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पंचदेवल की घटना:कुएं में 15 फीट पर बांध रखी थी मचान, मिट्टी ढहने से मुन्ना अंदर गिरा, मैंने रस्सी पकड़ ली, इसलिए बच गया

सिरोही8 महीने पहले
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ये है मौत का कुआं - Dainik Bhaskar
ये है मौत का कुआं
  • कुंए में बंधी ईंटों को हटाने उतरे थे दो मजदूर, मिट्टी ढहने से एक श्रमिक 120 फीट गहरे कुएं में गिरा
  • अंधेरा हाेने के कारण रेस्क्यू बंद किया, बुधवार सुबह फिर से शुरू करेंगे श्रमिक की तलाश

मुन्ना के साथ कुएं में मौजूद थानाराम ने बताई पूरी घटना

मैंने और मुन्ना ने पंचदेवल के एक कृषि कुएं पर कुएं से ईंटें हटाने का काम दो दिन पहले शुरू किया था। मंगलवार को हम चार लोग थे, जिसमें मुन्ना और मैं कुंए में उतरे थे, जबकि दो अन्य बाहर थे। इन्हें हम ईंटें निकाल दे रहे थे, जो बाहर फेंक रहे थे। 10 दिन पहले करीब 16 फीट की गहराई पर हमने अंदर तीन पाइप के सहारे मचान बांध दी थी, लेकिन किसी वजह से काम शुरू नहीं कर पाए।

मंगलवार सुबह हम दोनों कुंए के बाहर एक पेड़ के ठूंठ से बंधे तीन रस्सों के सहारे नीचे उतरे थे। कुएं में ईंटें हटा फर्मा लगाने का काम करना था। तीन लोहे के पाइप को कुएं की सतह के चारो ओर मिट्टी में धंसा कर हम लोगों ने उस पर दो मचान बांध दी थी। इसी मचान पर खड़े होकर काम कर रहे थे।

तभी दोपहर करीब 12 बजे अचानक से मुन्ना के तरफ से मिट्टी धंसने लगी और एक साथ बड़ी संख्या में मिट्टी पाइप पर आ गई, जिससे लोहे का पाइप बैंड हो गया और उसका संतुलन बिगड़ने से वह नीचे चला गया। गनीमत यह रही कि मेरी ओर वाले पाइप सही सलामत थे, लेकिन एक बार जैसे ही उनका संतुलन बिगड़ा मैंने एकदम से हाथ में रस्सा पकड़ लिया और उसके सहारे बाहर आ गया। मुन्ना हाथ में रस्सा पकड़ता या फिर संभलता उससे पहले ही वह करीब 120 फीट गहरे कुएं में जा गिरा।

विधायक समेत कलेक्टर-एसपी पहुंचे मौके पर, दोपहर बाद सिविल डिफेंस टीम ने शुरू किया रेस्क्यू, देर शाम एसडीआरएफ टीम भी पहुंची

दोपहर 12:30 बजे: विधायक लोढ़ा समेत कई अधिकारी माैके पर पहुंचे

इस घटना की जानकारी मिलते ही विधायक लोढ़ा, कलेक्टर, एसपी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। यहां घटना की पूरी जानकारी ली और इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने का प्लान शुरू किया। वहां से लोगों को हटा कुएं को चारों तरफ से ब्लॉक किया।

दोपहर 3 बजे: सिविल डिफेंस टीम के सदस्य पहुंचे मौके पर, क्रेन पर बांधी डोली: श्रमिक को निकालने रेस्क्यू की तैयारी शुरू की। मिट्टी फिर न धंसे इसलिए कुएं को चारों तरफ से ब्लॅाक किया। सिविल डिफेंस की टीम आई। क्रेन मंगवाई। क्रेन पर डोली बांधी।
शाम 4 बजे : क्रेन पर डोली बांध दो जनों से शुरू किया रेस्क्यू
रेस्क्यू ऑपरेशन 4 बजे शुरू किय गया। इसके लिए क्रेन पर डोली बांध पर नीचे दो लोगोंं को उतारा गया। इसके लिए मचान आड़े आ रही थी, जिसे 4 बजकर 20 मिनट पर मचान बाहर निकाली।

शाम 4:22 बजे : गले में सीटी बांध 55 साल के मांगीलाल नीचे उतरे: इसके बाद करीब 55 साल के मांगीलाल माली को रेस्क्यू बेल्ट बांध नीचे उतारा। करीब 15 मिनट तक वे गहरे कुंए में रहे। इसके लिए बाकायदा उनके गले में सीटी बांधी गई ताकि पता चल सके की वह नीचे सुरक्षित है।

शाम 5:15 बजे: श्रमिक को निकालने के लिए बुलाएं दो गोताखोर, पैर फंसने लगे तो बाहर निकाला: सिविल डिफेंस टीम को बुलाया। 5.15 बजे टीम के गोपाल कनौजिया व मुकेश राणा को कुएं में उतारा। 5.28 पर दोनों बाहर आए और बताया कि नीचे दलदल है। इनके भी पैर नीचे दलदल में फंसने लग गए थे।
शाम 5:56 बजे: एसडीआरएफ के जवानों ने शुरू किया रेस्क्यू: करीब आधे घंटे तक एसडीआरएफ के दो जवानों ने श्रमिक को निकालने की कोशिश की, लेकिन यह भी दलदल की वजह से सफल नहीं हो पाए। इन जवानों ने बताया कि पानी की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन संभव नहीं है। कम्प्रेशर मशीन मंगाई गई।

इस पूरी घटना का कारण केवल लापरवाही, बिना सुरक्षा उपकरण ही कुएं में उतरे श्रमिक

दोनों श्रमिक बिना सुरक्षा उपकरणों के ही कुएं में ईटों को निकालने का काम कर रहे थे। उनके शरीर पर न तो बेल्ट बांध रखा था न ही कमर पर रस्सी बांधी। 10 दिन पहले भी ऐसे ही नीचे उतरकर मचान बांधी थी।
लोहे के पाइप पर मचान और उस पर दोनों श्रमिकों का वजन

जिस पर बांस की मचान बांध रखी थी वह तीन लोहे के पाइप पर टीकी थी जो कुंए की सतह में धंसा रखी थी और इसके बाद इन दोनों श्रमिकों का वजन।
नीचे उतरे तब भी कमर पर रस्सी नहीं

कुएं में जब यह दोनों श्रमिक 15 फीट की गहराई तक उतरे तब भी इनके कमर पर रस्सी नहीं थी। यह दोनों केवल लोहे के पाइप पर टीके हुए थे।

ग्रामीण कुएं में उतरा, 60 फीट पर पानी व दलदल

कुआं 120 फीट गहरा था। मांगीलाल को इसमें रेस्क्यू के लिए उतारा। उसने बाहर आकर बताया कि 60 फीट पर पानी है। ऐसे में पानी तोड़ना पड़ेगा। इस दौरान विधायक संयम लोढ़ा, कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल, एसपी पूजा अवाना सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

  • कुछ दिनों पहले काम शुरू किया तब मिट्टी धंसी थी, इसको अनदेखा किया। रेस्क्यू शुरू किया है, लेकिन दलदल की वजह से एसडीआरएफ टीम की ओर से कम्प्रेशर मशीन मंगाई है। इससे मिट्टी हट जाती है और श्रमिक मिल जाता है तो ठीक, नहीं तो बुधवार सुबह फिर से रेस्क्यू शुरू किया जाएगा। - भगवती प्रसाद कलाल, कलेक्टर, सिरोही
लापरवाही की ये दो तस्वीरें: यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ लापरवाही के कारण ही हुआ है। कुएं के बाहर भी मिट्टी के सहारे लकड़ी के ठूंठ पर रस्सी बांधकर श्रमिक कुएं में नीचे उतरे थे। और जिन तीन पाइप पर मचान थी वह भी मिट्टी में ही धंसा रखी थी। हादसे के बाद विधायक, कलेक्टर व एसपी भी मौके पर पहुंचे।
लापरवाही की ये दो तस्वीरें: यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ लापरवाही के कारण ही हुआ है। कुएं के बाहर भी मिट्टी के सहारे लकड़ी के ठूंठ पर रस्सी बांधकर श्रमिक कुएं में नीचे उतरे थे। और जिन तीन पाइप पर मचान थी वह भी मिट्टी में ही धंसा रखी थी। हादसे के बाद विधायक, कलेक्टर व एसपी भी मौके पर पहुंचे।
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