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पूर्व सांसद पारसाराम का 66 साल की उम्र में निधन:गांव की पंचायत से देश की संसद तक पहुंचे थे मेघवाल; लंबे समय से किडनी और लिवर की बीमारी से पीड़ित थे

जालौर/सिरोही16 दिन पहले
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लंबे समय से किडनी और लीवर की बीमारी से ग्रसित पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल का आज बुधवार को 66 साल की उम्र में निधन हो गया। जालौर में उन्होंने अंतिम सांस ली। सांसद मेघवाल का सिरोही जिले से भी बहुत गहरा नाता रहा था। उनकी मृत्यु की खबर उनके रिश्तेदार भरत कुमार ने दी। गांव की पंचायत से अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले मेघवाल 1996 में 11वीं लोकसभा में कांग्रेस के टिकट पर वे जालोर-सिरोही क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के गेनाराम मेघवाल को 6 हजार 840 वोटों से हराया। उनके निधन से सिरोही जिले भर में शोक की लहर छा गई।

सिरोही जिले से भी रहा गहरा नाता
पूर्व मंत्री रतन देवासी ने बताया कि पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल का सिरोही जिले से भी बहुत गहरा नाता रहा है। उन्होंने लोकसभा में सांसद पद पर रहते हुए माउंट आबू में सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर की शिफ्टिंग को तत्कालीन गृह मंत्री से बात करके रुकवाया था। इसके अलावा उन्होंने सिरोही में कई विकास कार्य कराए। शहर की कब्रिस्तान की दीवार भी बनवाई और कई सड़कों की मंजूरी भी दिलवाई थी।

पिछले विधानसभा चुनाव में रेवदर से बनना चाहते थे विधायक
15वीं विधानसभा के चुनाव के दौरान पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल रेवदर क्षेत्र में सक्रिय हुए थे। वे चाहते कि वे रेवदर विधानसभा सीट से कांग्रेस का टिकट लेकर चुनाव लड़ें। इसके लिए उन्होंने आलाकमान से रेवदर क्षेत्र के लिए टिकट की भी मांग की थी। मगर कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा सांसद नीरज डांगी पर विश्वास जताकर उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया था।

राहुल गांधी के साथ पूर्व सांसद।
राहुल गांधी के साथ पूर्व सांसद।

जीवन परिचय
जालौर जिले के मडगांव के केसाराम मेघवाल के घर में 12 दिसंबर 1954 में पारसराम मेघवाल का जन्म हुआ था। सबसे पहले 1980 में वे पंचायत समिति के सदस्य बने। 1981 से 84 तक चुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति के उपाध्यक्ष रहे। 1985 से 1090 तक मडगांव के उप सरपंच भी रहे। 1995 में वे जालोर जिला कांग्रेस कमेटी में संयुक्त सचिव के पद पर रहे। 1995 से 1996 तक वे जिला परिषद में उप जिला प्रमुख पद पर रहे। इसके बाद वे वर्ष 1996 में 11वीं लोकसभा में वे कांग्रेस की टिकट से सांसद निर्वाचित हुए। वर्तमान में जालोर जिला योजना समिति के सदस्य भी रहे थे।

जिले के कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने ट्वीट करके पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि सरल ह्रदय, सहज, नेक, जमीनी कार्यकर्ता, जालोर-सिरोही के पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल जी के निधन से स्तब्ध हूं। मेघवाल एक ऐसे जनप्रतिनिधि थे जिन्होंने सांसद के रूप में सिरोही-जालोर के गांवो का सर्वाधिक दौरा किया था। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। विनम्र श्रंद्धाजलि।

पूर्व मंत्री रतन देवासी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्व सांसद पारसराम मेघवाल मेरे बहुत अच्छे मित्र थे। कांग्रेस के कई कार्यक्रमों में उन्होंने अपनी अच्छी की भूमिका निभाई थी। उनका जाना कांग्रेस पार्टी को बहुत बड़ी क्षति है। जिसकी पूर्ति कभी नहीं हो सकती।

गांधी जीवन दर्शन समिति के जिला संयोजक राजेंद्र सांखला ने पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि दलित समाज के बड़े नेता रहे थे। उनके जाने से कांग्रेस को बहुत बड़ी क्षति हुई है। सभी समाजों को साथ लेकर काम करने वाले पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल ने सांसद रहते अल्प समय में बहुत विकास कार्य किए थे।

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