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लाभ मांगा:विधायक देवल ने कोरोना से दिवंगत हुए लोगों के आश्रितों के लिए सरकारी सहायता का मुद्दाउठाया

रानीवाड़ा2 दिन पहले
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  • विधायक ने आश्रित बच्चों और पत्नियों को 1-1 लाख की सहायता, योजनाओं का लाभ मांगा

विधायक नारायण सिंह देवल ने विधानसभा के छठें सत्र के दौरान आयोजित बैठक में भाग लेते हुए राजस्थान विधानसभा प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम 1986 के नियम 295 के अन्तर्गत विशेष उल्लेख प्रस्ताव के माध्यम से राज्य सरकार से कोरोना महामारी की पहली व दूसरी लहर के दौरान प्रदेश में दिवंगत हुए सभी लोगों के आश्रित बच्चों एवं उनकी पत्नियों को 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आग्रह किया। देवल ने प्रस्ताव में बताया कि कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान प्रदेशभर में काफी लोग कोरोना संक्रमित होने के कारण काल कलवित हुए हैं। दूसरी लहर के दौरान केन्द्र सरकार ने देशभर में एवं अलग-अलग राज्य सरकारों ने अपने-अपने प्रदेश में कोरोना संक्रमण से काल कलवित हुए लोगों के आश्रित बच्चों एवं उनकी विधवाओं के लिए आर्थिक सहायता राशि सहित तमाम सुविधा मुहैया कराने की घोषणा की है।

प्रदेश में भी मुख्यमंत्री ने भी तत्काल 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, निशुल्क शिक्षा, चिकित्सा सुविधा, स्वास्थ्य बीमा एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अन्तर्गत मुफ्त राशन सामग्री सहित कई प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है जो सराहनीय एवं प्रशंसनीय कार्य है। परन्तु यह जानकारी में आया है कि राज्य सरकार केवल उन्हीं लोगों को कोरोना मृतक मान रही है जिनकी पोस्टमार्टम रिर्पोट में मृत्यु का कारण कोविड होना बताया गया है। जिनकी आरटीपीसीआर रिर्पोट में कोरोना पॉजिटिव होना पाया गया था। उन्हाेंने बताया कि जब प्रदेश में आईसीयू बैड्स की कमी चल रही थी और होम आइसोलेशन किया जा रहा था तो अधिकांश लोग ऐसे थे जिनमें कोरोना के लक्षण पाये जाने पर उन्होंने या तो निजी चिकित्सालय में इलाज लिया अथवा घर पर ही होम आइसोलेशन में रहे और उनकी मृत्यु हो गई। जिससे ना तो उनकी पोस्टमार्टम रिर्पोट में कोरोना की पुष्टि की गई और ना ही उनके पास आरटीपीसीआर जांच रिर्पोट थी। कई लोग ऐसे भी थे जो तत्कालीन परिस्थितियों की भयावहता के कारण जांच कराने से भी डर रहे थे और घर पर ही इलाज ले रहे थे और मृत्यु हो गई। ऐसे तमाम तरह के दिवंगत लोगों को राज्य सरकार की सहायता का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस विशेष उल्लेख प्रस्ताव के माध्यम से माननीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कोरोना काल के दौरान दिवंगत हुए सभी लोगों को कोरोना मृतक मानकर अथवा सोशल ऑडिट करवाकर अथवा पड़ोसियों के शपथ पत्र को आधार मानकर उनके आश्रित बच्चों एवं विधवाओं को सभी सरकारी सहायता उपलब्ध करावें ताकि बेसहारा गरीब लोगों को जीवनयापन में मदद मिल सके।

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