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गोशालाओं की रजिस्ट्रेशन, अनुदान प्रक्रिया भी अटकी:पशु चिकित्सालय तो बना दिए, न स्टाफ लगाया न सुविधाएं, पशुपालक परेशान

सांचौर18 दिन पहले
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  • उपखंड क्षेत्र में प्रथम श्रेणी के दो सहित 5 पशु अस्पताल, 21 उपकेंद्र होने के बावजूद लाभ नहीं

पशुओं के उपचार को लेकर सांचौर उपखंड में 2 प्रथम श्रेणी के पशु अस्पताल, 5 अस्पताल व 21 उपकेंद्र हैं। लेकिन गांवों में पशु चिकित्सक व चिकित्सालय में सुविधाओं के अभाव से पशुपालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र में जगह-जगह कई गोशालाएं बनी हुई हैं। प्रत्येक गोशाला में 300 से 500 नंदी, गाय आदि गोवंश हैं। गोशालाएं ग्रामीणों ने अपने स्तर पर खोल रखी है। इस कारण रजिस्ट्रेशन के अभाव में वहां अनुदान व इलाज संभव नहीं हो रहा है। ऐसे में पशु चिकित्सालय में सुविधा मिलने से गोवंश को लाभ मिल सकता है।

चिकित्सक के अभाव में अस्पताल की भी जानकारी नही : क्षेत्र में कई जगह ऐसे मामले है कि पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सालय तो पहले से बने हुए है, लेकिन वहां चिकित्सकों के नदारद रहने से लोगों काे नियुक्ति की जानकारी तक नही है। इसी तरह का एक मामला चौरा ग्राम पंचायत का सामने आया हैं। यहां वर्ष 2018 में पशु चिकित्सक नियुक्त किया गया था। लेकिन उसके नदारद रहने से ग्रामीणों को चिकित्सालय की जानकारी तक नही रही। लेकिन ग्रामीणों की मांग पर सरपंच ने पशु वन मंत्री से अस्पताल चिकित्सक की मंत्री से मांग की, तो जानकारी मिली कि यहां पहले से चिकित्सक नियुक्त हैं।

21 उपकेंद्रों में से सिर्फ 4 के ही भवन बने हुए हैं

उपखंड में 2 प्रथम श्रेणी के अस्पताल सांचौर व पथमेड़ा में है। वहीं अन्य 5 स्वास्थ्य केंद्र गोलासन, अरणाय, गुंदाऊ, सुरावा व मालियों का गोलिया में है। जिसमें 2 वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, 6 पशुचिकित्सा अधिकारी हैं, वहीं 2 पद रिक्त है। इसी तरह 24 कंपाउडर के पद हैं, जिसमें 21 पद भरे हैं और पशुधन सहायक के 4 पद रिक्त हैं।

इसी प्रकार 21 उपकेंद्र कारोला, जाखल, हरियाली, भादरूणा, चौरा, पमाना, खारा, बिजरोल खेड़ा, बड़ी विरोल, हाडेतर, सरनाऊ, धमाणा, बिछावाड़ी, सरवाना, भडवल, सांकड़, डबाल, धानता, पुर, पांचला इन सबसेन्टर पर भवन की कमी होने चिकित्सक अपनी व्यवस्था के अनुसार उपचार करते हैं। वर्तमान में हालात यह है कि क्षेत्र में 21 उपकेंद्र में से सिर्फ 4 के ही भवन बने हुए है, शेष पशु चिकित्सालय बिना भवन के ही संचालित हा़े रहे हैं।

वही अरणाय में पिछले 6 माह से 4 पद रिक्त है, जिसमे डॉक्टर, कंपाउंडर, पशुधन परिचारक, स्वीपर और 5 अस्पताल में पशुधन सहायक के पद रिक्त हैं। साथ ही सांचौर व पथमेड़ा के प्रथम श्रेणी के अस्पताल में भी खाली पड़ी हुई हैं।

भवन के अभाव में पशुओं के टीकाकरण की समस्या

पशुओं में गलघोटु, काला बुखार के टीके 1 रुपये खराड़ व फड़किया 2 रुपये वही गर्भाधान के लिए सांचोरी कांकरेज नस्ल, गिर गाय, मुरैना भैंस के गर्भधारण के टीके पशु केंद्र पर मात्र 30 रुपये ही लगते है। लेकिन भवन के भाव के कारण ये टीके कार्मिक घर पर आकर 300 रुपये में लगाते है। वहीं मोबाइल यूनिट बजट के अभाव के कारण बंद हो गई।

राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों के लिए मोबाइल यूनिटीम का गठन किया गया था। जिसका हर पंचायत वार मोबाइल यूनिट के द्वारा शिविर आयोजन कर पशुपालकों को उत्तम नस्ल तथा बचाव व उपचार के बारें में जानकारी दी जाती थी। लेकिन बजट के अभाव में मोबाइल यूनिट भी बंद पड़ी हैं।

मंत्री को भी समस्या बता चुके

चौरा पंचायत में पशु कंपाउंडर कई समय से नहीं आ रहा हैं और वहां पर कोई कार्मिक लगा हुआ यह भी पता नहीं है। जिसको लेकर नोडल अधिकारी को शिकायत की। जिसके बाद वर्ष 2018 से नियुक्ति की जानकारी मिली। वहीं भवन को लेकर मंत्री से सिफारिश की, जो जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।
- सुनील बिश्नोई, सरपंच ग्राम पंचायत चौरा ।

सांचौर में पशु चिकित्सक व भवन के अभाव के कारण समस्या आ रही है। चोरा के सरपंच की शिकायत आई थी, भवन नहीं होने से कई कार्य फील्ड में होंगे, मगर उनको पाबंद कर दिया है।

- डॉ रामाभाई पटेल, नोडल अधिकारी सांचौर ।

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