बरलूट का चर्चित केस:10 लाख की डील से भी नहीं टली गिरफ्तारी, भाई के पास मैंगलोर में नाम बदल फर्नीचर का काम करता मिला तस्कर

सरूपगंज2 महीने पहले
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  • डोडापोस्त मामले में मौके से भगा दिए गए 2 में से 1 आरोपी रमेश विश्नोई गिरफ्तार

डोडापोस्त तस्करों से 10 लाख की डील मामले में मौके से भागे दो तस्करों में एक कर्नाटक के मैंगलोर से 20 दिन बाद पकड़ा गया। एसपी की स्पेशल टीम को रमेश पुत्र लादूराम गोदारा को गिरफ्तार कर सिरोही लाया गया है। रमेश विश्नोई बाड़मेर के धोरीमन्ना इलाके के सियाकों की बेरी का रहने वाला है।

आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब तक की पूछताछ में उसने डोडा तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है। एसपी के निर्देश पर मेंगलोर गई स्पेशल टीम ने मुखबिरों और तकनीकी सहायता से आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

मैंगलोर में रमेश विश्नोई का भाई स्टील फर्नीचर का काम करता है इसलिए आरोपी रमेश अपनी पहचान बदलकर वहां हनुमान बन गया। इसके लिए उसने हनुमान राम पुत्र तुलसाराम विश्नोई निवासी सड़या बाड़मेर के नाम की आईडी हासिल कर ली थी। इसी दौरान तस्करों की तलाश में जुटी पुलिस को उसके मेंगलोर में होने की जानकारी मिली।

एसपी धमेंद्र सिंह ने स्वरूपगंज एसएचओ हरिसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में सिरोही पुलिस टीम को मेंगलोर भेजने के साथ ही मेंगलोर पुलिस का भी सहयोग लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने में सरूपगंज थाना प्रभारी हरी सिंह राजपुरोहित, कांस्टेबल दिनेशकमार, बजरंगलाल, परमेश्वरलाल, रामलाल, छगनलाल, भवानीसिंह, रमेश कुमार, सुरेश कुमार की भूमिका रही।

बरलूट से भागकर पहले सरगना के पास धोरीमन्ना गया था दिनेश

रमेश ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि डोडापोस्त से भरी कार पंक्चर होने के बाद वह और दिनेश विश्नोई मौके से भाग गए थे। मौके से फरार होने के बाद वह काफी देर तक पैदल चलता रहा है। बाद में जालोर बॉर्डर के किसी गांव के पास उसे मोटरसाइकिल वाले से लिफ्ट मिली और वहां से बस और अन्य साधनों से वह धोरीमन्ना पहुंच गया था। धोरीमन्ना में वह सीधा तस्करों के सरगना मांगीलाल विश्नोई के पास गया। वहां कुछ दिन रहने के बाद जब पुलिस ने इनके ठिकानों पर दबिश शुरू की तो वह फरार होकर अपने भाई के पास कर्नाटक के मैंगलोर पहुंच गया।

डोडापोस्त छोड़कर भागे, उसके बाद हुई थी डील

सिरोही जिले के बरलूट थाने में 15 नंवबर रविवार को नाकाबंदी के दौरान डोडापोस्त से भरी कार पंक्चर हो गई थी। गाड़ी छोड़कर भागे दोनों तस्करों की पुलिस से डील हुई थी। डील के कारण ही थाने की एसएचओ सीमा जाखड़ और तीन कांस्टेबल जिसमें रमेश कुमार, ओमप्रकाश और हनुमान को पहले सस्पेंड और फिर बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले में दो मध्यस्थों में से एक सेवाड़ा निवासी हेमाराम (42) पुत्र छोगाराम विश्नोई को 28 नवंबर को पकड़ा जा चुका है।

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