महोत्सव:अच्छी बारिश के लिए कलाकारों ने मनाया रंगमल्हार उत्सव, कोरोना से बचाव के तरीके भी बताए

सिरोहीएक वर्ष पहले
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  • इस वर्ष ऑनलाइन मनाया रंगमल्हार महोत्सव, चित्रकारी से कोरोना से बचाव के तरीके भी बताए

जिले के कलाकारों ने रंगमल्हार उत्सव इस बार कोरोना महामारी को लेकर ऑनलाइन यानि अपने घर, स्टूडियो में रहकर मनाया। इस वर्ष रंगमल्हार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस उत्सव में विभिन्न प्रकार की सामग्री पर जैसे ग्लोब, हेलमेट, छाता, लालटेन, साइकिल, हाथ पंखे पर राजस्थान के विभिन्न शहरों में निश्चित दिन सभी कलाकार एक ही जगह पर एकत्रित होकर तय सामग्री पर चित्रण कार्य कर अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना करते है। रंगमल्हार उत्सव की संकल्पना वरिष्ठ ख्यातनाम चित्रकार विद्यासागर उपाध्याय ने 10 साल पहले की थी।

इस साल 11वां रंगमल्हार का आयोजन इको फ्रेंडली केरी बैग पर चित्रण कर मनाया गया, जिससे लोगों में इको फ्रेंडली केरी बैग के उपयोग के लिए जागरुक किया जा सके। उत्सव के तहत शिवगंज के पंकज गहलोत, प्रमिला गहलोत तथा सुमेरपुर से नेमाराम जांगिड ने कपड़े की थैली पर रंगों का चित्रण किया।

चित्रों के माध्यम से दिया जागरुकता का संदेश : पंकज गहलोत ने अपने चित्र के माध्यम से कोरोना से डरकर नहीं बल्कि लडकर उसके साथ जीने का हिस्सा मानते हुए सावधानी बरतने का संदेश दिया। प्रमिला गहलोत ने मानवीय चेहरे को प्राकृतिक तत्वों से अलंकृत कर  प्रकृति से जुडने का संदेश दिया। साथ ही नेमाराम जांगिड ने शहरों पर मडराते कोरोना महामारी से लॉकडाउन के प्रभाव को बताया।

अंतरराष्ट्रीय आधुनिक मूर्तिकार है पंकज व नेमाराम
पंकज गहलोत तथा नेमाराम दोनों ही अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक मूर्तिकार और चित्रकार है। प्रमिला गहलोत चित्रकार के साथ समाज सेविका है। भारत विकास परिषद में रिजनल महिला मंद्धह के दायित्व के साथ स्थानीय शाखा की महिला सदस्यों से अनुपयोगी कपड़ों को एकत्रित कर उनसे करीब 1 हजार मास्क व कपड़े की थैलियां बनाकर आमजन को निशुल्क वितरित प्लास्टिक मुक्त शहर व कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरुकत कर रही है।

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