कोरोना की दस्तक:कोरोना करीब आ रहा, पाली में 8 व जालाेर में 4 मरीज, शुक्र है हमारे यहां 26 दिन से 0

सिरोही2 महीने पहले
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लोग मास्क लगाना भूल गए है। सोशल डिस्टेंसिंग कहीं नजर नहीं आ रही। - Dainik Bhaskar
लोग मास्क लगाना भूल गए है। सोशल डिस्टेंसिंग कहीं नजर नहीं आ रही।
  • 11 जुलाई को आखिरी बार आए थे 2 पॉजिटिव, 20 जुलाई को कोरोना फ्री हुआ था सिरोही

पड़ोसी जिले पाली में पिछले दो दिनों में कोरोना के 8 और जालोर में एक ही दिन में 4 नए मरीज मिलने से हमारे यहां भी तीसरी लहर की दस्तक का खतरा बढ़ गया है। सिरोही जिले में 11 जुलाई को अंतिम बार 2 कोरोना पॉजिटिव सामने आए थे और 20 जुलाई को कोरोना मुक्त हुआ था।

दूसरी लहर का खौफनाक मंजर देख चुके जिलेवासी अब सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क को भूल चुके हैं। आगामी दिनों में पंचायतीराज चुनाव और त्योहारी सीजन के दौरान भीड़भाड़ के बीच कोरोना प्रोटोकॉल की पालना जरूरी है। हमारी लापरवाही ही तीसरी लहर का कारण बन सकती है। हालांकि, जिले में एक भी एक्टिव केस नहीं है।

इससे पहले 15 फरवरी से 2 मार्च तक कोरोना के नए मरीज मिलना बंद हुए थे और 1 मार्च को एक भी एक्टिव केस नहीं होने से हमारा जिला कोरोना फ्री हो गया था। लेकिन, इसके बाद आई दूसरी लहर ने जिलेवासियों को झकझोर दिया। संक्रमण की बाढ़ को रोकने के लिए सरकार को फिर से लॉकडाउन तक लगाना पड़ा। बड़ी मुश्किल से दूसरी लहर पर काबू पाया। देशभर के चिकित्सा विशेषज्ञों ने अगस्त-सितंबर में तीसरी लहर की आशंका जताई है। ऐसे में कोरोना गाइड लाइन को नजर अंदाज करना हमारे लिए खतरे का कारण बन सकता है, क्योंकि कोरोना प्रोटोकॉल टूटने से ही संक्रमण रफ्तार पकड़ता है।

रोजाना 500 सैंपलों की जांच, एक भी पॉजिटिव नहीं

जिला अस्पताल समेत सभी पीएचसी व सीएचसी पर कोरोना के सैंपल लिए जा रहे हैं। सिरोही लैब में रोजाना करीब 500 सैंपलों की जांच की जा रही। पिछले 26 दिनों से एक भी पॉजिटिव सामने नहीं आया। कोरोना मरीजों के लिए जिले में कुल 1610 बेड की सुविधा है। इसमें 826 साधारण बेड, 539 ऑक्सीजन बेड, 227 आईसीयू बेड वेंटिलेटर सहित और 18 बेड आईसीयू बिना वेंटिलेटर के शामिल हैं। ये सभी बेड खाली हैं।

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