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जलापूर्ति व्यवस्था:वीराना गांव में एक महीने से लड़खड़ाई जलापूर्ति, ट्यूबवेल भी एक साल से बंद

सायला18 दिन पहले
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  • ग्रामीण टैंकरों से मंगवाने काे मजबूर, लेकिन एक माह बाद भी विभाग ने नही की व्यवस्था

उपखंड क्षेत्र के वीराना ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पिछले एक महीने से जलापूर्ति व्यवस्था लडख़ड़ाई हुई है। जिसके कारण ग्रामीणों को गर्मियों के मौसम में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही ग्रामीणों की समस्या की सुनवाई नही होने से रोष व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार वीराना गांव में उम्मेदबाद स्थित नर्मदा प्रोजेक्ट से पानी की सप्लाई होती है, लेकिन पिछले एक माह से व्यवस्था प्रभावित है। जिसके चलते कभी कभार पानी की सप्लाई होती है, वह भी नही के बराबर।

साथ ही पानी का प्रेशर कम होने से पर्याप्त पानी नही आता है। जिसके चलते ग्रामीणों को अपने स्तर पर निजी टैंकरों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। इधर, महिलाओं को आसपास के कृषि बेरो से पानी भरकर लाना मजबूरी हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को भी अवगत कराया गया था। लेकिन समस्या का समाधान नही हो रहा है।

जनता जल योजना का ट्यूबवेल भी पड़ा बंद
गांव में पेयजल व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायत द्वारा जनता जल योजना में एक ट्यूबवेल खुदवाया गया था, जो एक साल से बंद पड़ा है। जिससे ग्रामीणों की समस्या और बढ़ गई है। पहले ट्यूबवेल होने से पानी की ज्यादा किल्लत नही थी। ग्रामीणों का कहना है ग्राम पंचायत की ओर से इस संबंध में कोई सुध नही लेने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

टैंकर से पानी मंगवाया
एक माह से गांव में पानी की समस्या है। पानी नही आने पर टैंकर से मंगवाकर व्यवस्था करनी पड़ रही है।
रणछोडाराम माली, ग्रामीण वीराना।

वीराना गांव नर्मदा प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है, जहां उम्मेदाबाद से सप्लाई होती है। बिजली कटौती से व्यवस्था प्रभावित हो रही होगी।
रूपेंद्रसिंह, सहायक अभियंता जलदाय विभाग सायला।

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