परेशानी:शिवगंज-सुमेरपुर की दूरी कम करने वाली जवाई नदी की छीपावास रपट 4 साल बाद भी अधूरी पड़ी

शिवगंज2 महीने पहले
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जवाई नदी में अधूरी पड़ी रपट। - Dainik Bhaskar
जवाई नदी में अधूरी पड़ी रपट।
  • जवाई नदी में 180 मीटर रपट की चौड़ाई साढ़े सात मीटर, जबकि पुरानी 100 मीटर की थी

व्यवसायिक शहर शिवगंज-सुमेरपुर के बीच की दूरी कम करने वाली जवाई नदी की छीपावास रपट पिछले करीब 4 साल से अधूरी पड़ी है। इस रपट से सुमेरपुर की ओर जाने एवं वापस लौटने में सिर्फ 280 मीटर चौड़ी जवाई नदी की दूरी तय करनी होती है, इसके लिए बाइक सवार को मात्र 1 मिनट एवं पैदल चलने वाले व्यक्ति को 4 मिनट का समय ही लगता है। जबकि शहर के बाजार से जवाई नदी पुल होकर सुमेरपुर जाने की दूरी 1 किमी से अधिक है, ऐसे में अधिक बाइक सवार व पैदल जाने वाले लोग छीपावास रपट का उपयोग ही कर रहे है, लेकिन रपट का निर्माण कार्य आज भी अधूरी होना से आवागमन में राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड रहा है।

वर्ष 2017 के अगस्त महीने में अतिवृष्टि होने पर जवाई नदी के अंदर पानी का बहाव तेज होने से छीपावास की रपट उखड़ कर टूट गई थी। नगर पालिका के तत्कालीन बोर्ड ने पहले तो तीन महीने बाद नवंबर में रपट की मरम्मत करवाई, इसके बाद वर्ष 2018 में करीब 180 मीटर रपट का निर्माण करवाया गया है, जिसकी चौड़ाई साढ़े सात मीटर है और उस पर करीब 48 लाख की लागत आई है। लेकिन नदी की चौड़ाई 280 मीटर है, उसमें रपट का निर्माण केवल 180 मीटर ही होने से आज भी सुमेरपुर की ओर करीब 100 मीटर रपट अधूरी पड़ी है। उस जगह पर क्षतिग्रस्त हुई पुरानी व संकरी रपट से आज भी राहगीरों को आगमन में परेशानी हो रही है।

सुमेरपुर की ओर जाने और लौटने में सिर्फ 280 मीटर चौड़ी जवाई की दूरी तय करनी होती है

छीपावास रपट की सडक शिवगंज व सुमेरपुर के मुख्य बाजार से सीधी जुड़ी हुई है, जिससे एक तो आने-जाने वाले राहगीरों को समय की बचत होती है और दूसरा किसी भारी वाहन का सामना भी नहीं करना पड़ता है, जिससे उन्हें यातायात में सुविधा होती है एवं बड़े वाहनों से हादसे का डर भी नहीं होता है। नदी में अधूरी पड़ी रपट की चौड़ाई मात्र साढ़े तीन मीटर है, जबकि नई रपट की चौड़ाई साढ़े सात मीटर है। ऐसे में नई और पुरानी रपट के ज्वाइंट पर विशेषकर रात के समय हमेशा बाइक सवारों को हादसे की आशंका रहती है।

इधर, नई रपट पर भी हुए गड्ढे

जवाई नदी के अंदर करीब 4 साल पहले बनाई रपट पर भी गड्ढे हो गए है एवं रपट के दोनों ओर कचरा डालने से गंदगी फैली हुई है। मृत पशु-पक्षियों एवं उनके अपशिष्ठ डाल जाने से दुर्गन्ध का आलम छाया हुआ है। रपट से गुजरने वाले बाइक सवार व अन्य लोगों को बदबू के कारण परेशानी होती है। रपट पर चार-पांच जगह पर गहरे गड्ढे हो गए है और उसके पास रपट के बचे हुए कुछ भाग पर चलते समय बाइक सवार व लोग परेशान है।

सवाल? अधूरी रपट का कब होगी पूरी

जवाई नदी शिवगंज क्षेत्र से गुजरती है, ऐसे में पूरी रपट का निर्माण भी करवाया जाना था, लेकिन नहीं किया गया। सुमेरपुर की ओर 100 मीटर तक अधूरी पड़ी रपट का निर्माण कब होगा, इस बारे में फिलहाल स्थिति कोई स्पष्ट नहीं है। रपट जो पुरानी व अधूरी है, वह पूरी तरह से जर्जर अवस्था में संकरी होने से आगमन में परेशानी हो रही है। यही नहीं, इस रपट की चौड़ाई-ऊंचाई भी समांतर नहीं होने से राहगीरों को आगमन में परेशानी हो रही है। रपट का निर्माण हो रहा था, उस समय नगर पालिका के अधिकारियों का कहना था कि शेष रही जगह पर रपट का निर्माण करवाने के लिए पडौसी नगर पालिका से बात की जाएगी। लेकिन वह रपट आज भी अधूरी पड़ी है।

सुविधायुक्त है छीपावास रपट

छीपावास रपट व्यवसाय व यातायात की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। 4 साल से रपट अधूरी पड़ी है, जिस पर ध्यान देना चाहिए। इस रपट से समय की बचत के साथ हर किसी को आने जाने में सुविधा होती है। फोरलेन सडक पर सर्विस रोड की दूरी भी अधिक रखने से शिवगंज बाजार पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। किशोर परिहार, व्यवसायी शिवगंज

रपट के पास डाले कचरे को हटाएंगे

जवाई नदी में छीपावास रपट के पास अगर किसी ने कचरा, अपशिष्ट डाला गया है तो वहां एक-दो दिन में सफाई करवा दी जाएगी। रपट के निर्माण व पैचिंग कार्य के संबंधी उन्हें जानकारी नहीं है। कोई व्यक्ति अगर नदी के अंदर कचरा या अपशिष्ट डालता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नरेश कुमार डांगी, स्वास्थ्य निरीक्षक, नगर पालिका, शिवगंज

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