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‘पुकार’ से पुरस्कार:मातृ व शिशु मृत्यु दर कम करने चलाया पुकार कार्यक्रम, राज्य में 3 माह से सिरोही अव्वल

सिरोही8 दिन पहले
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  • नवाचार - स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी स्टेट पैरामीटर के अलावा प्रशासन ने अपनी तरफ से भी जोड़े पैरामीटर, इसी से बेहतर बनी चिकित्सा सुविधाएं

कोविड महामारी के उपचार एवं रोकथाम में लगे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर भगवती प्रसाद की ओर से सात महीने पहले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ चार और विभागों काे साथ लेकर जिले में पुकार कार्यक्रम चलाया। कार्ययोजना, आपसी समन्वय, प्रभावी प्रशिक्षण, प्रभावी मॉनिटरिंग का नतीजा राज्य स्तर की ओर से जारी की गई स्वास्थ्य सूचकांक रैंकिंग में सिरोही जिला लगातार तीन महीनों से यानी नवंबर, दिसंबर और जनवरी में पहले स्थान पर रहा।

जानकारी के अनुसार जिले में मां एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किए जाने के लिए जिला स्तर से ग्राम स्तर तक विभिन्न दी जा रही सेवाओं की दूरियों को भरने के लिए अधिकारी एवं कर्मचारियों की पूरी जवाबदेही सुनिश्चित करने और मां एवं बच्चे के स्वास्थ्य की देखभाल की कमियों को पूरा करने के लिए कलेक्टर भगवती प्रसाद ने एकीकृत प्रयास “पुकार’ संचालित करने का निर्णय गत साल जून में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लिया।

इसमें तय किया गया था कि गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के अन्य राज्य एवं जिले में पलायन के कारण उनका ट्रैकिंग करना आवश्यक है, साथ ही जिले में कुपोषण की स्थिति चिंताजनक है, इन सबको ध्यान में रखते हुए विभिन्न सरकारी विभाग विशेष रूप से पंचायत राज संस्थानों, महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला अधिकारिता विभाग, स्वच्छता कार्यक्रम एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी के बीच सहयोग बनाने के लिए पुकार कार्यक्रम का संचालन करने का निर्णय लिया गया है।
प्रत्येक राजस्व गांव को 3 भागों में बांटा, अलग-अलग क्षेत्र में बनाए प्रभारी, जून में शुरू किया पुकार कार्यक्रम

कार्यक्रम के तहत प्रत्येक राजस्व गांव को 3 भागों में बांटा गया, जिनके प्रभारी स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, साथिन/सहयोगिनी/स्वच्छताकर्मी को अलग-अलग क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया। प्रत्येक 15 दिन में घर घर सम्पर्क के दौरान योग्य दंपती, गर्भवती, धात्री महिलाओं एवं 2 वर्ष तक के बच्चों की सूचना एकत्रित कर अपडेट किया। इसके बाद आशा एवं एएनएम इन सभी लाभार्थियों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ लाभ दिलाना तय करती रही।
स्वास्थ्य में लगे थे 992 कर्मचारी, अब हो गए 2896
पुकार कार्यक्रम चलाने से पहले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के कार्य एएनएम एवं आशा सहयोगिनी की ओर से ही किया जा रहा था, जिनकी जिले में संख्या 992 थी। इसमें अन्य विभाग के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, साथिन, स्वच्छताग्राही को शामिल करने के बाद जिले में मातृ एवं स्वास्थ्य सेवाओं के कार्य करने के लिए ये संख्या 2896 हो गई।

अधिकारियों और कार्मिकों को किया गया प्रशिक्षित
कार्ययोजना काे लेकर सभी सहयोगी विभाग के अधिकारियों, कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया। इसके लिए जिला स्तरीय व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर ने बैठकें ली। सेक्टर स्तरीय चिकित्सा अधिकारी, सुपरवाइजर, एएनएम की वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण करवाया गया।

ग्राम स्तरीय चिह्नित कार्मिकों को सेक्टर स्तर पर 20-20 संभागियों को चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इसमें 325 एएनएम, 779 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 667 आशा सहयोगिनी, 753 सहायिका, 294 स्वच्छता ग्राही व 78 साथिन को प्रशिक्षित किया गया।

ये है जिले में मृत्यु दर (एएचएस 2012-13 के अनुसार)

  • नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 44 प्रति
  • 1000 जीवित जन्म है।
  • शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 65 प्रति
  • 1000 जीवित जन्म है।
  • मातृ मृत्यु दर 222 प्रति 1000 है।
  • 5 वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु दर 85 प्रति 1000 जीवित जन्म है, जो कि राज्य की औसत से अधिक है।

जिले की आबादी है 10.36 लाख

  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिला सिरोही की आबादी लगभग 10.36 लाख है।
  • जिले में 39.73 प्रतिशत महिला और 69.98 प्रतिशत पुरुष साक्षर हैं, जो कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए एक बड़ी भी चुनौती है।

पुकार कार्यक्रम चलाने के बाद मिले बेहतर परिणाम
जिला स्वास्थ्य सूचकांकों में जनवरी 2021 में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान पर रहा है।) पुकार कार्यक्रम संचालित होने के बाद माह जनवरी 2021 में जिला स्वास्थ्य सूचकांकों में प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है।

ये सूचकांक हैं जिनमें मिली प्रगति

  • एएनसी 12 सप्ताह पूर्व माह जुलाई 2020 में 69.51 प्रतिशत के मुकाबले जनवरी 2021 में 80.70 प्रतिशत हो गई।
  • 3 एएनसी चैकअप में जुलाई 2020 में 62.14 प्रतिशत के मुकाबले जनवरी में 84.29 प्रतिशत हो गई।
  • 4 एएनसी चैकअप में जुलाई 2020 में 53. 97 प्रतिशत के मुकाबले 69.08 प्रतिशत हो गई।
  • कम वजन के नवजात जुलाई 2020 में 12.7 प्रतिशत के मुकाबले जनवरी में 11.10 प्रतिशत ही रह गए।
  • पूर्ण टीकाकरण जुलाई 2020 में 86.7 प्रतिशत के मुकाबले जनवरी में 100 प्रतिशत हो गया।
  • संस्थागत प्रसव जुलाई में 90.03 प्रतिशत के मुकाबले जनवरी में 99.4 प्रतिशत हो गया है।

इन विभागों को साथ लेकर चलाया पुकार कार्य

कलेक्टर भगवती प्रसाद ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों को पुकार कार्यक्रम में जोड़ा।
1. पंचायतीराज संस्थान 2. महिला एवं बाल विकास विभाग 3. महिला अधिकारिता विभाग 4.स्वच्छता कार्यक्रम 5. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग।
चिकित्सा के सहयोगी विभागों को जोड़कर चलाया कार्यक्रम: कलेक्टर
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कल्याण के लिए चिकित्सा विभाग के साथ चार अन्य सहयोगी विभागों को जोड़कर पुकार कार्यक्रम चलाया। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्टेट की ओर से निर्धारित रैंकिंग पैरामीटर्स के अलावा हमारी ओर से अन्य पैरामीटर्स पर भी काम किया जा रहा है। जून में यह कार्यक्रम शुरू किया गया था। टीमवर्क से अच्छे नतीजे मिलने शुरू हो गए हैं और लगातार तीन महीनों से राज्य की रैंकिंग में जिला प्रथम स्थान पर है।
- भगवती प्रसाद, कलेक्टर, सिरोही

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