वर्ल्ड हार्ट-डे आज: तनाव, अनियमित दिनचर्या बना रहा ह्रदय रोगी:20 लाख की जनसंख्या वाले पाली जिले में एक भी कार्डियोलॉजिस्ट नहीं, हार्ट के गंभीर मरीजों को रेफर ही विकल्प, जाना पड़ता हैं जोधपुर-अहमदाबाद

पाली2 महीने पहले
बांगड़ अस्पताल का सीसीयू यूनिट में भर्ती हार्ट मरीज की देखभाल करते परिजन।

तनाव, अनियमित दिनचर्या, गलत खान-पान आम से लेकर खास को दिल का रोगी बना रहा है। पाली जिले में हार्ट अटैक से प्रतिवर्ष 100 से अधिक लोगों की मौतें हो रही हैं। जिसमें कई युवा भी शामिल हैं। अकेले बांगड़ अस्पताल के आईसीयू में प्रतिमाह 30 से अधिक रोगी भर्ती होते हैं। लेकिन इसे विडम्बना ही कहेंगे की 20 लाख से ज्यादा आबादी वाले पाली जिले में एक कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक) तक नहीं हैं। कार्डियोलॉजिस्ट, कैथ लैब नहीं होने के कारण जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले हृदय के गंभीर रोगियों को रेफर करना ही चिकित्सकों के पास एकमात्र विकल्प बचता। जो दिल के रोगी हैं उन्हें पिछले कई सालों से इलाज के लिए जोधपुर, अजमेर व अहमदाबाद का रूख करना पड़ता हैं। जिले के जनप्रतिनिधि इसको लेकर प्रयासरत होने की बात कह रहे हैं लेकिन हकीकत यह हैं कि आज भी हृदय के गंभीर रोगियों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रूख करना पड़ रहा हैं।

बांगड़ अस्पताल का सीसीयू यूनिट।
बांगड़ अस्पताल का सीसीयू यूनिट।
बांगड़ अस्पताल का सीसीयू यूनिट में भर्ती हार्ट मरीज।
बांगड़ अस्पताल का सीसीयू यूनिट में भर्ती हार्ट मरीज।

हृदय रोग को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 29 सितम्बर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता हैं। वर्ष 2021 की थीम तुम्हार दिल, हमारा दिल रखी गई हैं। इस दिन का उद्देश्य लोगों को हृदयरोग के बारे में जागरूक करना है। हृदयरोग के मरीजों की संख्या दुनियाभर में लगातार बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना महामारी समय में दिल की बीमारी लोगों को ज्यादा नुकसान पंहुचा रही है। गलत खानपान, हर वक्त तनाव में रहना और समय पर एक्सरसाइज न करने की वजह से ये बीमारी अक्सर होती है। दुनियाभर में अलग-अलग संस्थाएं इस दिन लोगों को जागरूक करती हैं। ताकि हृदय से होने वाली मोतों के आंकड़ों में कमी लाई जा सके।

बांगड़ अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एचएम चौधरी।
बांगड़ अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एचएम चौधरी।
बांगड़ अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ प्रवीण गर्ग।
बांगड़ अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ प्रवीण गर्ग।

डॉक्टर्स बोले : दिल के दर्द को न करें नजर अंदाज
बांगड़ अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एचएम चौधरी व डॉ प्रवीण गर्ग का कहना हैं कि सीने के आस-पास के लगातार दर्द रहे तो तुरंत अस्पताल आकर जांच करवाने चाहिए। बांगड़ अस्पताल में दिल के रोगियों के लिए ईसीजी, टीएमटी, ईको जांच आदि की सुविधा के साथ आईसीयू वार्ड भी हैं। कार्डियोलॉजिस्ट व कैथ लैब नहीं होने के कारण गंभीर रोगियों को रेफर करना पड़ता हैं। दिल की बीमारी का प्रमुख कारण तनाव, अनियमित दिनचर्या, मोटापा हैं। इसलिए रोजाना व्यायात करना चाहिए। घर हो या बाहर ज्यादा वसा युक्त भोजन करने से बचना चाहिए। खाने में नमक व मीठे का जितना हो सके कम उपयोग करना चाहिए। 40 की उम्र हो गई है तो बॉडी चिकअप जरूर करवाना चाहिए। क्योंकि दिल के रोग को गंभीर नहीं लेना जानलेवा शामिल हो सकता हैं। हाल ही में एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला की मौत इसका उदाहरण हैं।

हार्ट मरीज मुकेश शर्मा बोले पाली में कम से कम हो एक हार्ट स्पेशलिस्ट।
हार्ट मरीज मुकेश शर्मा बोले पाली में कम से कम हो एक हार्ट स्पेशलिस्ट।

मरीज का दर्द - हार्ट अटैक आने के बाद काम-काज छोड़ घर बैठा हूं
शहर के इन्द्रा कॉलोनी निवासी 56 साल के मुकेश शर्मा बताते हैं कि करीब एक वर्ष पहले अचानक तबीयत खराब होने पर अस्पताल गया। जांच करवाई तो सामने आया की हार्ट अटैक आ गया हैं। दवाइयां शुरू कर दी। घर से निकलना कम कर दिया अब आराम ही करता हूं। पहले निजी अस्पताल में इलाज चलता था। महीने की करीब चार हजार रुपए की दवाइंया आती थी। लॉकडाउन में आर्थिक स्थिति बिगड़ी तो सरकारी अस्पताल से हार्ट की दवाइंया लेना शुरू किया। लेकिन दुख हैं कि जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। जबकि हार्ट के रोगी बढ़ते जा रहे हैं। उनहें इलाज व जांचों के लिए जोधपुर, अहमदाबाद जाना पड़ रहा हैं। जनप्रतिनिधियों को भी चाहिए कि वे प्रयास कर एक हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तो बांगड़ अस्पताल में नियुक्त इससे हजारों हार्ट के मरीजों को फायदा होगा। उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल व दूसरे शहर जाने से निजात मिल जाएंगी।

ये है शुरुआती लक्षण

-सीने व छाती में तेज दर्द, भारीपन महसूस होना। - पैदल चलने पर सांस फूलना । - पसीना ज्यादा आना। - घबराहट होना व सांस लेने में तकलीफ। -जी मचलाना, उल्टी व चक्कर आना। -पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द व जलन से बैचेनी।

यूं करे सकते हैं बचाव

- दिनचर्या में बदलाव करे। - मानसिक तनाव कम करे। - वजन व कॉलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखे। - जंक फूड व वसायुक्त भोजन का परहेज करें। - शराब और धूम्रपान से दूर रहे। - रोज एक घंटे व्यायाम व घूमना, साइकिलिंग, आउटडोर गेम, खेलकूद आदि - खाने में नमक व मीठे की मात्रा कम रखें। - 35 साल से अधिक आयु वाले ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल व शुगर नियंत्रित रखे।

हृदयाघात आने पर यह करे सबसे पहले

- मरीज को सीधा लेटा दें व कपड़े ढीले कर दे तथा तुरंत अस्पताल ले जाए। - मरीज को हवा आने की जगह छोड़ दें और उसे लंबी सांस लेने को कहे। -उबकाई आए तो मरीज को उल्टी करने का कहे। - पीड़त के दोनों पैरों को ऊपर उठा देए ताकि हृदय रक्त की सप्लाई हो सके।

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