नाबालिग का घर जाकर किया पुनर्वास:समिति अध्यक्ष बाफना व सदस्य माली ने आर्थिक सहायता भी की

सिरोही2 महीने पहले
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बाल कल्याण समिति ने नाबालिग को उसके घर जाकर पुनर्वास करने की पहल की है। अक्सर बाल कल्याण समिति से बच्चों का पुनर्वास किया जाता रहा है। जानकारी के अनुसार बरलूट पुलिस को मंडवारिया गांव में रात के समय एक बच्चा लावारिस घूमने की सूचना मिली।

बालक ने अपना नाम चेतन कुमार पुत्र लसाराम निवासी वासा का होना बताया। कोरोना में माता फुगनी देवी की मृत्यु होना बताया तथा पिता की मारपीट से डर के मारे घर छोड़कर निकलना बताया। इसके बाद बामनवाडजी मंदिर में रहने लगा और लोग खाना देते। वहां से रामदेवरा दर्शन के लिए पैदल जाने वाले जत्थे के साथ रवाना हो गया था। रास्ता भटकने से मंडवारिया पहुंच गया। पुलिस ने बाल कल्याण समिति की न्यायपीठ के समक्ष पेश किया। बालक को राजकीय बाल गृह में सुरक्षा की दृष्टि से रखा गया तथा उसका इलाज करवाया गया। उसके पिता लसाराम से बार-बार सम्पर्क करने के बावजूद बच्चे को लेने के लिए सिरोही आ रहा था।

पिता ने अपने पास किराए के पैसे तक नहीं होने की बात कहीं। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रतन बाफना एवं सदस्य प्रकाश माली, प्रताप सिंह व शशिकला मरडिया तथा उमाराम देवासी और जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राजेंद्र कुमार पुरोहित ने विचार-विमर्श कर बालक के पुनर्वास के लिए रोहिड़ा कुएं पर जाने का निर्णय किया। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रतन बाफना एवं सदस्य प्रकाश माली एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राजेन्द्र कुमार ने सरकारी प्रक्रिया पूर्ण कर बालक को उसके पिता को सुपुर्द किया।

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