से लेकर जुलाई तक जोधपुर से वॉटर ट्रेन बुलानी पड़ी। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। ये प्रदेश का इकलौता बांध है, जहां पानी खत्म हो जाए तो वाटर ट्रेन चलानी पड़ती है। इस बार राहत की बात है कि महज डेढ़ महीने के मानसून में बांध में 42.20 फीट पानी आ चुका है, यह बांध की कुल भराव क्षमता से करीब 20 फीट कम है, लेकिन इतना पानी 14 महीने की जरूरतों के लिए पर्याप्त है।

कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश जारी है। सेई डैम से लगातार पानी आने से बांध का जलस्तर बढ़ रहा है। इरिगेशन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अभी 1 महीने का मानसून बाकी है और ऐसे में इसका जलस्तर और बढ़ेगा।

दैनिक भास्कर की टीम जवाई बांध पहुंची और ड्रोन से वीडियो शूट किया। आसमान से बांध और बहता पानी और भी खूबसूरत लग रहा था। यहां पानी की सतह से करीब 70 फीट नीचे एक सुरंग भी है। एक्सईएन मदनसिंह जेतावत से बताया कि इस सुरंग को जवाई बांध की नींव भी कहते हैं। हमने उनसे अंदर जाने की परमिशन ली और एक लोकल टीम के साथ हम सुरंग में उतर गए।

70 फीट नीचे, 1 किमी लंबी सुरंग, फूलने लगीं सांसें
करीब 1 Km (3030 फीट) लंबी सुरंग का दरवाजा खुला तो कुछ नजर नहीं आया। हर तरफ अंधेरा था। कुछ ही कदम चले कि चमगादड़ का झुंड हमारे ऊपर आ गया। संभलकर हम बढ़े। बाहर के मुकाबले अंदर का तापमान करीब 6 से 7 डिग्री कम था। हल्की ठंड महसूस हो रही थी।

सुरंग के 6 गेट हैं। 6 नंबर वाले गेट से हमारी एंट्र्री हुई। टीम हमें सुरंग से जुड़ी रोचक जानकारी दे रही थी। बीच-बीच में पानी के दीवार से टकराने की आवाज डरा रही थी। कहीं अंधेरा तो कहीं ऊपर-नीचे सीढ़ियां। जैसे-जैसे आगे बढ़ते जा रहे थे, ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा था। सांसें फूल रही थीं। मोबाइल टॉर्च के सहारे 40 मिनट में हम सुरंग के दूसरे छोर तक पहुंचे।

जवाई बांध पर 160 फीट चौड़ी दीवार का निर्माण 500 साल के भविष्य को देखते हुए किया गया।
जवाई बांध पर 160 फीट चौड़ी दीवार का निर्माण 500 साल के भविष्य को देखते हुए किया गया।

11 साल में बनकर तैयार हुआ था बांध, सुरक्षा के लिए सुरंग
एक्सईएन ने बताया कि रियासतकाल में जवाई बांध की दीवार की सुरक्षा को लेकर यह सुरंग बनाई गई थी। 1946 से 1957 के बीच इंजीनियर एडगर व फर्गुसन के नेतृत्व में बांध और सुरंग का निर्माण हुआ। 160 फीट चौड़ी दीवार का निर्माण 500 साल के भविष्य को देखते हुए किया गया। 64 साल पहले बनाए गए जवाई बांध की यह जल सुरंग बेहद मजबूत है। इसके डेढ़ किमी दायरे में दीवार पर सीलन जरूर है, लेकिन काई बिल्कुल नहीं है। हाल ही में इसकी मरम्मत भी कराई गई।