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लॉकडाउन का असर:शादियों पर लॉकडाउन का ब्रेक, जिले में 1951 विवाह समारोह स्थगित

सिरोहीएक महीने पहले
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सिरोही. शादियों पर पाबंदी लगा देने से मैरिज गार्डन पर लगा ताला। - Dainik Bhaskar
सिरोही. शादियों पर पाबंदी लगा देने से मैरिज गार्डन पर लगा ताला।

शादी समारोह के लिए तैयारी कर चुके लोगों को कोविड-19 की नई गाइडलाइंस जारी होने के बाद बड़ा झटका लगा है। पहली गाइडलाइन में शादी समारोह में 50, फिर 31 मेहमानों को बुलाने की अनुमति और अब राज्य सरकार ने रोक लगा दी है। सरकार ने 10 से 24 मई तक सबसे सख्त लॉकडाउन लगाया है और अब 31 मई तक शादियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इससे जिले में 1951 से ज्यादा शादी समारोह स्थगित हो गए हैं।

इस साल सबसे ज्यादा 12 मुहूर्त मई महीने में थे और आखातीज का अबूझ सावा भी इस महीने में होने से बड़ी संख्या में शादियां होनी थी। इसलिए वे लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं, जिन्होंने पिछले साल शादी टालने के बाद इस बार मई में शादी तय की और अब सरकार ने एनवक्त पर रोक लगा दी। विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे, बारात एवं निकासी तथा प्रीतिभोज आदि की अनुमति नहीं होगी। विवाह स्थल मालिकों, टेंट व्यवसायियों, कैटरिंग संचालकों और बैंडबाजा वादकों आदि को एडवांस बुकिंग राशि आयोजनकर्ता को लौटनी होगी या बाद में आयोजन करने पर समायोजित करनी होगी।

आखा तीज का अबूझ सावा और सबसे ज्यादा मुहूर्त थे इसी माह के थे

इस बार मई माह में शादियों के सबसे ज्यादा 12 मुहूर्त होने से सावे भी अधिक थे। महीने की शुरुआत के तीन दिन तक लगातार शादियों के मुहूर्त होने से नवदंपती परिणय सूत्र में बंधे। इसके बाद 7 से 9, 14, 19, 21 से 24, 26 से 30 मई तक शादियों के मुहूर्त थे। सबसे ज्यादा शादियां आखातीज 14 मई को अबूझ मुहूर्त पर होनी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मियों में ही शादियां होती है। पिछले साल लॉकडाउन की वजह से लोगों ने शादी समारोह को टाल दिया था, इसलिए भी इस बार ज्यादा शादियां होनी थी। लेकिन, कोरोना महासंक्रमण की स्थिति ने सरकार को लॉकडाउन बढ़ाने पर मजबूर किया।

रेवदर में सबसे अधिक होनी थी 874 शादियां
आखातीज को बड़ा शुभ दिन मानते हैं और अबूझ मुहूर्त होने से इसी दिन शादियों भी अधिक होती है। इसके अलावा भी मुहूर्त अधिक थे। सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक सावा आयोजकों ने एसडीएम कार्यालय में अनुमति के लिए आवेदन भी कर दिया था। एसडीएम कार्यालयों से मिली जानकारी के अनुसार रेवदर उपखंड में सबसे ज्यादा 874 आवेदन आए। इसी तरह पिंडवाड़ा उपखंड में 482 आवेदन, माउंट आबू उपखंड में 398 आवेदन, शिवगंज उपखंड में 125 आवेदन और सिरोही उपखंड में सबसे कम 72 आवेदन आए।

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