महिला दिवस आज:618 समूहाें की 6180 महिलाओं ने स्वयं ही अचार-पापड़ बेचकर परिवार संभाला; काेराेना नहीं ताेड़ सका इन महिलाओं की हिम्मत

सिरोही9 महीने पहलेलेखक: हरीश मेघवाल
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भारती रावल ने 13 साल पहले स्वयं सहायता समूह बनाया व अजारी में कपड़ों का प्रतिष्ठान खोला है। - Dainik Bhaskar
भारती रावल ने 13 साल पहले स्वयं सहायता समूह बनाया व अजारी में कपड़ों का प्रतिष्ठान खोला है।
  • इन महिलाओं ने आदिवासी क्षेत्र से शुरुआत कर महिलाओं काे समूह से जाेड़ स्वराेजगार के लिए किया प्रेरित
  • लॉकडाउन में पति की नाैकरी छूटी, पत्नियों ने स्वरोजगार को बनाया घर चलाने का आधार

आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता की यदि सफल तस्वीर देखनी हो तो सिरोही जिले की उन 6180 महिलाओं को देखा जा सकता है, जिन्होंने पहले स्वयं सहायता समूह बनाए और फिर खुद का कारोबार शुरू किया। इतना ही नहीं, किसी के पति की नाैकरी चली गई ताे किसी के परिवार का गुजारा मुश्किल हुआ। लेकिन इन महिलाओं की हिम्मत काेराेना भी नहीं ताेड़ सका। 618 समूहों में शामिल इन महिलाओं ने किसी से मदद लेने की बजाय खुद के काराेबार काे शुरू कर परिवार काे भी इसमें लगाया और अब कई महिलाएं ऐसी भी हैं जाे प्रतिदिन 10 से 12 हजार तक कमा रही हैं।

इन्होंने गांव, गली और मोहल्ले में प्रतिष्ठान खोलकर दूसरी महिलाओं काे भी राेजगार दिया। 600 महिलाओं ने 5 हजार से अधिक महिलाओं काे राेजगार दिया। इनमें कुछ महिलाएं ऐसी भी है जो अहमदाबाद, सूरत जैसे बड़े शहरों से रेडिमेड कपड़े थोक के भाव लाकर यहां रिटेल में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा लेती है। वहीं, कुछ महिलाएं कच्चे माल से खुद का प्रोडक्ट तैयार कर मार्केट में बेचती है।

आदिवासी क्षेत्र से शुरू, अब पूरे जिले में है समूह
जिले में महिलाओं के समूह बनाने की शुरूआत आदिवासी बाहुल्य पिंडवाड़ा से की। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसे अभियान के रूप में चलाया और पूरे जिले में 618 समूह सक्रिय है। महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक अंकिता राजपुरोहित ने बताया कि जिन महिलाओं में खून की कमी है उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए दवाइयां और स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए जा रहे हैं। एनीमिया पीडि़त बालिकाओं के लिए सर्वे भी किया जा रहा है।

केस-1 कोरोना में पति की नौकरी छूटी पर इसके बाद भी घर चलाने के साथ कमाई भी की
एसाऊ निवासी भारती रावल ने 13 साल पहले स्वयं सहायता समूह बनाया था। पति सूरत में नाैकरी करते थे। लेकिन जैसे ही काेराेनाकाल आया और लॉकडाउन लगा सूरत से नाैकरी चली गई और मजबूरन उन्हें भी घर आना पड़ा। इस पर भारती अपने परिवार के साथ फिर से जुटी और अपने व्यापार काे खड़ा किया। काेराेनाकाल में अपने कारोबार की वजह से घर का पूरा खर्च निकालने के साथ भारती ने बचत भी की। समूह की बदौलत भारती ने अजारी गांव में कपड़ों का प्रतिष्ठान खोला है, जहां थोक व रिटेल में कपडे़ बेचती है। रेडिमेड, शूटिंग-शर्टिंग, लहंगा, चोली, साड़ी, राजपूती पोशाक आदि का कारोबार है और रोजाना 10 हजार की कमाई है।

केस-2 कोरोनाकाल में खिचियां, राबोड़ी, बड़ी, अचार का कारोबार बना मददगार
नितौड़ा निवासी मधु ने 2002 में स्वयं सहायता समूह बनाया। कोरोनाकाल में परिवार के लोग बेरोजगार हो गए। ऐसे में मधु ने भी काेराेनाकाल जैसी आपदा में अवसर ढूंढा और खिचियां, राबोड़ी, बड़ी, अचार, चूर्ण तैयार कर घर से काराेबार चलाया। इस दाैरान न केवल घर की बचत भी की इस मुश्किल दाैर में भी परिवार का गुजारता किया। अन्य जुड़ी प्रत्येक महिला अब घर बैठे बैठे प्रतिमाह खर्च निकाल कर 10-12 हजार की कमाई होती है।

केस-3 लॉकडाउन में जब लोग घरों में बंद थे, तब भी समूह महिलाएं सशक्त रहीं
नया सानवाड़ी निवासी भगवती ने 7 साल पहले स्वयं सहायता समूह बनाया। समूह की महिलाएं खिचियां, राबोरी, कटलेरी, कपड़े आदि का व्यवसाय करती है। महिलाओं के खुद के प्रतिष्ठान भी है। कोरोनाकाल में महिलाओं का गृह उद्योग ही परिवार के गुजारे का आधार बना। अपने ही गांव में रोजाना 3-4 हजार रुपए कमा रही है।

दो राज्य स्तरीय हाट बाजार में 30 लाख की हुई थी आय
समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए आईसीडीएस व महिला अधिकारिता विभाग की ओर से जिले में पहली बार माउंट आबू में दो बार लगाए राज्य स्तरीय हाट बाजार में महिलाओं ने 30 लाख रुपए की कमाई की थी। महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक अंकिता राजपुरोहित ने बताया कि माउंट आबू में 1 से 5 जून तक 2018 में लगाए अमृता हाट बाजार में 59 समूह शामिल हुए थे, जिन्हें 14 लाख रुपए और 25 से 31 दिसंबर 2019 में लगाए अमृता हाट बाजार में शामिल हुए 64 समूहों को 17 लाख रुपए की आय हुई थी। प्रदेश के किसी भी जिले में लगने वाले हाट बाजार में अपना प्रोडक्ट बेचने के लिए ले जाने पर महिलाओं को आईसीडीएस व महिला अधिकारिता विभाग की ओर से टीए-डीए भी दिया जाता है। इससे महिलाएं अपना घर खर्च निकालने के साथ ही अच्छा मुनाफा भी कमा लेती है।

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