अभी 3 दिन में पानी:जल संकट का स्थायी समाधान 2 साल दूर, बत्तीसा नाला और जवाई बांध से पानी लाने की डीपीआर तैयार

सिरोही2 महीने पहले
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  • इसी साल की दोनों बड़ी घोषणाएं की डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद 18 महीने में पूरा होगा काम

पीने के पानी के लिए पूरी तरह मानसून पर निर्भर हमारे जिले को अगले दो साल ऐसे ही हालात में रहना होगा। करीब 702 करोड़ रुपए की दो बड़ी परियोजनाएं बत्तीसा नाला और जवाई बांध से पानी लाने की डीपीआर बिना ज्यादा देर के मंजूरी मिल जाए तो भी काम पूरा होने में 18 महीने लगेंगे।

इसके बाद जिला मुख्यालय सिरोही, व्यापारी नगरी शिवगंज समेत कई गांवों व कस्बों में पीने के पानी की कमी नहीं रहेगी। बारिश नहीं होने पर जिले में पेयजल आपूर्ति को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गर्मियों में यह हालात बनते हैं कि जिले में टैंकरों से पानी सप्लाई करना पड़ता है। इस साल भी मानसून कम बरसा है, इसलिए अभी से पेयजल संकट पैदा हो चुका है।

आबूरोड तहसील के भाखर अंचल में बनवाए जा रहे बत्तीसा बांध से सिरोही शहर सहित 35 गांवों के लोगों को पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए 408 करोड़ रुपए के बजट की स्वीकृति मिली है। देलदर गांव के पास 577 एमसीएफटी भराव क्षमता वाले बत्तीसा बांध का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।

इसमें से 400 एमसीएफटी पानी को सिरोही, पिंडवाड़ा व सरुपगंज सहित आसपास के क्षेत्रों में बसे 35 गांवों में पीने के पानी के रूप में उपलब्ध करवाया जाएगा। बत्तीसा बांध परियोजना के एईएन मनीष जांगिड़ के अनुसार अक्टूबर 2018 में इस बांध निर्माण कार्य का शिलान्यास हुआ था।

इस काम को पूरा करवाने के लिए अक्टूबर 2022 तक का लक्ष्य रखा गया है। इधर, शिवगंज वृह्द परियोजना के लिए करीब 294 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके लिए शिवगंज तहसील के 71 गांवों को जवाई का पानी मिलेगा। इसके लिए तहसील के प्रत्येक गांव और ढाणी में नल कनेक्शन के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा। जवाई बांध से इन गांवों तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 500 किलोमीटर से ज्यादा पाइप लाइन बिछाई जाएगी।

दो लाइफ लाइन : बत्तीसा परियोजना में आबूरोड-पिंडवाड़ा और सिरोही के 35 गांवों और शिवगंज में जवाई से 71 गांवों को मिलेगा पानी

बत्तीसा पेयजल परियोजना
सरकार की ओर से इसके लिए करीब 408 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें सिरोही-पिंडवाड़ा व सरूपगंज-भावरी समेत 35 गांवों को जोड़ा गया है। करीब 200 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। बत्तीसा बांध का काम शुरू हो चुका है।

शिवगंज वृहद पेयजल परियोजना
शिवगंज तहसील के वे गांव जिनमें आज दिन तक नल से पानी नहीं पहुंचा ऐसे 71 गांव व ढाणियों को जवाई बांध से पानी मिलेगा। 294 करोड़ इसके लिए स्वीकृत किए गए है। करीब 500 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। नल कनेक्शन के माध्यम से घर-घर पीने का पानी पहुंचाया जाएगा।

मौजूदा हालात: 11 सितंबर से 72 घंटे में जलापूर्ति, बढ़ सकता है अंतराल
इस बार मानसून मेहरबान नहीं होने से सिरोही शहर की जलापूर्ति का मुख्य स्रोत अणगौर बांध सूखा पड़ा है। इसलिए जलदाय विभाग ने एकांतरे होने वाली जलापूर्ति को 11 सितंबर से 72 घंटे में कर दिया है। यदि बांध में 7 फीट तक पानी का स्टोरेज नहीं हुआ तो दिसंबर से 72 घंटे में होने वाली जलापूर्ति के समय को और भी बढ़ाया जाएगा।

टैंकर भी चलाने पड़ेंगे। जलदाय विभाग के सिटी जेईएन सत्यवीर सुरेला ने बताया कि अणगौर बांध में शहरवासियों के लिए अप्रैल को 7 फीट पानी अगले साल जुलाई तक के लिए रिजर्व रखा जाता है। इस बार जुलाई में मानसून नहीं बरसा और इसके बाद भी ऐसी तेज बारिश नहीं हुई कि बांध में पानी की आवक हो। इसलिए 72 घंटे में जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है जो दिसंबर के बाद फिर बदली जा सकती है।

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