प्रतापगढ़ में इस साल भी बढ़ा नामंकन:3583 नए बच्चों ने कराया एडमिशन, उदयपुर संभाग में रहा अव्वल

प्रतापगढ़14 दिन पहले

पूरे उदयपुर संभाग में स्कूल में एडमिशन के मामले में केवल प्रतापगढ़ में ही इस साल बढ़ोतरी हुई है। जबकि अन्य सभी जिलों में 6000 से लेकर 12000 तक स्टूडेंट घट गए हैं। बांसवाड़ा सहित प्रदेशभर में कोरोना के कारण पिछले साल जो सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ा था। उसमें इस बार फिर भारी गिरावट दर्ज की गई है। महज बांसवाड़ा जिले में ही अब तक हुए नामांकन में 11994 स्टूडेंट्स का नामांकन घट गया है। यह आंकड़ा संभाग में सबसे ज्यादा है। संभाग में सिर्फ प्रतापगढ़ ही ऐसा जिला है, जहां 3583 स्टूडेंट्स का नामांकन पिछले साल से ज्यादा बढ़ा है। कोरोना महामारी के कारण राजकीय विद्यालयों के नामांकन में आया बूम इस बार घटता हुआ नजर आ रहा है।

नामांकन को लेकर सफल रहा अभियान
प्रतापगढ़ में नामांकन बढ़ने के पीछे जो कारण है वह यह है कि प्रतापगढ़ के शिक्षक और स्कूल के बच्चे हर रोज ऐसे रास्ते पर सफर तय करते हैं जिन पर दूसरे लोग मजबूरी में ही चलना पसंद करेंगे। यहां के ज्यादातर ग्रामीण स्कूल दूरदराज के पथरीले रास्तों से होकर जंगल और पहाड़ियों के बीच स्थित है। नामांकन को लेकर चलाया गया अभियान भी सफल रहा। इसके अलावा पूर्व शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी वर्तमान में प्रतापगढ़ कलेक्टर भी है। उनके आने के बाद से शिक्षा विभाग में बदलाव की बयार चली है।

कोरोना में इस कारण बढा था दूसरे जिलों में नामांकन
कोरोना काल में विद्यार्थियों को प्रमोट करने के बावजूद निजी विद्यालयों द्वारा फीस वसूली की मनमानी से तंग आकर अभिभावकों ने राजकीय विद्यालयों की ओर रूख किया था। लेकिन, मात्र एक ही साल में अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का राजकीय विद्यालयों से वापस लौटना अन्य जिलों के शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय है। शाला दर्पण पोर्टल के अनुसार पूरे प्रदेश में 93,99,269 नामांकन है जो पिछले साल 98,96,349 तक पहुंच चुका था। यानि साफ है कि अभिभावकों ने फिर से निजी स्कूलों की तरफ रूख कर लिया है क्योंकि वहां पढ़ाई की नियमितता लौट आई है। जबकि प्रतापगढ़ में यह बढ़ गया।

10% नामांकन बढ़ाना था, 5% कम हो गया
प्रतापगढ़ के साथ अन्य जिलों में इस बार शिक्षा विभाग ने प्रवेशोत्सव लिए काफी मशक्कत की, लेकिन फिर भी सफलता नहीं मिली। विभाग ने 10 प्रतिशत नामांकन बढ़ोतरी का लक्ष्य तय किया। इसके उलट नामांकन में 5.02 प्रतिशत की कमी हो गई। नामांकन में सबसे अधिक कमी जयपुर में एवं सबसे कम कमी जैसलमेर में हुई। जबकि, गत वर्ष विभाग ने प्रवेशोत्सव के लिए कोई खास मशक्कत नहीं की थी। इसके बावजूद प्रदेश के प्रत्येक जिले में नामांकन में वृद्धि हुई थी। नामांकन में सबसे अधिक वृद्धि जोधपुर में तथा सबसे कम प्रतापगढ़ में हुई थी।

हमने तीन चीजों पर काम किया
बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए हमने तीन काम किए। आंगनबाड़ियों से ड्रॉपआउट बच्चों की लिस्ट मांगी और उन्हें प्रवेश उत्सव में फिर से जोड़ा। एनीमिया मुक्त अभियान में केवल आंगनवाड़ी के बच्चों ही नहीं स्कूल छोड़ चुके बच्चों के घरों तक भी पहुंचे और उन्हें 16-17 बीमारियों से बचाने के लिए लाभ दिया। शिक्षक डोर टू डोर पहुंचे। स्कूलों में पढ़ाई ही नहीं, नवाचार पर भी काम किया। ऐसे और भी कुछ तरीके अपनाएं जिससे अभी नामांकन और बढ़ेगा।
सौरभ स्वामी, कलेक्टर, प्रतापगढ़।

संभाग में केवल प्रतापगढ़ में ही बढ़ा नामांकन

जिलाइस सालपिछले सालकमी/बढ़ोतरी
उदयपुर551984559003-7019
प्रतापगढ़191041187458+3583
बांसवाड़ा390707402701-11994
डूंगरपुर307124316247-9123
राजसमंद212404218865-6461
चित्तौड़गढ़223459234669-11210
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