जिला मुख्यालय पर नहीं पानी टेस्टिंग की सुविधा:लोगों को टेस्टिंग के लिए 70 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है आबू रोड

सिरोही5 महीने पहले
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सिरोही कहने को जिला मुख्यालय है, लेकिन यहां पानी टेस्टिंग की लैब तक नहीं है। जिले में पानी टेस्टिंग की लैब जिला मुख्यालय पर नहीं होने के कारण पानी की टेस्टिंग के लिए हर रोज 70 किलोमीटर दूर आबू रोड जाना पड़ता है। राज्य के 33 जिलों में से 32 जिला मुख्यालय पर पानी टेस्टिंग लैब है, लेकिन सिरोही एकमात्र ऐसा जिला है जिसमें जिला मुख्यालय पर पानी टेस्टिंग लैब नहीं है।

नगर परिषद पार्षद प्रवीण राठौड़ का कहना है कि शहर में पानी अणगौर बांध से वितरण किया जाता है। ऐसे में कभी-कभी पानी का वितरण सिरोही के कालकाजी तालाब से भी किया जाता है। कालकाजी तालाब के पानी की कोई टेस्टिंग नहीं होती है, जबकि कालकाजी तालाब में सफाई के अभाव में गंदगी की भरमार रहती है। राठौड़ का कहना है कि उन्होंने आमजन की ओर से विधायक संयम लोढ़ा को एक पत्र लिखकर मांग कि है कि जिला मुख्यालय पर पानी टेस्टिंग लैब होनी चाहिए। इससे आबूरोड आने-जाने पर खर्च होने वाले राजस्व की भी बचत होगी और आम जनता को भी पानी टेस्टिंग की सुविधा मिलेगी।

राजस्थान में पानी टेस्टिंग की 33 लैब हैं। इनमें से 32 लैब जिला मुख्यालयों पर है, लेकिन यह अलग ही विडंबना है कि राजस्थान में सिर्फ सिरोही जिला ही एक ऐसा जिला है, जहां पर पानी की टेस्टिंग के लिए 70 किलोमीटर दूर आबूरोड मुख्यालय जाना पड़ता है। आबूरोड एक तहसील मुख्यालय है, जो राजस्थान और गुजरात सीमा पर स्थित है। इस कारण वहां तक आने-जाने में काफी समय और पैसा बरबाद होता है।

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