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सावचेती:काेराेनाकाल में बंद रहे स्कूल 18 से खुलेंगे नाेट बुक, पेन साझा नहीं कर सकेंगे छात्र

सिरोही3 दिन पहले
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  • विद्यार्थियों को पीने के लिए पानी भी घर से लाना हाेगा, मास्क लगाकर रखना हाेगा

कोरोनाकाल में करीब 9 महीने बाद 18 जनवरी से स्कूल खुलने के बाद राैनक लाैट आएगी। लेकिन इस बार पहले की तरह स्कूलों का माहाैैल नहीं हाेगा। काेराेनाकाल काे देखते हुए बच्चों की सुरक्षा व मापदंडों काे देखते हुए एसओपी जारी की गई है। 18 जनवरी से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षण कार्य शुरू होगा, लेकिन अभिभावकों की सहमति पर ही विद्यार्थी स्कूल पहुंचेंगे। इसके लिए कक्षावार समय भी अलग-अलग तय किया गया है।

नई गाइडलाइन के अनुसार माध्यमिक स्तर की प्रत्येक कक्षा कक्ष में बैठक क्षमता के अधिकतम 50 प्रतिशत विद्यार्थी ही बैठाए जाएंगे। स्कूल प्रबंधन की ओर से साफ-सफाई, कक्षा में बैठक व्यवस्था, सेनेटाइजर व मास्क आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होगी। इतना ही नहीं, बिना मास्क के किसी काे भी प्रवेश नहीं मिलेगा। स्कूल समय में टीचर और स्टूडेंट दाेनाें काे ही मास्क लगाना अनिवार्य हाेगा। स्कूल प्रबंधन काे सफाई पर भी विशेष ध्यान रखना हाेगा।

इसके अलावा स्टूडेंट अपनी किताब, नाेटबुक, पेन, पेंसिल और टिफिन भी दूसरे बच्चों के साथ साझा नहीं करेंगे। यहां तक कि पानी की बाेतल भी घर से लानी हाेगी। इधर, इसकाे लेकर स्कूल प्रबंधन की ओर से तैयारी पूरी कर दी गई हैं। नई गाइडलाइन और एसओपी काे लेकर शुक्रवार काे पीटीएम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें इन सभी नियमों की जानकारी दी जाएगी।

अभिभावकों व शिक्षकों की मीटिंग कल, गाइडलाइन की देंगे जानकारी

कक्षा 10 व 12 के विद्यार्थियों का समय सुबह 9.30 से अपराह्न 3.30 बजे तक रहेगा। वहीं कक्षा 9 व 11वीं के विद्यार्थियों का समय सुबह 10 से शाम 4 बजे तक रहेगा। सभी मानकों की पालना करनी होगी। विद्यार्थियों के स्कूल में प्रवेश व निकासी के समय स्कूल का मुख्य दरवाजा पूरा खुला रखना होगा। प्रवेश व निकास के समय एक शिक्षक की ड्यूटी गेट पर रहेगी। सभी कार्मिकों, शिक्षकों एवं स्टूडेंट काे आवश्यक रूप से फेस मास्क का प्रयोग करना होगा।

प्रार्थना सभा खेल और उत्सव पर रहेगी रोक
विभागीय एसओपी के तहत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। इसलिए स्कूल में भीड़भाड़ न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस क्रम में एक जगह विद्यार्थी एकत्रित न हो, इसके लिए प्रार्थना सभा, रैली आयोजन, उत्सव और खेल आदि पर प्रतिबंध रखा गया है। वहीं स्कूल खुलने से पहले पूरे परिसर को सेनेटाइज करवाना होगा।

स्कूलों काे इन गाइडलाइन का करना हाेगा पालन

  • स्कूल खोलने से पहले बैठक व्यवस्था बोर्ड पर चस्पां की जाएगी, जिससे विद्यार्थी तय सीट पर ही बैठ सके।
  • विद्यार्थियों के आगमन और प्रस्थान का समय अलग-अलग रखा जाएगा ताकि आवाजाही के समय भीड़ नहीं हो।
  • कोई भी विद्यार्थी अपना पेन, नोटबुक व किताब दूसरों से साझा नहीं करेगा।
  • विद्यार्थी अपने कक्ष में भोजन करेंगे। यथासंभव टिफिन और पानी की बोतल खुद लाएंगे।
  • स्टाफ व विद्यार्थियों को मास्क लगाकर रहना होगा। मास्क बिना किसी का भी प्रवेश नहीं होगा।
  • स्कूल में हर समय मास्क सेनेटाइजर उपलब्ध रहेगा। स्कूल वाहिनी के उपयोग से पहले और बाद में सेनेटाइज करना होगा।
  • स्कूल वाहिनी में प्रवेश या स्कूल में प्रवेश के समय थर्मल स्केनिंग भी होगी।

स्कूलों पर एक नजर
जिले में कुल सरकारी स्कूल 230
जिले में माध्यमिक स्कूल
47
जिले में उमावि
183
जिले में निजी स्कूल जिसमें माध्यमिक व उच्च माध्यमिक
86

सभी स्कूल काे एसओपी की पालना करनी होगी। प्रत्येक स्कूल प्रबंधन दल गठित करेगा, जिसमें चिकित्सक, एएनएम, कंपाउंडर शामिल होंगे। समय-समय पर स्टूडेंट के स्वास्थ्य की जांच करनी होगी। स्कूल के फर्श, गेट, खिड़की, नल आदि की बार-बार सफाई करवाई जाएगी। कुर्सी, दरी, स्टूल, बोर्ड, कम्प्यूटर व अन्य उपकरणों को प्रतिदिन सेनेटाइज करना होगा। स्कूल में हाथ धोने के लिए साबुन, साफ पानी की व्यवस्था करनी होगी। बच्चों को लंच के समय, लघुशंका आदि के बाद मानक के अनुसार हाथ धोने को प्रेरित करना होगा। मिड-डे मील नहीं बनेगा। बच्चों को सूखा राशन उपलब्ध करवाया जाएगा।
मूलशंकर मेघवाल, सहायक निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान

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