93 साल पुरानी अखंड हरि कीर्तन की परंपरा:श्री चारभुजानाथ मंदिर में 7 दिन तक 24 घंटे शहर की फिजा में बहेगी भक्ति की बयार

सोजत10 दिन पहले
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सोजत शहर का सबसे प्राचीन भक्ति में कार्यक्रम अखंड हरिकीर्तन सप्ताह इस बार अपने 94 वर्ष में प्रवेश कर रहा हैl पारंपरिक रूप से शहर के श्री चारभुजानाथ मंदिर में 30 जनवरी से 5 फरवरी तक चलने वाली अखंड हरिकीर्तन सप्ताह ईश्वर आराधना की संगीतमय परंपरा का अनूठा आयोजन हैl जिसकी मुख्य विशेषता यह है कि जब यह प्रारंभ होता है तो लगातार 7 दिन रात और दिन विभिन्न वाद्य यंत्रों के माध्यम से श्रद्धालु पैरों पर खड़े होकर भजनों और संकीर्तन की प्रस्तुति देते हैं और ढोलक सप्ताह समापन के बाद ही बंद होती हैl जिसके आयोजन में सोजत शहर ही नहीं आसपास के गांव के लोग भी भगवान चारभुजानाथ के मंदिर में पहुंचकर भजन कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं l आयोजन की तैयारियां भी शुरू हो चुकी है l

शहर की फिजा में घुलेंगे भक्ति के रंग

अखंड हरिकीर्तन सप्ताह के दौरान मंदिर परिसर में 24 घंटे समय अनुसार विभिन्न रागों पर आधारित भजनों और हरी नाम संकीर्तन की प्रस्तुति दी जाएगी l चारभुजा ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष ब्रहम प्रकाश मूंदड़ा व ट्रस्टी श्यामसुंदर माहेश्वरी ने बताया कि इसके लिए लगभग सभी भजन मंडलियों को निमंत्रण पत्रिकाएं भेज दी गई है सप्ताह के दौरान पारंपरिक रूप से दिया जाने वाला मोतिल्ली का प्रसाद भी तैयार हो गया है। प्रसाद तीन समय दिया जाएगा। सुबह मंगला आरती के बाद, दोपहर को ठाकुर जी के पट खुलने के बाद, और रात्रि को शयन आरती के बादl प्रतिदिन मंदिर में देव प्रतिमाओं को आकर्षक सिंगार दिए जाएंगे और रोशनी से सजावट की जाएगी l

अंतिम दिन निकलेगी शोभायात्रा

अखंड हरिकीर्तन सप्ताह का समापन 6 फरवरी को होगा। जिसमें दोपहर को पूजा अर्चना के बाद भगवान चारभुजानाथ की सवारी बैंड बाजों के साथ नगर भ्रमण के लिए निकलेगी l जिसके आगे भजन मंडली भजन गाते हुए चलेगी और गुलाल उड़ाई जाएगीl आयोजन में नंदकिशोर अग्रवाल, बहादुरसिंह खींची, विजयसिंह चौहान, प्रेमराज पवार, विजयराज सोनी, कमलसिंह चौहान, हरिनारायण पाराशर, कमलसिंह चौहान सुधीर दवे, गजेंद्र जोशी, कमलसिंह चौहान, नथमल सोलंकी, नरेंद्र खारीवाल लगे हुए हैं l

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