बांध से निकाला नरेश का शव:20 घंटे के रेस्क्यू के बाद आखिर स्थानीय गोताखोर नरेश का शव निकालने में हुए कामयाब

जैतारण/निमाज/सेंदड़ा (पाली)एक वर्ष पहले
बांध से निकाला गया मृतक नरेश का शव।

सेंदड़ा थाना क्षेत्र के भोमादा बांध में गिरे निमाज के नरेश खटीक का शव आखिर 20 घंटे के रेस्क्यू के बाद लोकल गोताखार निकालने में कामयाब हुए। शव को देख परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया। उन्हें स्थानीय ग्रामीण व परिजन सांत्वना देते नजर आए। पुलिस ने मृतक का शव बर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

नरेश खटीक जो बांध में गिरा। फाइल फोटो
नरेश खटीक जो बांध में गिरा। फाइल फोटो

सेंदड़ा थानाप्रभारी मनोज सामरिया ने बताया कि मंगलवार साढ़े 12 बजे के करीब मृतक का शव स्थानीय गोताखारों की मदद से निकाला जा सका। मृतक का शव नीचे फंसा हुआ था। नाव में बैठकर स्थानीय गोताखारों ने देशी बिलाई से तलाश जारी रखी। एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचने से पहले मंगलवार को स्थानीय गोताखोर शव निकालने में कामयाब हुए।

ज्ञात रहे कि निमाज निवासी 26 वर्षीय नरेश पुत्र प्रकाश सोमवार को श्रावण का सोमवार होने के चलते निमाज निवासी अपने दोस्त अभिषेक व्यास, राहुल शर्मा, गोपाल वेद्य के साथ वह टाटगढ़ क्षेत्र में स्थित दूदेश्वर महादेव घूमने गया था। वापस आते समय वे सेंदड़ा थाना क्षेत्र के भोमादा बांध पहुंचे। यहां बांध की दीवार से दूसरी तरफ जाते समय पैर फिसलने से नरेश बांध में गिर कर डूब गया था। उसके दोस्तों की सूचना पर पुलिस व परिजन मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ की टीम ने सोमवार रात 11 बजे तक रेस्क्यू जारी रखा बाद में अंधेरे के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा।

परिवार कर रहा था सगाई की तैयारी

परिवार के लोग नरेश की सगाई की तैयारी कर रहे थे और हादसे ने उनके बेटे को उनसे छीन लिया। बेटे का शव देख मां गोपाली देवी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। वह अब भी यकीन नहीं कर पा रही थी कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।

(फोटो - दीपक राठौड़, सेंदड़ा)

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